आँखे ढूँढती है सिर्फ माँ को।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ आँखे ढूँढती है सिर्फ माँ को। ϒ

हर घर मे… यही होता है कि…..
घर पहुँचने पर सबसे पहले आँखे…
ढूँढती है सिर्फ माँ को।

माँ किधर है कहा है सबसे पहले…
सवाल दिल में यही आता है।

काम चाहे कुछ ना हो फिर भी उसे देख…
सुकून दिल को आता है।

और ठंडक दिल को मिलती है।
माँ की शक्ल देख कर ही, बच्चे…

कुछ काम कर पाते है, वरना…
बैचेन हो जाते है॥

मेरे सभी प्यारे पाठकों और दोस्तों आप सभी काे “मातृ दिवस की शुभकामना।”
इस पृथ्वी पर माँ की जगह काेई भी नहीं ले सकता/सकती॥

©- विमल गांधी 
Vimal Gandhi-kmsraj51

विमल गांधी जी।

हम दिल से आभारी हैं विमल गांधी जी के प्रेरणादायक हिन्दी कविता साझा करने के लिए।

विमल गांधी जी के लिए मेरे विचार: 

♣ “विमल गांधी जी” की कविताआे के हर एक शब्द में अलाैकिक सार भरा हैं। जाे हर एक शब्द पर विचार सागर-मंथन कर हृदयसात करने योग्य हैं। कविताऐं छोटी और सरल शब्दाे में हाेते हुँये भी हृदयसात करने योग्य हैं। जाे भी इंसान इन कविताओं काे गहराई(हर शब्दाे का सार) से समझकर आत्मसात करें, उसका जीवन धन्य हाे जायें।

पढ़ेंविमल गांधी जी कि शिक्षाप्रद कविताओं का विशाल संग्रह।

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

Advertisements

हिंदी-English-मुरली!!

Kmsraj51 की कलम से…..

Kmsraj51-CYMT09

हिंदी मुरली (23-Sep-2014)

मुरली सार:- “मीठे बच्चे – यह वन्डरफुल सतसंग है जहाँ तुम्हें जीते जी मरना सिखलाया जाता है, जीते जी मरने वाले ही हंस बनते हैं”

प्रश्न:- तुम बच्चों को अभी कौन-सी एक फिकरात है?
उत्तर:- हमें विनाश के पहले सम्पन्न बनना है। जो बच्चे ज्ञान और योग में मजबूत होते जाते हैं, उन्हें मनुष्य को देवता बनाने की हॉबी (आदत) होती जाती है। वह सर्विस के बिना रह नहीं सकते हैं। जिन्न की तरह भागते रहेंगे। सर्विस के साथ-साथ स्वयं को भी सम्पन्न बनाने की चिंता होगी।

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) लास्ट सो फर्स्ट जाने के लिए महावीर बन पुरूषार्थ करना है। माया के तूफानों में हिलना नहीं है। बाप समान रहमदिल बन मनुष्यों के बुद्धि का ताला खोलने की सेवा करनी है।
2) ज्ञान सागर में रोज़ ज्ञान स्नान कर परीज़ादा बनना है। एक दिन भी पढ़ाई मिस नहीं करनी है। भगवान के हम स्टूडेन्ट हैं-इस नशे में रहना है।

वरदान:- निश्चय और नशे के आधार से हर परिस्थिति पर विजय प्राप्त करने वाले सिद्धि स्वरूप भव
योग द्वारा अब ऐसी सिद्धि प्राप्त करो जो अप्राप्ति भी प्राप्ति का अनुभव कराये। निश्चय और नशा हर परिस्थिति में विजयी बना देता है। आगे चलकर ऐसे पेपर भी आयेंगे जो सूखी रोटी भी खानी पड़ेगी। लेकिन निश्चय, नशा और योग के सिद्धि की शक्ति सूखी रोटी को भी नर्म बना देगी। परेशान नहीं करेगी। आप सिद्धि स्वरूप की शान में रहो तो कोई भी परेशान नहीं कर सकता। कोई भी साधन हैं तो आराम से यूज करो लेकिन समय पर धोखा न दें – यह चेक करो।

स्लोगन:- निमित्त बन यथार्थ पार्ट बजाओ तो सर्व के सहयोग की मदद मिलती रहेगी।

English Murli (23-Sep-2014)

Essence: Sweet children, this is a wonderful spiritual gathering (satsung) where you are taught to die alive. Only those who die alive become swans.

