घूम घुमेला लहँगा पहिने, …………….. By ~ kmsraj51 ……..


घूम घुमेला लहँगा पहिने, …………….

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1- घूम घुमेला लहँगा पहिने,
एक पाँव से रहे खड़ी
आठ हात हैं उस नारी के,
सूरत उसकी लगे परी ।
सब कोई उसकी चाह करे है,
मुसलमान हिन्दू छत्री ।
खुसरो ने यह कही पहेली,
दिल में अपने सोच जरी ।

उत्तर – छतरी

2- तुर्की सोच न पाईना ………………

फ़ारसी बोली आईना,
तुर्की सोच न पाईना
हिन्दी बोलते आरसी,
आए मुँह देखे जो उसे बताए

उत्तर—दर्पण