सफलता का आश्वासन।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ सफलता का आश्वासन। ϒ

प्रशंसा मानव स्वभाव की ऐसी कमजोरी है कि – जिससे बडे-बडे ज्ञानी भी नही बच पाते। उस के जाल मे फँस जाते है॥

⇒ भविष्य के सपने जरूर देखो मगर मन को वर्तमान में लगाओ। अतीत को याद कर-करके ना अपना समय गवांओ। जो है सामने उसमें अपना दिल लगाओ॥

 जिसे हम चाहते है बहुत। उसी के पास ताकत होती है। हमे रूलाने की।

⇒ भूखा पेट, खाली जेब और झूठा प्रेम इंसान को जीवन मे बहुत कुछ सिखा देता है।

⇒ सम्मान पूर्वक जीने का तरीक़ा यह है, कि जैसा अपने को दिखाना चाहते है वैसा ही भीतर से बनने की कोशिश करे,और बने।

⇒ यह दुनिया गोल है,अपनी धुरी पर घुमती है, जो आज आपके सामने है – निश्चित ही कल आपको उसके सामने होना हाेगा।

⇒ जन्नत मैं सब कुछ हैं – मगर मौत नहीं हैं। धार्मिक किताबों में सब कुछ हैं मगर – झूठ नहीं हैं। दुनिया में सब कुछ हैं – लेकिन सुकून नहीं हैं। इंसान में सब कुछ हैं – मगर सब्र नहीं हैं।

⇒ इक उम्र गुज़ार दी हमने -रिश्तों का मतलब समझने में। लाेग मसरूफ है – मतलब के रिश्ते बनाने में।

⇒ किसी को भी खुश करने का अगर – मौक़ा मिले तो कभी भी छोड़ना नहीं। क्योंकि वो फ़रिश्ते ही होते है जो कि – किसी के चेहरे पर मुस्कुराहट दे पाते है।

⇒ अगर किसी ने आपको गलत मान ही लिया है तो – उस पर सफ़ाई देने का मतलब है, कि खुद को खुद की नज़रों मे गिराना। सफ़ाई वहाँ देनी चाहिये – जहाँ उसे सुनने और समझने वाला एक खुला दिमाग़ हो।

⇒ यदि कोई व्यक्ति बुरी सोच के साथ – बोलता या काम करता है, तो उसे कष्ट ही मिलता है। यदि कोई व्यक्ति शुद्ध विचारों के साथ –
बोलता या काम करता है, तो – उसकी परछाई की तरह “ख़ुशी” उसका साथ कभी नहीं छोडती।

©- विमल गांधी जी। 

Vimal Gandhi-kmsraj51

विमल गांधी जी।

हम दिल से आभारी हैं विमल गांधी जी के प्रेरणादायक हिन्दी Quotes साझा करने के लिए।

विमल गांधी जी के लिए मेरे विचार:

“विमल गांधी जी” की कविताआे के हर एक शब्द में अलाैकिक सार भरा हैं। जाे हर एक शब्द पर विचार सागर-मंथन कर हृदयसात करने योग्य हैं। कविताऐं छोटी और सरल शब्दाे में हाेते हुँये भी हृदयसात करने योग्य हैं। जाे भी इंसान इन कविताओं काे गहराई(हर शब्दाे का सार) से समझकर आत्मसात करें, उसका जीवन धन्य हाे जायें।

पढ़ें – विमल गांधी जी कि शिक्षाप्रद कविताओं का विशाल संग्रह।

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जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

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Note:-

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“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

 

 

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अपनी आदतों को कैसे बदलें।

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ϒ अपनी आदतों को कैसे बदलें। ϒ

ज़िंदगी बहुत छोटी है इसलिए समय बर्बाद मत करो। 

प्यारे दोस्तों – ज़िंदगी बहुत छोटी है इसलिए समय बर्बाद मत करो। समय के महत्व काे समझे व समय के साथ-२ चलने का अभ्यास करें। अपने Mind काे कुछ इस तरह से खुराक दें।