Question: What one concern do you children have now?
Answer: That you have to become complete before destruction takes place. The children who become strong in knowledge and yoga develop the hobby of changing human beings into deities. They cannot stay without doing service. They continue to run around like genies. Together with doing service, they also have the concern to make themselves complete.

Essence for dharna:
1. In order to become first from being last make effort like a mahavir. Do not fluctuate in the storms of Maya. Become merciful like the Father and do the service of opening the locks on the intellects of human beings.
2. Bathe daily in the ocean of knowledge and become angels. Do not miss this study for a single day. Maintain the intoxication that you are God’s students.

Blessing: May you be an embodiment of success who gains victory over every adverse situation on the basis of faith and intoxication.
Through yoga, now attain such success that any lack of attainment also gives you the experience of attainment. Faith and intoxication make you victorious over every situation. As you progress further, you will have such test papers that you might have to eat dry chappatis, but faith, intoxication and the power of success in yoga will make even dry chappatis soft; you will not be distressed. Maintain the honour of being an embodiment of success and no one will be able to distress you. If you have any facilities, then use them comfortably, but check that you are not deceived at that time.

Slogan: Be an instrument and play your part accurately and you will continue to receive co-operation from everyone.

आध्यात्मिक सेवा में ब्रह्मकुमारी,

In Spiritual Service Brahmakumari,

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

 

Kmsraj51-CYMT08

 

 

_______Copyright © 2014 kmsraj51.com All Rights Reserved.________

– मुरली –

Kmsraj51 की कलम से…..

Kmsraj51-CYMT04

 

हिंदी मुरली (22-Sep-2014)

मुरली सार:- “मीठे बच्चे – बेहद की स्कॉलरशिप लेनी है तो अभ्यास करो-एक बाप के सिवाए और कोई भी याद न आये”

प्रश्न:- बाप का बनने के बाद भी यदि खुशी नहीं रहती है तो उसका कारण क्या है?
उत्तर:- 1- बुद्धि में पूरा ज्ञान नहीं रहता। 2- बाप को यथार्थ रीति याद नहीं करते। याद न करने के कारण माया धोखा देती है इसलिए खुशी नहीं रहती। तुम बच्चों की बुद्धि में नशा रहे-बाप हमें विश्व का मालिक बनाते हैं, तो सदा हुल्लास और खुशी रहे। बाप का जो वर्सा है-पवित्रता, सुख और शान्ति, इसमें फुल बनो तो खुशी रहेगी।

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) जैसे शिवबाबा का कोई भभका नहीं, सर्वेन्ट बन बच्चों को पढ़ाने के लिए आये हैं, ऐसे बाप समान अथॉरिटी होते हुए भी निरहंकारी रहना है। पावन बनकर पावन बनाने की सेवा करनी है।
2) विनाश काल के समय ईश्वरीय लॉटरी लेने के लिए प्रीत बुद्धि बन याद में रहने वा दैवीगुणों को धारण करने की रेस करनी है।

वरदान:- एक बल एक भरोसे के आधार पर माया को सरेन्डर कराने वाले शक्तिशाली आत्मा भव
एक बल एक भरोसा अर्थात् सदा शक्तिशाली। जहाँ एक बल एक भरोसा है वहाँ कोई हिला नहीं सकता। उनके आगे माया मूर्छित हो जाती है, सरेन्डर हो जाती है। माया सरेन्डर हो गई तो सदा विजयी हैं ही। तो यही नशा रहे कि विजय हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है। यह अधिकार कोई छीन नहीं सकता। दिल में यह स्मृति इमर्ज रहे कि हम ही कल्प-कल्प की शक्तियां और पाण्डव विजयी बने थे, हैं और फिर बनेंगे।

