मन से कभी भी जीवन में निराश ना हाेना।

Kmsraj51 की कलम से…..

Kmsraj51-CYMT-Oct-14-1

“कभी भी मन से निराश हाेकर जीवन में बैठ ना जाना,
माना कि समस्यायें ताे जीवन में बहुत आयेगी,
लेकिन काेई भी समस्या लंबे समय तक, टिक नहीं सकती।”

-KMSRAJ51

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं,

ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

-KMSRAJ51

हर एक शब्द दो-अर्थी (Positive “or” Negative) हाेता हैं,
यह ताे साेंचने वाले पर निर्भर करता है।
की वह क्या (Positive “or” Negative) साेंच रहा हैं॥

-KMSRAJ51

“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की व्यर्थ के लीये समय ही ना बचे”

-Kmsraj51 

अगर जीवन में सफल हाेना हैं. ताे जहाँ १० शब्दाें से काेई बात बन जाये वहा पर,

१०० शब्द बाेलकर अपनी मानसिक और वाणी की ऊर्जा को नष्ट नहीं करना चाहिए॥

-KMSRAJ51

“अगर जीवन में सफल हाेना हैं, ताे कभी भी काेई भी कार्य करें ताे पुरें मन से करे।

जीवन में सफलता आपकाे देर से ही सही लेकिन सफलता आपकाे जरुर मिलेगी॥”

 –KMSRAJ51

जिस बात काे आप (स्वयं) अपने आप तक सिमित नहीं रख सकते,
भला काेई आैर कैसे, उस बात काे अपने आप तक सिमित रख सकता हैं।

 –KMSRAJ51

“अपने मन काे इतना संयमित करले कि जिस समय जाे भी कार्य करें,
उस कार्य काे करने में इस कदर खाे जायें कि, उस कार्य के अलावा,
उस समय आपकाे आैर कुछ भी ना सुझे॥”

 –KMSRAJ51

जीवन का लक्ष्य पता करें, उसे पाने की इच्छा पैदा करें।

ऐसा नहीं करेंगे तो आप एक काम छोड़कर दूसरा और फिर तीसरा करते रहेंगे और खुद को नाकाम मानने लगेंगे। 

-KMSRAJ51

काम या लक्ष्य पर दृढ़ न रहना मानसिक थकावट को बताता है।

महत्वपूर्ण मौके पर पीछे हट गए। जबकि यह सफलता के सबसे करीब पहुंचने की स्थिति होती है। 

-KMSRAJ51

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– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

http://wp.me/p3gkW6-1dk

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

http://wp.me/p3gkW6-mn

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

http://wp.me/p3gkW6-1dD

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

http://wp.me/p3gkW6-Ig

* चांदी की छड़ी।

http://wp.me/p3gkW6-1ep

 

 

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हिंदी-English-मुरली!!

Kmsraj51 की कलम से…..

Kmsraj51-CYMT09

हिंदी मुरली (23-Sep-2014)

मुरली सार:- “मीठे बच्चे – यह वन्डरफुल सतसंग है जहाँ तुम्हें जीते जी मरना सिखलाया जाता है, जीते जी मरने वाले ही हंस बनते हैं”

प्रश्न:- तुम बच्चों को अभी कौन-सी एक फिकरात है?
उत्तर:- हमें विनाश के पहले सम्पन्न बनना है। जो बच्चे ज्ञान और योग में मजबूत होते जाते हैं, उन्हें मनुष्य को देवता बनाने की हॉबी (आदत) होती जाती है। वह सर्विस के बिना रह नहीं सकते हैं। जिन्न की तरह भागते रहेंगे। सर्विस के साथ-साथ स्वयं को भी सम्पन्न बनाने की चिंता होगी।

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) लास्ट सो फर्स्ट जाने के लिए महावीर बन पुरूषार्थ करना है। माया के तूफानों में हिलना नहीं है। बाप समान रहमदिल बन मनुष्यों के बुद्धि का ताला खोलने की सेवा करनी है।
2) ज्ञान सागर में रोज़ ज्ञान स्नान कर परीज़ादा बनना है। एक दिन भी पढ़ाई मिस नहीं करनी है। भगवान के हम स्टूडेन्ट हैं-इस नशे में रहना है।

वरदान:- निश्चय और नशे के आधार से हर परिस्थिति पर विजय प्राप्त करने वाले सिद्धि स्वरूप भव
योग द्वारा अब ऐसी सिद्धि प्राप्त करो जो अप्राप्ति भी प्राप्ति का अनुभव कराये। निश्चय और नशा हर परिस्थिति में विजयी बना देता है। आगे चलकर ऐसे पेपर भी आयेंगे जो सूखी रोटी भी खानी पड़ेगी। लेकिन निश्चय, नशा और योग के सिद्धि की शक्ति सूखी रोटी को भी नर्म बना देगी। परेशान नहीं करेगी। आप सिद्धि स्वरूप की शान में रहो तो कोई भी परेशान नहीं कर सकता। कोई भी साधन हैं तो आराम से यूज करो लेकिन समय पर धोखा न दें – यह चेक करो।

स्लोगन:- निमित्त बन यथार्थ पार्ट बजाओ तो सर्व के सहयोग की मदद मिलती रहेगी।

English Murli (23-Sep-2014)

Essence: Sweet children, this is a wonderful spiritual gathering (satsung) where you are taught to die alive. Only those who die alive become swans.

