रिश्तों के होते हैं दो छोर, एक सहयोग और एक विश्वास !!

kmsraj51 की कलम से …..
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poetryरिश्तों के होते हैं दो छोर, एक सहयोग और एक विश्वास

रिश्तों के होते हैं दो छोर
एक सहयोग और एक विश्वास

रिश्तों में उठती तब भोर
जब हो उसमें प्रेम और अनुराग

रिश्तों में हो तभी मधुरता
ना हो शक और झूठ की दीवार

रिश्तें बनते तभी अनमोल
जब हो समझ और मधुर व्यवहार

रिश्तों में हो तभी मिठास
जब हो उसमें सांच और सोहार्द

रिश्तों में बन जाती दरार
जब हो दौलत की भूख और स्वार्थ

रिश्तों को बढ़ायें ये आधार
एक मधुर वाणी और दूसरा सम्मान

रिश्तों में पड़ जाती गांठ
जब होती उसमें इर्ष्या और जलन

रिश्तों में हो तभी महोब्बत
जब हो उसमें त्याग और समर्पण

ये कविता मैंने इसलिए लिखी-

क्यूंकि आजकल के रिश्तें ताश के पत्तों की तरह है ।
ना जानें कब और कहाँ पे आकर बिखर जाएँ ।
क्यूंकि आज के रिश्तों में सिर्फ स्वार्थ ही नजर आया ।
रिश्तें चलते हैं दो ही कड़ी पे तू मेरा हैं मैं तेरा हूँ ।
पर आज का रिश्ता दौलत की भूख और जलन से भरा पड़ा हैं ।
ना जाने क्यों लोग ख़ुद ही ख़ुद में खो गए है ।
किसी को किसी की ना तो आस है और ना विश्वास हैं ।
बदलते युग में खो गए ये अनमोल रिश्तें,
हर किसी को रोज मधुर-मधुर रिश्तो की तलाश हैं ।



poetry

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वादा खुद से कर के निकले हैं।

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CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ वादा खुद से कर के निकले हैं। ϒ

वादा खुद से कर के निकले हैं।
अब कदम रुक सकते नहीं।
लक्ष्य हासिल किये बिना…
थक के बैठ सकते नहीं।

विपत्ति का सामना जो हंस के कर पायेगा।
जग में उसी का नाम रह जाएगा।
तपने उपरान्त सोने की पहचान बनती है।
सतत परिश्रम ही इंसान बनाती है।

हार के जो बैठ गए घर में…
उनका खुद भी साथ नहीं देता है।
हिम्मत कर के जो उतरते हैं सागर में।
ख़ुदा खुद ही उसे तिनके का सहारा देता है।

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Krishna Mohan Singh(KMS)
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जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

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– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

* अपनी आदतों को कैसे बदलें।

निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

 

 

फर्क – Difference !!

Happy Anniversary !!
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9-3-14 kmsraj51

Differenceफर्क

फर्क

आदर्श होना बेहतर है,
बस शर्त ये रहे,
दोहराए जा रहे आदर्श
बल्ली की तरह हों,
भीतर और बाहर से एक जैसे,
ठोस रुप लिए,
जो आदर्श बांस की तरह
खोखले और लचर हैं,
उनकी नियति में
ठठरी की तरह बंधना ही है ।

पुरुषोत्तम होने में कुछ बुरा नहीं
मर्यादा का ख्याल रखने में कुछ ग़लत नहीं,
बुरा है, ग़लत है,
बिना सोचे समझे बस
आज्ञा में सिर हिला देना
फिर चाहे जंगल में भटकना हो
या एक औरत का पांच पुरूषों में बंटना।

शांत चित्त होने में खराबी कुछ नहीं
बस ये फर्क मालूम रहे,
किस जगह पर गाल बढ़ाना है
किस जगह पर हाथ उठाना है
क्रोध भी जीवन का सृष्टा हो सकता है
औऱ शांत मन
एक कदम के फासले पर कायर ।

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कुछ करके दिखायो !!


kmsraj51 की कलम से …..
ladali

– कुछ करके दिखायो –

“कुछ करके दिखायो” ……..”कुछ करके दिखायो” ,
ये जीवन मिला है……..इसमें नए सपने सजायो ।

हम आए हैं यहाँ ……न अपनी मर्ज़ी से ,
फिर कैसे चले जाएँ ……..खुद की खुदगर्जी से ?

बहुत कुछ है देने को ……इस समाज को ,
बहुत कुछ है लेने को ……इस समाज से ।

इस मनुष्य योनि में ……अपनी पहचान बनायो ,
जो भी मिला है …..उसे औरों के संग बाँटते जायो ।

पैदा होने पर ……माँ-बाप सोचा करते हैं ,
हाँ यही करेगा ……..हमारा नाम रोशन ।

पीड़ी दर पीड़ी चलेगी …..ये कहानी ,
कि करके दिखायो तुम भी …….अपने खून को गरम ।

रोज़ कहते हैं सभी ………कि दम है तो सामने आयो ,
ताकत से नहीं ……अपने दिमाग से …..कुछ खेल जाओ ।

आज जो मेहनत करेगा ………वो कल मीठा फल चखेगा ,
जो लड़खड़ा गया पहले कदम पर …….वो उम्र भर फिर चल न सकेगा ।