स्लोगन:- नई दुनिया की स्मृति से सर्व गुणों का आह्वान करो और तीव्रगति से आगे बढ़ो।

English Murli (22-Sep-2014)

Essence: Sweet children, in order to claim an unlimited scholarship, practise remembering only the one Father and no one else.

Question: What are the reasons for not experiencing happiness even after belonging to the Father?
Answer: 1. The full knowledge doesn’t remain in the intellect.
2. You do not remember the Father accurately. Because you don’t remember Baba, Maya deceives you. This is why there isn’t happiness. You children should have intoxication in your intellects that the Father is making you into the masters of the world, and you will then always have enthusiasm and happiness. Become full of the Father’s inheritance of purity, happiness and peace and you will remain happy.

Essence for dharna:
1. Just as Shiv Baba doesn’t have any pomp and He has come as the Servant to teach you children, so, you are an authority like the Father and you too remain egoless. Become pure and do the service of making others become pure.
2. In order to claim a Godly lottery at the time of destruction, be one with a loving intellect and race to stay in remembrance and imbibe divine virtues.

Blessing: May you be a powerful soul and make Maya surrender on the basis of your having one strength and one support.
One strength and one support means to be constantly powerful. Where there is one strength and one support, no one can shake you. Maya wilts in front of such souls and surrenders herself. When Maya surrenders herself, you are constantly victorious. So, always have the intoxication that victory is your birthright. No one can snatch this right away from you. Let the awareness emerge in your hearts that you are the Shaktis and Pandavas who have been victorious every cycle, are victorious and so will be once again.

Slogan: Invoke all the virtues by having the awareness of the new world and move forward at an intense speed.

आध्यात्मिक सेवा में ब्रह्मकुमारी,

In Spiritual Service Brahmakumari,

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

Kmsraj51-CYMT08

 

 

_______Copyright © 2014 kmsraj51.com All Rights Reserved.________

अंग्रेजी और हिंदी में मुरली…..

Kmsraj51 की कलम से…..

Kmsraj51-CYMT09

हिंदी मुरली (21-Sep-2014)

प्रात: मुरली ओम् शान्ति ’अव्यक्त-बापदादा“ रिवाइज: 19-12-78 मधुबन

रीयल्टी ही सबसे बड़ी रॉयल्टी है

वरदान:- मनमनाभव के मन्त्र द्वारा मन के बन्धन से छूटने वाले निर्बन्धन, ट्रस्टी भव
कोई भी बंधन ापिंजड़ा है। ापिंजड़े की मैना अब निर्बन्धन उड़ता पंछी बन गयी। अगर कोई तन का बंधन भी है तो भी मन उड़ता पंछी है क्योंकि मनमनाभव होने से मन के बन्धन छूट जाते हैं। प्रवृत्ति को सम्भालने का भी बन्धन नहीं। ट्रस्टी होकर सम्भालने वाले सदा निर्बन्धन रहते हैं। गृहस्थी माना बोझ, बोझ वाला कभी उड़ नहीं सकता। लेकिन ट्रस्टी हैं तो निर्बन्धन हैं और उड़ती कला से सेकण्ड में स्वीट होम पहुंच सकते हैं।

स्लोगन:- उदासी को अपनी दासी बना दो, उसे चेहरे पर आने न दो।

English Murli (21-Sep-2014)

Reality is the Greatest Royalty.