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  • अधिकतर लाेग अपनी आदताें काे खुद पर नियंत्रण करने की अनुमति दे देते हैं। अगर वे आदतें बुरी हाें, ताे उनके नज़रियाें पर नकारात्मक असर डालती हैं।
  • किसी भी इंसान के Mind काे काेई भी दृढ़ आदत डालने में कम से कम 21 दिन लगते हैं।
  • इंसान का Mind किसी भी प्रकार के कर्म काे निरंतर 21 दिनों तक करता रहता है ताे – आगे वह कर्म स्वतः ही बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के निरंतर चलता रहता हैं।
  • आज के मनुष्य की सबसे बड़ी समस्या यह है कि काेई भी आदत डालने का संकल्प ताे ले लेते है, पर वह संकल्प दृढ़ नहीं हाेता – जिस कारण किसी भी नई आदत काे प्रारंभ करने के 3-7 दिन या ज्यादा से ज्यादा 15 दिनों तक ही करता है, उसके बाद अपने उन्हीं पुरानी आदताें पर वापस आ जाता हैं।  नये वर्ष (New Year’s) के प्रारंभ हाेने पर जिन नये आदताें काे डालने का संकल्प लिए जाते है वो इसी श्रेणी(category) में आते है।
  • किसी भी नई आदत काे डालने का सबसे कारगर तरिका यह है की उस आदत के लिये Mind काे आंतरिक रूप से तैयार करें।
  • काेई भी नई आदत डालने में आजकल के लाेग सबसे बडी गलती यह करते है कि पहले ही दिन से ज्यादा समय देना चाहते है उस आदत काे डालने के लिये। For Example ….. A संकल्प लेता है कि अब मैं प्रतिदिन सुबह जल्दी उठूंगा, 4 बजे भाेर में ही, पर हाेता क्या हैं, पहले दिन….. दूसरे दिन ….. उठता है ….. तीसरे दिन साेया ही रहता है। अब गलती कहाँ पर हुई …(याद रखें कि – A पहले सुबह 6 बजे उठता था।) A से गलती यह हुई की उसने पहले ही दिन से 4 बजे उठने की काेशिश की, जबकी ऐसा नहीं करना था। …. काे सुबह 4 बजे उठने के लिये कुछ इस तरह से अभ्यास करना चाहिए था… पहले दिन 5:45 पर… दूसरे दिन 5:30 पर …. तीसरे दिन 5:15 पर … चाैथे दिन 5:00 पर …. व पांचवें दिन 4:45 पर ….. तथा आगे के दिनों में 15 मिनट कम करते-करते आठवे दिन 4 बजे उठने लगता।
  • 15 मिनट पहले उठने के अंतर काे इंसानी शरीर सरलता पूर्वक सह लेता है इससे ज़्यादा नहीं।
  • परिवर्तन की चुनाैती के प्रेम में पड़ें और परिवर्तन की इच्छा काे बढ़ते हुए देखें।
  • बुरी आदतों काे धीरे-धीरे छाेडते जाये व उनकी जगह एक-एक अच्छी आदतों काे डालते जाये। एक दिन ऐसा आयेगा जब आपके Mind के अंदर मात्र अच्छी आदतों का भंडार हाेगा।

नज़रिया और कुछ नहीं, विचार की आदत है। चाहे वे अच्छी हाें या बुरी, आदत डालने की प्रक्रिया समान रहती है। सफल हाेने की आदत डालना भी उतना ही आसान है, जितना कि असफल हाेने की आदत डालना।

हम सभी अपनी आदतों की वजह से अपनी ज़िंदगी में खुशियाँ पा सकते हैं या फिर मुश्किल में भी पड़ सकते हैं।~Kmsraj51

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– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

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 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

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असीमित ऊर्जा आत्मिक-प्रेम में।

Kmsraj51 की कलम से…..

KMSRAJ51-CYMT

∇ असीमित ऊर्जा आत्मिक-प्रेम में।Θ

दोस्तों,

आत्मिक-प्रेम में वह शक्ति निहित है, जिससे शत्रु भी मित्र बन जाते हैं। प्रेम ताे वैसे ढाई आखर(ढाई अक्षर) का ही हाेता हैं। लेकिन इस ढाई आखर(ढाई अक्षर) में इतनी असीमित शक्ति निहित हैं, जिससे असंभव काे भी सरलता पूर्वक संभव में परिवर्तित किया जा सके।

“प्रेम” आत्मा(Soul) के ७ माैलिक गुणाें में से एक हैं। “प्रेम” माना आत्मा और परमात्मा(ईश्वर) के बीच संबंध।

आत्मा(Soul) के ७ माैलिक गुण यह हैं…..