Question: What one concern do you children have now?
Answer: That you have to become complete before destruction takes place. The children who become strong in knowledge and yoga develop the hobby of changing human beings into deities. They cannot stay without doing service. They continue to run around like genies. Together with doing service, they also have the concern to make themselves complete.

Essence for dharna:
1. In order to become first from being last make effort like a mahavir. Do not fluctuate in the storms of Maya. Become merciful like the Father and do the service of opening the locks on the intellects of human beings.
2. Bathe daily in the ocean of knowledge and become angels. Do not miss this study for a single day. Maintain the intoxication that you are God’s students.

Blessing: May you be an embodiment of success who gains victory over every adverse situation on the basis of faith and intoxication.
Through yoga, now attain such success that any lack of attainment also gives you the experience of attainment. Faith and intoxication make you victorious over every situation. As you progress further, you will have such test papers that you might have to eat dry chappatis, but faith, intoxication and the power of success in yoga will make even dry chappatis soft; you will not be distressed. Maintain the honour of being an embodiment of success and no one will be able to distress you. If you have any facilities, then use them comfortably, but check that you are not deceived at that time.

Slogan: Be an instrument and play your part accurately and you will continue to receive co-operation from everyone.

आध्यात्मिक सेवा में ब्रह्मकुमारी,

In Spiritual Service Brahmakumari,

Note::-

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– मुरली –

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हिंदी मुरली (22-Sep-2014)

मुरली सार:- “मीठे बच्चे – बेहद की स्कॉलरशिप लेनी है तो अभ्यास करो-एक बाप के सिवाए और कोई भी याद न आये”

प्रश्न:- बाप का बनने के बाद भी यदि खुशी नहीं रहती है तो उसका कारण क्या है?
उत्तर:- 1- बुद्धि में पूरा ज्ञान नहीं रहता। 2- बाप को यथार्थ रीति याद नहीं करते। याद न करने के कारण माया धोखा देती है इसलिए खुशी नहीं रहती। तुम बच्चों की बुद्धि में नशा रहे-बाप हमें विश्व का मालिक बनाते हैं, तो सदा हुल्लास और खुशी रहे। बाप का जो वर्सा है-पवित्रता, सुख और शान्ति, इसमें फुल बनो तो खुशी रहेगी।

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) जैसे शिवबाबा का कोई भभका नहीं, सर्वेन्ट बन बच्चों को पढ़ाने के लिए आये हैं, ऐसे बाप समान अथॉरिटी होते हुए भी निरहंकारी रहना है। पावन बनकर पावन बनाने की सेवा करनी है।
2) विनाश काल के समय ईश्वरीय लॉटरी लेने के लिए प्रीत बुद्धि बन याद में रहने वा दैवीगुणों को धारण करने की रेस करनी है।

वरदान:- एक बल एक भरोसे के आधार पर माया को सरेन्डर कराने वाले शक्तिशाली आत्मा भव
एक बल एक भरोसा अर्थात् सदा शक्तिशाली। जहाँ एक बल एक भरोसा है वहाँ कोई हिला नहीं सकता। उनके आगे माया मूर्छित हो जाती है, सरेन्डर हो जाती है। माया सरेन्डर हो गई तो सदा विजयी हैं ही। तो यही नशा रहे कि विजय हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है। यह अधिकार कोई छीन नहीं सकता। दिल में यह स्मृति इमर्ज रहे कि हम ही कल्प-कल्प की शक्तियां और पाण्डव विजयी बने थे, हैं और फिर बनेंगे।

स्लोगन:- नई दुनिया की स्मृति से सर्व गुणों का आह्वान करो और तीव्रगति से आगे बढ़ो।

English Murli (22-Sep-2014)

Essence: Sweet children, in order to claim an unlimited scholarship, practise remembering only the one Father and no one else.

Question: What are the reasons for not experiencing happiness even after belonging to the Father?
Answer: 1. The full knowledge doesn’t remain in the intellect.
2. You do not remember the Father accurately. Because you don’t remember Baba, Maya deceives you. This is why there isn’t happiness. You children should have intoxication in your intellects that the Father is making you into the masters of the world, and you will then always have enthusiasm and happiness. Become full of the Father’s inheritance of purity, happiness and peace and you will remain happy.