Question: Who can maintain permanent intoxication? What are the signs of those who have permanent intoxication?
Answer: Only those who are seated on BapDada’s heart-throne can have permanent intoxication. The place for the elevated confluence-aged souls is the Father’s heart-throne. You cannot find such a throne throughout the whole cycle. You will continue to receive the throne of the kingdom of the world or the kingdom of a state, but you will not find such a throne again. This is such an unlimited throne that, whether you are walking around, eating or sleeping, you are on the throne. Those children who are seated on the throne in this way have forgotten the old bodies and the bodily world and, while seeing, do not see anything.

Question: On the basis of which dharna can you remain constantly merged in the ocean of happiness?
Answer: Be introverted. Those who are introverted are always happy. Residents of Indore means those who are introverted and are constantly happy. The Father is the Ocean of Happiness and so the children would also remain merged in love in the ocean of happiness. The children of the Bestower of Happiness would also be bestowers of happiness, the ones who distribute the treasures of happiness to all souls. Whoever comes and with whatever loving feeling they come, they should have them fulfilled through you. So, become images that are complete and perfect. Just as nothing is lacking in the Father’s treasure-store, similarly, children would also be fully satisfied souls, the same as the Father.

Achcha. Om shanti.

Blessing: May you be a trustee who is free from bondage and with the mantra of manmanabhav, become free from any bondage of the mind.
Any type of bondage is a cage. A caged bird has now become a bondage free, flying bird. Even if there is any bondage of the body, the mind is a flying bird because, by your being manmanabhav, any bondages of the mind are broken. There is no bondage even in looking after matter. Those who look after everything as trustees are free from bondage. A householder means to have a burden and those who have a burden can never fly. If you are a trustee, you are free from bondage and you can reach your sweet home with your flying stage in a second.

Slogan: Make unhappiness your servant and do not let it show on your face.

आध्यात्मिक सेवा में ब्रह्मकुमारी,

In Spiritual Service Brahmakumari,

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.comपसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

CYMT-Beautiful Flower-kmsraj51

Copyright © 2014 kmsraj51.com All Rights Reserved.

 

अगर जीवन में सफल हाेना हैं, ताे कभी भी काेई भी कार्य करें ताे पुरें मन से करे।

जीवन में सफलता आपकाे देर से ही सही लेकिन सफलता आपकाे जरुर मिलेगी॥

 ~KMSRAJ51

 

_______Copyright © 2014 kmsraj51.com All Rights Reserved.________

मुरली हिंदी और अंग्रेजी में…..

Kmsraj51 की कलम से…..

Kmsraj51-CYMT04

 

हिंदी मुरली (20-Sep-2014)

मुरली सार:- “मीठे बच्चे – बाप की श्रीमत पर चलकर अपना श्रृंगार करो, परचिन्तन से अपना श्रृंगार मत बिगाड़ो, टाइम वेस्ट न करो”

प्रश्न:- तुम बच्चे बाप से भी तीखे जादूगर हो – कैसे?

उत्तर:- यहाँ बैठे-बैठे तुम इन लक्ष्मी-नारायण जैसा अपना श्रृंगार कर रहे हो। यहाँ बैठे अपने आपको चेन्ज कर रहे हो, यह भी जादूगरी है। सिर्फ अल्फ को याद करने से तुम्हारा श्रृंगार हो जाता है। कोई हाथ-पांव चलाने की भी बात नहीं सिर्फ विचार की बात है। योग से तुम साफ, स्वच्छ और शोभनिक बन जाते हो, तुम्हारी आत्मा और शरीर कंचन बन जाता है, यह भी कमाल है ना।

धारणा के लिए मुख्य सार :-
1) दूसरी सब बातों को छोड़ इसी धुन में रहना है कि हम लक्ष्मी-नारायण जैसा श्रृंगारधारी कैसे बने?
2) अपने से पूछना है कि :-
(1) हम श्रीमत पर चलकर मनमनाभव की चाबी से अपना श्रृंगार ठीक कर रहे हैं?
(2) उल्टी सुल्टी बातें सुनकर वा सुनाकर श्रृंगार बिगाड़ते तो नहीं हैं?
(3) आपस में प्रेम से रहते हैं? अपना वैल्युबुल टाइम कहीं पर वेस्ट तो नहीं करते हैं?
(4) दैवी स्वभाव धारण किया है?