1. शांति (Shanti),

2. सुख (Sukh),

3. प्रेम (Prem),

4. शक्ति (Power),

5. ज्ञान (Gyan),

6. पवित्रता (शुद्धि-Purity),

7. आनंद (आत्मिक खुशी-Anand),

काेई भी मनुष्य आपके साथ कितना भी बुरा बर्ताव करें फिर भी आप “प्रेम” कि शक्ति काे ना छाेडे़, आपकी कोशिश यही हाे कि आप उसके साथ भी प्रेमपूर्ण व्यवहार हि करें। एक ना एक दिन आपका शत्रु, आपके चरणाें में हाेगा।

आत्मिक-प्रेम हमे मनुष्याें से सच्चा स्नेह करना सीखाती हैं। आत्मिक-प्रेम से मनुष्य कें अंदर शहनशीलता, दया और करुणा स्वतः ही आ जाती हैं।

आज के समय में मनुष्याें के पास पैसा(Money) ताे बहुत है, लेकिन वर्तमान समय में मनुष्याें के पास ना ताे सच्ची शांति हैं, ना हि सच्चा सुख हैं। ऐसा इसलिए क्योंकी मनुष्याें के अंदर आत्मिक-प्रेम नहीं हैं।

जब तक मनुष्याें का मनुष्याें से आत्मिक-प्रेम नहीं हाेगा तब तक सच्चा सुख और सच्ची शांति ना मिलेगी।

दोस्तों,

सभी मनुष्याें काे यह समझना हाेगा कि…..

सभी मनुष्याें काे सभी मनुष्याें से आत्मिक-प्रेम के साथ स्नेह भरा व्यवहार करना हाेगा तभी सच्चा सुख और सच्ची शांति मिलेगी।

ओम शांति!!

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– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

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“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

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 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

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तीन बातें-अनमोल वचन

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CYMT-kmsraj51-New

अनमोल वचन

तीन बातें

तीन बातें कभी न भूलें – प्रतिज्ञा करके, क़र्ज़ लेकर और विश्वास देकर। – महावीर

तीन बातें करो – उत्तम के साथ संगीत, विद्वान् के साथ वार्तालाप और सहृदय के साथ मैत्री। – विनोबा

तीन अनमोल वचन – धन गया तो कुछ नहीं गया, स्वास्थ्य गया तो कुछ गया और चरित्र गया तो सब गया। – अंग्रेजी कहावत

तीन से घृणा न करो – रोगी से, दुखी से और निम्न जाती से। – मुहम्मद साहब

तीन के आंसू पवित्र होते हैं – प्रेम के, करुना के और सहानुभूति के। – बुद्ध

तीन बातें सुखी जीवन के लिए- अतीत की चिंता मत करो, भविष्य का विश्वास न करो और वर्तमान को व्यर्थ मत जाने दो।

तीन चीज़ें किसी का इन्तजार नहीं करती – समय, मौत, ग्राहक।

तीन चीज़ें जीवन में एक बार मिलती है – मां, बांप, और जवानी।

तीन चीज़ें पर्दे योग्य है – धन, स्त्री और भोजन।

तीन चीजों से सदा सावधान रहिए – बुरी संगत, परस्त्री और निन्दा।

तीन चीजों में मन लगाने से उन्नति होती है – ईश्वर, परिश्रम और विद्या।

तीन चीजों को कभी छोटी ना समझे – बीमारी, कर्जा, शत्रु।

तीनों चीजों को हमेशा वश में रखो – मन, काम और लोभ।

तीन चीज़ें निकलने पर वापिस नहीं आती – तीर कमान से, बात जुबान से और प्राण शरीर से।

तीन चीज़ें कमज़ोर बना देती है – बदचलनी, क्रोध और लालच।

 

Note::-

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CYMT-KMS

 

“तू ना हो निराश कभी मन से”

CYMT-TU NA HO NIRASH K M S

 

“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की व्यर्थ के लीये समय ही ना बचे” -Kmsraj51 

 

 

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Living With A Purpose

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Living With A Purpose 

How can we define heaven? Heaven could simply be described as the place to experience peace, joy and happiness. So, what is our heaven in our practical life? How can we experience it? Fulfilling our dream or true purpose or experiencing it being fulfilled is our heaven. Living out our dream and purpose is to live in our personal space of heaven here and right now. 