Essence for dharna:
1. Just as Shiv Baba doesn’t have any pomp and He has come as the Servant to teach you children, so, you are an authority like the Father and you too remain egoless. Become pure and do the service of making others become pure.
2. In order to claim a Godly lottery at the time of destruction, be one with a loving intellect and race to stay in remembrance and imbibe divine virtues.

Blessing: May you be a powerful soul and make Maya surrender on the basis of your having one strength and one support.
One strength and one support means to be constantly powerful. Where there is one strength and one support, no one can shake you. Maya wilts in front of such souls and surrenders herself. When Maya surrenders herself, you are constantly victorious. So, always have the intoxication that victory is your birthright. No one can snatch this right away from you. Let the awareness emerge in your hearts that you are the Shaktis and Pandavas who have been victorious every cycle, are victorious and so will be once again.

Slogan: Invoke all the virtues by having the awareness of the new world and move forward at an intense speed.

आध्यात्मिक सेवा में ब्रह्मकुमारी,

In Spiritual Service Brahmakumari,

Note::-

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मुरली हिंदी और अंग्रेजी में…..

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Kmsraj51-CYMT04

 

हिंदी मुरली (20-Sep-2014)

मुरली सार:- “मीठे बच्चे – बाप की श्रीमत पर चलकर अपना श्रृंगार करो, परचिन्तन से अपना श्रृंगार मत बिगाड़ो, टाइम वेस्ट न करो”

प्रश्न:- तुम बच्चे बाप से भी तीखे जादूगर हो – कैसे?

उत्तर:- यहाँ बैठे-बैठे तुम इन लक्ष्मी-नारायण जैसा अपना श्रृंगार कर रहे हो। यहाँ बैठे अपने आपको चेन्ज कर रहे हो, यह भी जादूगरी है। सिर्फ अल्फ को याद करने से तुम्हारा श्रृंगार हो जाता है। कोई हाथ-पांव चलाने की भी बात नहीं सिर्फ विचार की बात है। योग से तुम साफ, स्वच्छ और शोभनिक बन जाते हो, तुम्हारी आत्मा और शरीर कंचन बन जाता है, यह भी कमाल है ना।

धारणा के लिए मुख्य सार :-
1) दूसरी सब बातों को छोड़ इसी धुन में रहना है कि हम लक्ष्मी-नारायण जैसा श्रृंगारधारी कैसे बने?
2) अपने से पूछना है कि :-
(1) हम श्रीमत पर चलकर मनमनाभव की चाबी से अपना श्रृंगार ठीक कर रहे हैं?
(2) उल्टी सुल्टी बातें सुनकर वा सुनाकर श्रृंगार बिगाड़ते तो नहीं हैं?
(3) आपस में प्रेम से रहते हैं? अपना वैल्युबुल टाइम कहीं पर वेस्ट तो नहीं करते हैं?
(4) दैवी स्वभाव धारण किया है?

वरदान:- शान्ति की शक्ति द्वारा असम्भव को सम्भव करने वाले सहजयोगी भव
शान्ति की शक्ति सर्वश्रेष्ठ शक्ति है। शान्ति की शक्ति से ही और सब शक्तियां निकली हैं। साइन्स की शक्ति का भी जो प्रभाव है वह साइंस भी साइलेन्स से निकली है। तो शान्ति की शक्ति से जो चाहो वह कर सकते हो। असम्भव को भी सम्भव कर सकते हो। जिसे दुनिया वाले असम्भव कहते हैं वह आपके लिए सम्भव है और सम्भव होने के कारण सहज है। शान्ति की शक्ति को धारण कर सहजयोगी बनो।

स्लोगन:- वाणी द्वारा सबको सुख और शान्ति दो तो गायन योग्य बनेंगे।

English Murli (20-Sep-2014)

Essence: Sweet children, follow the Father’s shrimat and decorate yourselves. Do not spoil your decoration by thinking about others. Do not waste your time.

Question: How are you children cleverer magicians than the Father?
Answer: Whilst sitting here, you are decorating yourselves to become like Lakshmi and Narayan. While sitting here you are changing yourselves: this too is magic. By remembering Alpha alone, you become decorated. There is no need to use your hands and feet, for it is just a question of thinking about it. By having yoga, you become clean, pure and beautiful. Both you, the souls, and your bodies become pure, and that too is a wonder.

Essence for dharna:
1. Renounce everything else and simply be concerned about how to become decorated like Lakshmi and Narayan.
2. Ask yourself:
1) Am I decorating myself very well by following shrimat and using the key of manmanabhav?
2) Am I spoiling my decoration by speaking and listening to wrong things?
3) Do I interact with everyone with love? Am I wasting my valuable time anywhere?
4) Have I adopted a divine nature?