वरदान:- शान्ति की शक्ति द्वारा असम्भव को सम्भव करने वाले सहजयोगी भव
शान्ति की शक्ति सर्वश्रेष्ठ शक्ति है। शान्ति की शक्ति से ही और सब शक्तियां निकली हैं। साइन्स की शक्ति का भी जो प्रभाव है वह साइंस भी साइलेन्स से निकली है। तो शान्ति की शक्ति से जो चाहो वह कर सकते हो। असम्भव को भी सम्भव कर सकते हो। जिसे दुनिया वाले असम्भव कहते हैं वह आपके लिए सम्भव है और सम्भव होने के कारण सहज है। शान्ति की शक्ति को धारण कर सहजयोगी बनो।

स्लोगन:- वाणी द्वारा सबको सुख और शान्ति दो तो गायन योग्य बनेंगे।

English Murli (20-Sep-2014)

Essence: Sweet children, follow the Father’s shrimat and decorate yourselves. Do not spoil your decoration by thinking about others. Do not waste your time.

Question: How are you children cleverer magicians than the Father?
Answer: Whilst sitting here, you are decorating yourselves to become like Lakshmi and Narayan. While sitting here you are changing yourselves: this too is magic. By remembering Alpha alone, you become decorated. There is no need to use your hands and feet, for it is just a question of thinking about it. By having yoga, you become clean, pure and beautiful. Both you, the souls, and your bodies become pure, and that too is a wonder.

Essence for dharna:
1. Renounce everything else and simply be concerned about how to become decorated like Lakshmi and Narayan.
2. Ask yourself:
1) Am I decorating myself very well by following shrimat and using the key of manmanabhav?
2) Am I spoiling my decoration by speaking and listening to wrong things?
3) Do I interact with everyone with love? Am I wasting my valuable time anywhere?
4) Have I adopted a divine nature?

Blessing: May you be an easy yogi who makes the impossible possible with the power of silence.
The power of silence is the most elevated power. All other powers have emerged through the power of silence. The impact of the power of science has emerged from silence. You can achieve whatever you want through the power of silence. You can even make the impossible possible. Whatever the world considers to be impossible, you consider that to be possible and, because it is possible, it is easy. Imbibe the power of silence and become an easy yogi.

Slogan: Give everyone happiness and peace through your words and you will become worthy of being remembered.

आध्यात्मिक सेवा में ब्रह्मकुमारी,

In Spiritual Service Brahmakumari,

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.comपसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

CYMT-Beautiful Flower-kmsraj51

Copyright © 2014 kmsraj51.com All Rights Reserved.

 

 

_______Copyright © 2014 kmsraj51.com All Rights Reserved.________

 

 

हिंदी और अंग्रेजी में मुरली

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-Kmsraj51

हिंदी मुरली (19-Sep-2014)

मुरली सार:- “मीठे बच्चे – तुम सर्व आत्माओं को कर्मबन्धन से सैलवेज़ करने वाले सैलवेशन आर्मी हो, तुम्हें कर्मबन्धन में नहीं फँसना है”

प्रश्न:- कौन-सी प्रैक्टिस करते रहो तो आत्मा बहुत-बहुत शक्तिशाली बन जायेगी?
उत्तर:- जब भी समय मिले तो शरीर से डिटैच होने की प्रैक्टिस करो। डिटैच होने से आत्मा में शक्ति वापिस आयेगी, उसमें बल भरेगा। तुम अण्डर-ग्राउण्ड मिलेट्री हो, तुम्हें डायरेक्शन मिलता है – अटेन्शन प्लीज़ अर्थात् एक बाप की याद में रहो, अशरीरी हो जाओ।

