कुछ दिन पहले।


Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ कुछ दिन पहले। ϒ

कुछ दिन पहले इस किताब में –
महक रहे थे बरक नये।

जिल्दसाज तुम बतलाओ।
वे सफे सुनहरे किधर गये।

जहाँ इत्र की महक रवां थी।
जलने की बू आती है।

दहशत वाले बादल कैसे।
आसमान में पसर गये।

बूढ़ा होकर इंकलाब क्यों –
लगा चापलूसी करने।

कलमों को चाकू होना था।
क्यों चमच्च में बदल गये।

बंधे रहेंगे सब किताब में।
मजबूती के धागे से।

एक तमन्ना रखने वाले।
बरक-बरक क्यों बिखर गए।

जिल्दों से नाजुक बरकों को।
क्या तहरीर बचाएगी।

क्या मजनून बदलने होंगे।
गढ़ने होंगे लफ़्ज नए।

©- डॉ कौशल किशोर श्रीवास्तव, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश। 
हम दिल से आभारी हैं – डॉ कौशल किशोर श्रीवास्तव जी के प्रेरणादायक हिन्दी कविता साझा करने के लिए।

डॉ कौशल किशोर श्रीवास्तव जी के लिए मेरे विचार:

आपकी कविताओं को गहराई से जो भी समझे – मानो उसका जीवन धन्य हो जाएं। मानो उसने हीरा ही पा लिया हो। दिल को छूनेवाली – अत्यंत सुंदर कविता।

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,, https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note:-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to become themselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”~KMSRAJ51

Advertisements

2 thoughts on “कुछ दिन पहले।

  1. ” आपके द्वारा प्रकाशित ये ग़ज़ल ” सोमवार 17 जुलाई 2017 को साझा की जाएगी……………… http://4yashoda.blogspot.in पर साझा की गई है आप भी आइएगा….धन्यवाद!

Comments are closed.