Blessing: May you be an easy yogi who makes the impossible possible with the power of silence.
The power of silence is the most elevated power. All other powers have emerged through the power of silence. The impact of the power of science has emerged from silence. You can achieve whatever you want through the power of silence. You can even make the impossible possible. Whatever the world considers to be impossible, you consider that to be possible and, because it is possible, it is easy. Imbibe the power of silence and become an easy yogi.

Slogan: Give everyone happiness and peace through your words and you will become worthy of being remembered.

आध्यात्मिक सेवा में ब्रह्मकुमारी,

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अपनी सफलता स्वयं सुनिश्चित करें।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ अपनी सफलता स्वयं सुनिश्चित करें। ϒ

  • एक पेड़ में अगर फूल केवल कुछ ही जगहों पर न होकर चारों तरफ फैले होते हैं, तो उसकी खूबसूरती बढ़ जाती है। उसी तरह अगर कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे बहुत से हों तो उन्हें देखकर एक शिक्षक का मन खुश होता रहता है। उन्हें लगता है कक्षा का स्तर बढ़ा हुआ है, इन्हें और अधिक ऊंची बातें बतायी जा सकती है। क्योंकि हीरा हमेशा सोने जैसी बहुमूल्य धातुओं पर ही जड़ा जाता है लोहे पर नहीं। हमेशा श्रेष्ठ चीजें, श्रेष्ठ आधार पर ही शोभा पाती है, इसलिए तुम हमेशा कक्षा में एक श्रेष्ठ आधार बनने की कोशिश करो। ~Kmsraj51
  • अपनी सफलता स्वयं सुनिश्चित करें। अपने Mind काे कुछ इस तरह से खुराक दें। – किसी भी इंसान का माइंड(Mind) काेई भी बात ज्यादातर चित्र(Image) Form में सोचता हैं, इसलिए अपने लक्ष्य का चित्र व महत्वपूर्ण कार्य का जर्नल(नाेटबुक या डायरी) Hard और Soft दोनों प्रारूप में रखें तथा Daily Base पर अपने अवचेतन मन काे याद दिलाये सुबह उठते ही व रात्रि में साेने से पहले। ~Kmsraj51
  • जिस कर्म काे करने से आप अंदर से Strong महसूस करते है, वही अच्छे कर्म हैं।
    और जिस कर्म काे करने से आप अंदर से Weak महसूस करते है, वही बुरे कर्म हैं॥ ~Kmsraj51
  • समस्याएँ हमारी बुद्धि काे पूर्ण विकसित बनाती हैं और हमारी बहुत सारी सुषुप्त(साेई हुई या शिथिल) शक्तियों काे जगाने का कार्य करती हैं। ~Kmsraj51
  • आपको अपने असीमित आंतरिक शक्तियों को पहचानने की जरूरत हैं, तथा अपने असीमित आंतरिक शक्तियों काे संपूर्ण(आत्मा, तन, मन व धन) रूप व सही तरीके से अपने एक लक्ष्य काे पाने में लगा दें। आपको निश्चित रूप से सफलता मिलेगी। ~Kmsraj51
  • जीवन की कोई ऐसी परिस्थिति नहीं जिसे अवसर में ना बदला जा सके। हर परिस्थिति का “कुछ ना कुछ सन्देश” होता है। अगर तुम्हारे पास किसी दिन कुछ खाने को ना हो तो श्री सुदामा जी की तरह प्रभु को धन्यवाद दो “प्रभु आज आपकी कृपा से यह एकादशी जैसा पुण्य मुझे प्राप्त हो रहा है।”~Kmsraj51

  • धैर्य सदैव ही आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगी, सच्ची लगन आपकाे आपके मंजिल तक अवश्‍य पहुचाएगी और मूल्यवान है आपके ज़िन्दगी का हर लम्हा इसे व्यतीत न करे – बल्कि जी भर के जीएँ।~Kmsraj51
  • जाे मनुष्य हर बात काे भूल जाता है अर्थात किसी भी बात काे मन में रखकर ढोता नहीं, उसका मस्तिष्क निगेटिव एनर्जी से मुक्त रहता है। इसलिए भूलने में ही भला हैं।~Kmsraj51
  • समस्या से बचना ही आवश्यक नहीं है, समझदार वाे हैं जाे समस्या से टकराये, और उसे मिटाकर ही दम ले। इतिहास वही बदलते हैं जाे दिन में सपने देखते हैं।~Kmsraj51
  • अहंकार सदैव ही सर्वनाश की ओर लेकर जाता हैं।~Kmsraj51
  • सदैव आपकी यही कोशिश हाे कि आपका अगला क्षण, पिछले क्षण से अच्छा(Best) हाे।~Kmsraj51

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© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Editor in Chief, Founder & CEO
of,,  https://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

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– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

* अपनी आदतों को कैसे बदलें।

निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51