If everything that we do during the day and in life is directed at fulfilling our purpose – our reason for being, for existing and for living – we will be much happier in everything we do, because everything will be channeled or focused towards what we really want. On the other hand, if we do a little bit of everything, but without knowing where we are going or what our true destination is, we will be like a ship that has lost its way in the ocean. The ship’s crew steers the ship – it now goes towards the left, now to the right, goes backwards, then forwards towards the north, towards the south and in the end stays in the same place and gets nowhere, although it’s crew is busy or is working all the time. The crew lets itself be carried by the currents, the tides, the waves in the ocean and the winds above the ocean. It has lost its bearings and doesn’t know how to be guided by the stars, which would show the crew the right way. In our case, the stars being our intuition. Without our life’s course dictated by a true purpose, we let our consciousness asleep and don’t listen to our intuition, which will reveal to us our purpose.

Message

he method to get help is to take the first step of courage. 

Projection: When I set out to achieve something, I usually expect help from situations or people, but am not always able to get it. Then I tend to become disheartened and sometimes tend to give up the task altogether.

Solution: The right way to get help is to first take a step forward even in the most negative situations. With courage and faith when I start in whatever little way I can, I find the help coming to me. Then I will neither stop nor give up with the little setbacks that I am faced with.

In Spiritual Service,
Brahma Kumaris

Note::-

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Coming soon book (जल्द ही आ रहा किताब) …..

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“तू ना हो निराश कभी मन से”

Book-Red-kmsraj51

 

 

 

मन काे कैसे नियंत्रण में करें।

मन के विचारों काे कैसे नियंत्रित करें॥

विचारों के प्रकार-एक खुशी जीवन के लिए।

अपनी सोच काे हमेशा सकारात्मक कैसे रखें॥

“मन के बहुत सारे सवालाें का जवाब-आैर मन काे कैसे नियंत्रित कर उसे सहीं तरिके से संचालित कर शांतिमय जीवन जियें”

“तू ना हो निराश कभी मन से”

——————————

“तू ना हो निराश कभी मन से”

 

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Practical Ways of Changing Old Habits or Beliefs

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Practical Ways of Changing Old Habits or Beliefs – Part 1

Motivation for Change

An important factor to start positive change in our lives is for there to be a passion, a powerful force that leads us, a final goal that keeps us motivated. It is important to set yourself goals, to be convinced and to have the confidence and faith that one can reach them, since in this way we will make a daily effort to achieve those goals. There needs to be a clearly defined sense of purpose to your existence, clarifying the values that must guide your life in order to achieve these goals and establish the steps you must take for inculcating these values. If, at a subconscious level, you allow a mistaken purpose to be created, or there is a lack of true purpose in your life, then you will not be motivated to know and change yourself. Many people think that the purpose of their life is to survive and they use the language of survival in this way: “Life is hard out there. You must get whatever you can”. They are not aware that they have chosen this purpose, but subconsciously it is what they believe they are here for, and this makes them think that they must accumulate, take, create barriers to protect themselves and compete with others.

 

 

Practical Ways of Changing Old Habits or Beliefs – Part 2 

Positive Affirmations 

Affirmations are promises that we make to ourselves. They are helpful for breaking negative habits or weak thoughts that have been created as a result of mistaken attitudes. Affirmations help to strengthen the mind, although to be effective there must be acceptance and understanding behind them. It is interesting to begin experimenting with them and, later on, we can begin to create variations of new affirmations, according to our individual needs.

Here are some examples: 

* Today I will experience peace through positivity. I will see what is good in others and will not think about what is negative or harmful. I will see others in the way I would like them to see me.

* From now on I will not judge others.

* Today I will speak peacefully and share peace with everyone around me. I must speak as softly as I can. 

* Today I will make the past the past and look towards the future with a new vision. 

* Today I will not react angrily. I will stay calm and in peace and will not sacrifice this for anyone or any situation. I must not allow anything or anyone rob me of my peace.