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) लाइट हाउस बन सबको शान्तिधाम, सुखधाम का रास्ता बताना है। सबकी नईया को दु:खधाम से निकालने की सेवा करनी है। अपना भी कल्याण करना है।
2) अपने शान्त स्वरूप स्थिति में स्थित हो शरीर से डिटैच होने का अभ्यास करना है, याद में आंखे खोलकर बैठना है, बुद्धि से रचता और रचना का सिमरण करना है।

वरदान:- कोई भी बात कल्याण की भावना से देखने और सुनने वाले परदर्शन मुक्त भव
जितना संगठन बड़ा होता जाता है, बातें भी उतनी बड़ी होंगी। लेकिन अपनी सेफ्टी तब है जब देखते हुए न देखें, सुनते हुए न सुनें। अपने स्वचिंतन में रहें। स्वचिंतन करने वाली आत्मा परदर्शन से मुक्त हो जाती है। अगर किसी कारण से सुनना पड़ता है, अपने आपको जिम्मेवार समझते हो तो पहले अपनी ब्रेक को पावरफुल बनाओ। देखा-सुना, जहाँ तक हो सका कल्याण किया और फुल स्टॉप।

स्लोगन:- अपने सन्तुष्ट, खुशनुम: जीवन से हर कदम में सेवा करने वाले ही सच्चे सेवाधारी हैं।

English Murli (19-Sep-2014)

Essence: Sweet children, you are the Salvation Army who will salvage all souls from their karmic bondages. You must not become trapped in karmic bondages.

Question: What should you continue to practise so that the soul becomes very powerful?
Answer: Whenever you have time, practise becoming detached from the body. By becoming detached, the soul will regain power and become filled with strength. You are the underground military and are given the direction, “Attention please!”, that is, “Stay in remembrance of the one Father and become bodiless.”

Essence for dharna:
1. Become a lighthouse and show everyone the way to the land of peace and the land of happiness. Do the service of removing everyone’s boat from the land of sorrow. Also benefit yourself.
2. Remain stable in your peaceful form and practise becoming detached from your body. Sit in remembrance with your eyes open. Remember the Creator and creation with your intellect.

Blessing: May you be free from looking at others, and have feelings of benevolence when seeing or hearing about any situation.
The bigger the gathering, the bigger the situations will be. However, your safety lies in looking but not seeing and hearing but not listening. Maintain pure and positive thoughts for the self. Souls who maintain pure and positive thoughts for the self remain free from looking at others. If due to any reason you have to listen to anything and you consider yourself to be responsible, then, first of all, make your brake powerful. You saw, you heard and brought as much as benefit possible and put a full stop.

Slogan: Those who do service at every step through their contented and happy lives are true servers.

आध्यात्मिक सेवा में ब्रह्मकुमारी,

In Spiritual Service Brahmakumari,

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.comपसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

In-English…..

Purity is the foundation of true peace & happiness,

It is your most valuable Property in your life,

Preserve it at any cast. !!

 

In-Hindi…..

पवित्रता सच शांति और खुशी का आधार है.

यह आपके जीवन में सबसे मूल्यवान संपत्ति है.

यह किसी भी कलाकार की रक्षा करता है!!

~KMSRAJ51

CYMT-Beautiful Flower-kmsraj51

आप कुछ भी कर सकते हैं, स्वयं पर विश्वास करना सीखें।

You can also learn to trust themselves.

