मेरे बारे में – About kmsraj51 !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..


kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

kms-1151

About kmsraj51

मेरे बारे में …..

Hello Friends , I am Krishna Mohan Singh 51 or kmsraj51

आज़ाद ख्यालों वाला मनमानी बाबू …..


दोस्तों द्वारा मैं Simple, KMS, Rajyogi, 21st Century Yug-Purush, KMSRAJ51, KRISHNA, PRABHU Ji, Always Positive Thinker, Sweet, Cute, Innocent, Intelligent, Sensitive, Emotional, Loving, Caring, Logical, Thought Provoking, Versatile, Profound, Author, Writer, Trainee, Helping और Mad :p जैसे कई प्यारे-प्यारे शब्दों से Navaja Gya हूँ. वैसे इस list में मैं अपनी ओर से Rational और Unbiased ये दो शब्द और जोड़ना Chahta हूँ. क्योंकि गलत बातों और गलत लोगों का समर्थन मैं नहीं कर Pata चाहे उसमें मेरा स्वार्थ ही क्यूँ ना छिपा हो. किसी की नेतागिरी और अच्छे विचारों को कैद करने और दबाने की कोशिश यह भी मुझसे बर्दाश्त नहीं होता. मैं आज़ाद हूँ और हमेशा आज़ाद रहना Chahta हूँ.

मैंने यह Website (https://kmsraj51.wordpress.com/) क्यों बनायी ?


 अपने जीवन को अपनी क्षमता के अनुरूप सार्थक बनाना Chahta हूँ तो यह Blog भी उसी दिशा में उठाया गया मेरा कदम है. सकारात्मक विचार और आध्यात्मिकता ( Positive Thoughts & Spirituality ) पर लिखना मुझे बहुत पसंद है. संवेदनशील हूँ इसलिए ऐसी बातें बहुत जल्दी मेरा ध्यान आकर्षित करती है.

 सामाजिक बुराइयों का खात्मा, लोगों में जागरूकता पैदा करना, धर्म के सही और सच्चे स्वरुप की रक्षा करना और उसे जन-जन तक पहुँचाना यही इस blog का उद्देश्य है.

 आज दुनिया की सारी समस्याओं की जड़ नैतिक मूल्यों (Moral Values) का अवमूल्यन है. मुझसे किसी ने कहा था मेरे शब्दों में दुनिया को बदलने की ताकत है. बस इसी ताकत को आजमाना Chahta हूँ और इस blog के माध्यम से मानव मूल्यों की रक्षा करना Chahta हूँ. अगर एक व्यक्ति की भी सोच सही दिशा में बदलती है तो मेरा लिखना सार्थक होगा.

 सरल हिंदी भाषा में अपने विचारों को जन-जन तक पहुँचाना भी इस blog का उद्देश्य है. कहीं-कहीं Hinglish का प्रयोग इसलिए किया गया है क्योंकि यह technical कारणों से blog के लिए जरुरी है और आज की युवा पीढ़ी को भी यही भाषा सबसे ज्यादा अच्छे तरह से समझ आती है. विचारों को मैं भाषा से ज्यादा महत्त्व Deta हूँ और हर पीढ़ी के लोगों को अपने लेखन से जोड़ना Chahta हूँ. बाकि हिंदी के लिए जो प्यार और सम्मान है वह तो हमेशा रहेगा ही.

 लिखने और पढने वाले लोगों के लिए एक platform उपलब्ध करवाना Chahta हूँ.
 हर विषय पर आसान हिंदी भाषा में content उपलब्ध करवाना भी इस blog का उद्देश्य है.

More Details About Me

Name : Krishna Mohan Singh

Nick Names : Rajyogi, Manmani Babu, Krishna, KMS, KMSRAJ51,
Prabhu Ji, 21st Century Yug-Purush, ETC.

Education : MSc-IT from Mahatma Gandhi University

Occupation : Freelance Writing, Teaching,
Administrator (IT Software, Hardware & Networking) .

Residence : Chunar, Mirzapur, U.P. India

Hobbies : Writing, Blogging, Drawing, Public Speaking, Playing Badminton & Football, Swimming, Cycling, Shopping, Creative Works ETC.

Religious Views : Humanity and Ahinsa

Languages : Hindi, English, Punjabi, Marathi, Bojpuri

Websites : https://kmsraj51.wordpress.com/

And

http://mcitpkmsraj51.blogspot.in/


Facebook Page : kmsraj51

Twitter Page : @kmsraj51

Email ID : kmsraj51@yahoo.in

Note :


अगर आपको https://kmsraj51.wordpress.com/ पर लिखे गए विचार अच्छे लगे हैं और आप इससे हमेशा जुड़े रहना चाहते हैं तो Email Subscription लेना ना भूले और मेरा Facebook Page & Twitter Page भी join करें. अगर आप भी https://kmsraj51.wordpress.com/ के लिए contribute करना चाहते हैं तो अपनी Poems/Poetry, Articles, Quotes, Essays आदि मुझे kmsraj51@yahoo.in पर मेल करें. उपयुक्त होने पर उन्हें आपकी photo के साथ प्रकाशित किया जायेगा.

(:-Thank You Friends….. Aapka – kmsraj51 ….. अपना ख्याल रखियेगा -:)

Advertisements

हैं सबसे मधुर वो गीत – हिन्दी कविता !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..

kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

हैं सबसे मधुर वो गीत जिन्हें, हम दर्द के सुर में गाते हैं
जब हद से गुज़र जाती है खुशी, आँसू भी छलकते आते हैं
हैं सबसे मधुर वो गीत
(पहलू में पराये दर्द बसाके, हँसना हँसाना सीख ज़रा
तू हँसना हँसाना सीख ज़रा ) – २

तूफ़ान से कह दे घिर के उठे, हम प्यार के दीप जलाते हैं
हम प्यार के दीप जलाते हैं
हैं सबसे मधुर वो गीत …
(काँटों में खिले हैं फूल हमारे, रंग भरे अरमानों के
रंग भरे अरमानों के ) – २

नादान हैं जो इन काँटों से, दामन को बचाये जाते हैं
दामन को बचाये जाते हैं
हैं सबसे मधुर वो गीत …
(जब ग़म का अन्धेरा घिर आये, समझो के सवेरा दूर नहीं
समझो के सवेरा दूर नहीं ) – २

हर रात की है सौगात यही, तारे भी यही दोहराते हैं
तारे भी यही दोहराते हैं
हैं सबसे मधुर वो गीत …

Note::-


यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!


(((((~)))))~(((((~))))) kmsraj51 की कलम से ..(((((~)))))~(((((~)))))