अच्छे संस्कार – सुख, शांति व सफलता का आधार।

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ϒ अच्छे संस्कार – सुख, शांति व सफलता का आधार। ϒ

Good manners – a happy, peaceful and successful basis.

तेजी से बदलते सामाजिक एवं पारिवारिक ताना-बाना के बीच आज लोग व्याकुल हो रहे है। अपनी व्यस्तता के बीच एकल परिवारों में बच्चों में संस्कारों के बीज बोना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। इससे बचा जा सकता है, यदि बच्चों को बचपन से ही ईश्वर के मार्ग पर डाल दिया जाए।

संस्कारवान बच्चों के पथभ्रष्ट होने या माता-पिता तथा अन्य ज्येष्ठों में आस्था गंवाने का प्रश्न ही नहीं उठता।

बच्चा कच्चे घड़े जैसा होता है, उसे आकार दिया जा सकता है। यदि आपके पास ज्यादा वक्त नहीं भी है तो स्वयं ईश्वर में आस्था रखें और अपने बच्चों को भी अपने साथ पूजा पाठ में शामिल करें, ज्ञान, ध्यान और योग के उसमें संस्कार डालें।

आज के जनरेशन को अच्छे ज्ञान, ध्यान व योग तथा आध्यात्मिक ज्ञान एवं अच्छे संस्कार की अत्यंत जरूरत है। तभी उनका जीवन सुखी, शांतिमय व तृप्त तथा सफल होगा।

किसी ने सच ही कहा है कि –

  • अच्छे संस्कार किसी माॅल से नहीं, परिवार के माहौल से मिलते हैं।
  • कौन व्यक्ति कैसा है, इसकी सही पहचान उसके रंग-रूप-जाति से नहीं, वरन उसके जीवनगत संस्कार से होती है।
  • व्यक्ति के संस्कार ऊँचे हो तो छोटा होकर भी उच्च आदर्श को स्थापित कर जायेगा।
  • यदि व्यक्ति का संस्कार निम्न है तो उसके ऊँचे कुल में पैदा होने के वावजूद भी, कुलिनता पर व्यंग ही होगा।
  • कौन व्यक्ति कैसा है यदि इसकी पहचान करनी है तो उसके संस्कारों को जानो, सदैव ही संस्कार व्यक्ति का सही मूल्यांकन करवाता है।
  • संस्कार जीवन की नीव है, जीने की संस्कृति है, यही व्यक्ति की मर्यादा ओर उसकी गरिमा है।
  • संस्कारों ने व्यक्ति को सदा सुखी ही किया और जो संस्कारों को महत्व नहीं देता है, उसे अन्तत: पछताना ही पड़ता है।
  • संस्कारों का व्यक्ति के साथ ऐसा सम्बन्ध है जैसा कि जल का जमीन के साथ।
  • जिस प्रकार जल के बिना धरती बंजर हो जाती हैं, उसी प्रकार संस्कारों के बिना व्यक्ति का कोई महत्व ही नहीं होता।
  • संस्कार और संगती दोनों अच्छी मिल जाये तो फिर क्या कहना, व्यक्ति महान व गुणवान हो जाता है।
  • एक माता_पिता वह होते है जो सन्तान को केवल जन्म देते है, दूसरे माता_पिता वह होते है जो अपनी सन्तान को जन्म देने के साथ_साथ सही संस्कार भी देते है।
  • बच्चों को अच्छे संस्कार देने वाले माता_पिता, गुरु का भी दायित्व निभाते है।
  • आज के जनरेशन को अच्छे ज्ञान, ध्यान व योग तथा आध्यात्मिक ज्ञान एवं अच्छे संस्कार की अत्यंत जरूरत है। तभी उनका जीवन सुखी, शांतिमय व तृप्त तथा सफल होगा।

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जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं।~Kmsraj51

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– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

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निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

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“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

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21 ऐसे महावाक्य जो आपके जिंदगी को बदल दे।

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ϒ 21 ऐसे महावाक्य जो आपके जिंदगी को बदल दे। ϒ

प्यारे दोस्तों – ज़िंदगी बहुत छोटी है इसलिए समय बर्बाद मत करो। समय के महत्व काे समझे व समय के साथ-२ चलने का अभ्यास करें। अपने Mind काे कुछ इस तरह से खुराक दें।