-कृष्ण मोहन सिंह ५१

 

 

 

_____ all @rights reserve under Kmsraj51-2013-2014 ______

हिंदी मुरली

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-Kmsraj51

Hindi Murli

मुरली सार:- “मीठे बच्चे – तुम बाप के पास आये हो अपने कैरेक्टर्स सुधारने, तुम्हें अभी दैवी कैरेक्टर्स बनाने हैं”

प्रश्न:- तुम बच्चों को ऑखें बन्द करके बैठने की मना क्यों की जाती है?
उत्तर:- क्योंकि नज़र से निहाल करने वाला बाप तुम्हारे सम्मुख है। अगर ऑखें बन्द होंगी तो निहाल कैसे होंगे। स्कूल में ऑखें बन्द करके नहीं बैठते हैं। ऑखें बन्द होंगी तो सुस्ती आयेगी। तुम बच्चे तो स्कूल में पढ़ाई पढ़ रहे हो, यह सोर्स ऑफ इनकम है। लाखों पद्मों की कमाई हो रही है, कमाई में सुस्ती, उदासी नहीं आ सकती।

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) जो संस्कार बाप में हैं, वही संस्कार धारण करने हैं। बाप समान ज्ञान का सागर बनना है। देही-अभिमानी होकर रहने का अभ्यास करना है।
2) आत्मा रूपी बैटरी को सतोप्रधान बनाने के लिए चलते-फिरते याद की यात्रा में रहना है। दैवी कैरेक्टर्स धारण करने हैं। बहुत-बहुत मीठा बनना है।

वरदान:- धारणा स्वरूप द्वारा सेवा करके खुशी का प्रत्यक्षफल प्राप्त करने वाले सच्चे सेवाधारी भव
सेवा का उमंग रखना बहुत अच्छा है लेकिन यदि सरकमस्टांस अनुसार सेवा का चांस आपको नहीं मिलता है तो अपनी अवस्था गिरावट वा हलचल में न आये। अगर ज्ञान सुनाने का चांस नहीं मिलता है लेकिन आप अपनी धारणा स्वरूप का प्रभाव डालते हो तो सेवा की मार्क्स जमा हो जाती हैं। धारणा स्वरूप बच्चे ही सच्चे सेवाधारी हैं। उन्हें सर्व की दुआयें और सेवा के रिटर्न में प्रत्यक्षफल खुशी की अनुभूति होती है।

स्लोगन:- सच्चे दिल से दाता, विधाता, वरदाता को राज़ी कर लो तो रूहानी मौज में रहेंगे।

English Murli

Essence: Sweet children, you have come to the Father in order to reform your character. You now have to make your character divine.

Question: Why are you children forbidden to sit here with your eyes closed?
Answer: Because the Father, the One who takes you beyond with a glance, is personally in front of you. If your eyes are closed, how can you go beyond with a glance? You do not sit with your eyes closed at school. If you close your eyes, laziness will come. You children are studying in this school. This is your source of income. You are earning an income of hundreds of thousands of millions. Laziness and sorrow cannot come while earning an income.

Essence for dharna:
1. Imbibe the sanskars that the Father has. Become an ocean of knowledge like the Father. Practise remaining soul conscious.
2. In order for you souls to make your batteries satopradhan, stay on the pilgrimage of remembrance as you walk and move around. Imbibe a divine character. Become very, very sweet.

Blessing: May you be a true server who serves as an embodiment of dharna and thereby attain the instant fruit of happiness.
It is very good to have enthusiasm for service. However, if you do not receive a chance for service according to the circumstances, then your stage should not come down or fluctuate. If you do not have a chance to relate knowledge, but you create an impact by being an embodiment of dharna, then those marks are accumulated in service. Children who are embodiments of dharna are true servers. They receive blessings from all and, in return for their service, they experience the instant fruit of happiness.

Slogan: Make the Bestower, the Bestower of Fortune and the Bestower of Blessings pleased with your true heart and you will stay in spiritual pleasure.

आध्यात्मिक सेवा में ब्रह्मकुमारी,

Spiritual Service Brahmakumari,

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.comपसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

CYMT-Beautiful Flower-kmsraj51

आप कुछ भी कर सकते हैं, स्वयं पर विश्वास करना सीखें।

You can also learn to trust themselves.

-कृष्ण मोहन सिंह ५१

 

 

 

_____ all @rights reserve under Kmsraj51-2013-2014 ______