For the affirmation to be effective, we must repeat it to ourselves often, so that it becomes recorded in our subconscious. It is also important to proclaim the affirmations with feeling, believing in them and not in a monotonous and impersonal voice. As a minimum, you should repeat each affirmation at least five times a day. If we listen to something repeatedly, we begin to believe in it. In reality, this is the origin of the majority of our beliefs, when as children we heard our parents tell us things over and over again. Advertising uses this technique constantly. They create a phrase, a slogan, and repeat it over and over again in the media until, finally, people believe it. To be able to control your life, first you must know and dominate your beliefs. One way of doing this is through affirmations.

 

Practical Ways of Changing Old Habits or Beliefs – Part 3

Conscious Disassociation 

A useful method for transforming habits is that of conscious disassociation. This involves avoiding the situations that give rise to the habit occurring automatically. For example, if you often smoke after a coffee, you have to make sure there is no coffee. By breaking your habit, you will be less likely to have a craving to smoke. Instead of your habitual coffee, you can create a new pattern and have a cup of herbal tea and sit down to think or read, instead of smoking.
Rajyoga Meditation
Rajyoga meditation is an efficient method for transforming habits. By connecting with the Supreme Soul (who is the purest conscient energy) in the incorporeal (non-physical) world of divine light, which is called paramdham orshantidham, the soul purifies itself and one experiences a natural disinclination from negative habits that we have been trapped in for a long time.

 

Practical Ways of Changing Old Habits or Beliefs – Part 4

Visualization 

Visualization consists of creating positive images by means of the ability to imagine, and in this way reinforce positive thoughts and strengthen your will to achieve positively what you affirm for yourself in your mind. With visualization you manage to intensify experiences of positive affirmations and self-motivation, and it also helps you to specify and clarify your goals. The basic principle of using images in our mind is to act as if the desire we have in our mind has already been achieved. If we place images of success, health, wellbeing or inner peace in our mind, these will materialize in positive situations and experience, and this image of success will become real in our lives.

 

Practical Ways of Changing Old Habits or Beliefs – Part 5

Exercises of Silence 

Exercises of silence help you concentrate your mind and intellect, and go within yourself to recover the positive and eternal energies. With the appropriate concentration of the mind and intellect towards your constructive inner forces of peace, love and happiness, you can strengthen yourself. Being strong means staying positive when faced with negative situations, peaceful when everything around you is chaotic: in other words, not being influenced negatively but influencing the situation with your positivity. When you stay calm in your inner power of peace, you can transmit this to others and help them to calm themselves. When you begin exercises of silence, concentrate primarily on peace. This is the basis of the practice, as when there is inner balance and harmony it is easier to build over these the other values love, happiness, truth and sincerity. The experience of deep peace calms you, clarifies you and fills you with energy to think and act positively and achieve your purpose that you have set for yourself. 

 

In Spiritual Service,
Brahma Kumaris

 

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“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की  व्यथ॔ के लीये समय ही ना बचे” -Kmsraj51 

 

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Spiritual Education

kmsraj51 की कलम से…..

Soulword_kmsraj51 - Change Y M TSpiritual Education

Angel-kmsraj51

Spiritual education leads us back to the understanding and the experience of our holistic existence as human beings, to the knowledge that we are spiritual, as well as physical, mental and emotional beings.

A true spiritual education could be described as:
• learning from others
• growing through others
• integrating with others
• contributing to others

When we are genuinely learning, only then can we experience spiritual growth. When we grow, we integrate with others and it is in that integration that there is a natural and mutual contribution to nature and other souls. These four processes of education are constantly at work, but only happen in a way that is enjoyable and meaningful when the spiritual resources of the self like peace, joy and love are activated and creatively used.

These resources, along with the mind and intellect, enrich the way we see the world, the way we interact with it and the way we individually create our place in it. These resources are the original qualities of the self, which we have not properly used for a long time. By become spiritually aware, we start to harness and use these positive energies.

Message for the day 25-06-2014

A deep understanding and an attitude of pure feelings results in positive thinking.

Projection: When we talk about positive thinking, it is usually just ‘think positive’ and ‘be positive’. But just saying this, either to others or to myself, doesn’t help to change my thoughts permanently, in fact usually, not even temporarily.

Solution: Real positive thinking is much deeper than just to think positive. For this I need to understand and see things as they are, without colouring them with my own attitudes. Then I can deal with things in the most appropriate way, having understood everything accurately.

In Spiritual Service,

Brahma Kumaris

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