हर पल-पल में छिपी है ……एक ज्ञान की लम्बी दास्तां ,
उस दास्तां में डूबते जाओ ……..और तय करो अपना रास्ता ।

बहुत से विद्यार्थी हार जाते हैं …..चलकर कुछ कदम ,
टूट जाते हैं वो अक्सर ……कहते हैं हममे नहीं है दम ।

हौसले अपने हो बुलंद …..तो हार में भी जीत है ,
ज़ज्बा है कुछ करने का ……तो हर घड़ी में प्रीत है ।

रोज़ इन शब्दों को सुनकर …..मन अब भरने सा लगा है ,
“कुछ करके दिखायो” ऐसे कटाक्षों से …….ये जिस्म भी अब डरने लगा है ।

इल्तजा इतनी है समाज से ……..कि हमें भी सोचने का ….एक मौक़ा तो दो ,
हाँ दिखाएँगे करके हम भी कुछ …..थोडा सब्र करना तुम भी सीख लो ।

करके हम भी दिखाएँगे …..इस युग में चमत्कार ,
मत कहो “कुछ करके दिखायो “…….नहीं हैं हम इतने भी बेकार ॥

A Message To All-

मत करो हतोत्साहित अपने शब्दों से ……आने वाली नयी पीढ़ी को ,
वो भी करेंगे कुछ ऐसा एक दिन…. जिसे देखेगा ज़माना ….पकड़ती हुई नयी सीढ़ी को ॥

—————- —– kmsraj51 —– —————


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हम भाग्यशाली है ~ We are lucky !!


kmsraj51 की कलम से …..
luck

^^ हम भाग्यशाली है ^^

जीवन एक सफर हैं
जहां हैं पहाड़ भी नदी नाले भी
जहां फुलवारी भी है जंगल भी
जहां खुशी भी है गम भी
जहां दुख भी है सुख भी
जहां सूरज रोज उगता है
जंहा चंद्रमा भी उगता हैं
जहां हम कठपुतली है
क्या स्वार्थ था भगवान् का
क्या स्वार्थ था मम्मी का
क्या स्वार्थ था पापा का
जो हमें संसार में लाये
हमें पढ़ाने लिखाने में
कोई कसर नहीं छोड़ी
क्या स्वार्थ था भारत माँ का
जो हमें इस पावन मिटटी पर
जन्म लेने का मौक़ा दिया
जंहा मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने
जन्म लेकर इस मिटटी को
सदा सदा के पावन कर गए
आगे हमें देखना जरुरी हैं
क्यों मैं निस्वार्थ हो नहीं सकता
फिर सोचेंगे कौन ज्यादा
या कौन कम स्वार्थी हैं !!!!!
——– प्रेमचंद मुरारका

I am grateful to Mr. “प्रेमचंद मुरारका”,for sharing this inspirational poetry.


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काश माँ आज जिंदा होती !!



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mom

काश माँ आज जिंदा होती,,,

कुछ बरस पहले हमारी माँ आज ही के दिन साथ छोड़ चली गयी थी,
आज उनकी बहुत याद आती है और जीवन की ये कमी कभी पूरी ना होगी.

अपनी पूजनिए माँ को समर्पित,

————————

काश माँ आज जिंदा होती,,,
काश मेरी माँ जिंदा होती.!
सुख-दुख में साथ होती.!!
कुछ कहता उस से,
कुछ उस की सुनता,
कोई अरमान अधूरा ना रहता,
दुनियाँ में मेरी भी बात होती,
काश माँ आज जिंदा होती,,,
माँ तू क्या गयी,
मेरी जान ही गयी,
अब फ़र्ज़ निभाने को जीता हूँ,
कब दिन निकले कब रात होती,
काश माँ आज जिंदा होती,,,
माँ से अक्चा कोई नहीं,
मतलब के बाकी यार,
ज़रूरत पड़े आयें सब पास,
रिश्तों में कोई मिठास ना होती,
काश माँ आज जिंदा होती,,,
मालिक नही देखा हमने,
माँ में रब ही देखा है,
जीना-चलना माँ सिखाती,
माँ ईश्वर जैसी ही है होती,
काश मान आज जिंदा होती,,,

I am grateful to Advo.Ravinder Ravi’Sagar’ for sharing this inspirational poetry.


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लड़की को मत समझो बेकार।।

kmsraj51 की कलम से …..
SOLUTIONSave Girl !!


लड़की को मत समझो बेकार।

लड़की को मत समझो बेकार।
इसके बिना है अधूरा हर परिवार।।

बहन बनकर जिसने है हर भाई को प्यार से सम्भाला।
बेटी बनकर जिसने है भरा हर बाप के दिल में खुशियो का उजाला।।

फ्रेंड बनकर समझाया जिसने।
शादी कर के दूसरा घर चलाया भी इसने।।

लड़की न होती तो आज माँ न होती।
माँ न होती तो आज जननी कौन होती?

जीना बस लड़को का नही है अधिकार।
लड़की से ही है खुश हर परिवार।।

लड़की को मत समझो बेकार।
इसके बिना है अधूरा हर परिवार।।
– “kmsraj51”

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