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  • जीवन में जब भी समस्याये आती है, हमारी साेई हुई मानसिक शक्तियों काे जगाकर जाती हैं।〈1〉
  • कहते है सत्य काे चाहे जितना भी छिपाने कि कोशिश करलाे, पर एक ना एक दिन सत्य प्रत्यक्ष हाे ही जाता हैं। इसलिए सत्य को कभी भी छिपाने की कोशिश ना करें।〈2〉
  • करुणा व शील किसी भी इंसान काे सत्य की गहराई तक ले जाता हैं।〈3〉
  • अपने स्‍वप्‍नाें काे अपने Mind में सदैव स्मरण(याद) करते रहाे और उसी अनुसार तीव्र गति से आगे बढ़ते रहाे।〈4〉
  • यह शरीर (हम मनुष्यों का शरीर) पांच तत्वों (Five Elements) से मिलकर बना है, शरीर सदैव ही इन्हीं पांच तत्वों(पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु व आकाश) की माँग करता है, इस शरीर काे इन पांच तत्वों के अलावा और कुछ भी नहीं चाहिए।〈5〉
  • आत्मा इस शरीर रूपी कार का चालक(Driver) है, जब तक शरीर रूपी कार सही है- तब तक आत्मा इसे चलाती रहती हैं।〈6〉
  • हर एक इंसान(मनुष्य) कि यहीं सोच हाे, की उसकी वजह से कभी भी किसी काे कोई दुःख ना पहुँचे।〈7〉
  • हर इंसान(मनुष्य) के अंदर असीमित शक्तिया निहित(भरी) है। अपनी आंतरिक शक्तियों काे समय प्रमाण Use करना सीखें।〈8〉
  • आपकाे अपने और अपने कार्य के ऊपर पूर्ण विश्वास हैं ताे आपकाे अपने लक्ष्य तक पहुंचने से काेई भी(इंसान या शक्ति) राेक नहीं सकता।〈9〉
  • इस पृथ्वी पर सबसे ज्यादा अगर काेई पूज्यनीय है ताे वह है माता-पिता।〈10〉
  • अपने संकल्प और कर्म में दृढ़ता लाये, कोई भी निर्णय सोच-समझ कर ही लें।〈11〉
  • शरीर यदि बीमार है ताे आप मन से बीमार न हाे जाये, जाे मन से बीमार नहीं हाेता, उसके शरीर की बीमारी भी अतिशीघ्र ही दुर हाे जाती हैं।〈12〉
  • चिंता करने से मन और बुद्धि क्षीण हो जाती है। जिसके परिणाम स्वरूप ना ही सही सोच पाते हैं, ना ही सही निर्णय ले पाते हैं।〈13〉
  • जीवन में कभी भी सीखना(learn)बंद ना करें। हर एक क्षेत्र (Sector) का ज्ञान रखना अपने आप काे Present time में Secure रखने जैसा हैं।〈14〉
  • जीवन में हर एक चीज का बैलेंस बनाकर चलें।〈15〉
  • खान-पान और संग का असर मन पर बहुत ज्यादा पड़ता है। खान-पान में शुद्धि हाे और संग अच्छाें का हाे ताे ही अच्छा हैं।〈16〉
  • अच्छे व सच्चे इंसान काे आज के समय में सब नहीं पहचान पाते। अंतरज्ञानी आत्मा ही सच्चे इंसान काे पहचान पाती हैं।〈17〉
  • जीवन में जब भी बाेलाे सत्य ही बाेलाे, अन्यथा बाेलाे ही ना ताे ही अच्छा।〈18〉
  • चाहे काेई कितना भी बड़ा विकर्मी क्यो न हाे उसके अंदर भी कोई ना कोई गुण और विशेषताएं अवश्य हाेगी। गुणाे काे ग्रहण करना सीखें, चाहे परिस्थिति व स्थान कैसा भी हाे।〈19〉
  • अपनी सोच पर “विचार सागर मंथन” करना सीखें।〈20〉
  • अगर जीवन में कुछ करने की ठान लें, तो पीछे ना हटे।〈21〉

अपने आप को आप स्वयं रोकते है।~सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग।

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जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

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निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

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* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

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“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

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