एक सफल जीवन के लिए-आत्मा का दैनिक भोजन-07-May-2014

kmsraj51 की कलम से…..

Soulword_kmsraj51 - Change Y M T

English Murli

Essence: Sweet children, the Father is the saccharine of love of all relationships. Remember the one sweet Beloved and your intellect will move away from all other directions.

Question: What is the easy effort you make and way to become karmateet?
Answer: Make effort for your vision of brotherhood to become firm. Forget everything except the one Father from your intellect. When you don’t remember any bodily relationships, you can become karmateet. The destination of your effort is to consider yourselves to be souls, brothers. By considering yourselves to be brothers, body-conscious vision and all vicious thoughts will end.

Essence for dharna:
1. In order to attain a first-class beautiful body in the golden age, make the soul pure now. Remove the rust. Do not follow artificial fashion.
2. In order to become ever pure, practise not remembering anyone except the one Father. You should even forget that body of yours. Make the vision of brotherhood firm and natural.

Blessing: May you become filled with all treasures and a bestower who bestows by being aware of your form of one who has a right to the kingdom and then worthy of worship.

Constantly maintain the awareness: I am a worthy-of-worship soul and a bestower who gives to others; not one who takes (levta), but one who gives (a deity – devta). Just as the Father gave to all of you by Himself, in the same way, become a master bestower and continue to give, do not ask for anything. Maintain the awareness of your form of one with a right to the kingdom and one who is worthy of worship. Until today, people have been going to your non-living images and have continued to ask for something and to be saved. So, you are the ones who save others, not those who cry out to be saved. However, in order to become a bestower, become filled with all treasures through remembrance, service, good wishes and pure feelings.

Slogan: Happiness on your face and in your activity is the sign of a spiritual personality.


 

Hindi Murli

मुरली सार:- “मीठे बच्चे – बाप है सर्व सम्बन्धों के प्यार की सैक्रीन, एक मीठे माशुक को याद करो तो बुद्धि सब तरफ से हट जायेगी”

प्रश्न:- कर्मातीत बनने का सहज पुरूषार्थ वा युक्ति कौन-सी है?
उत्तर:- भाई-भाई की दृष्टि को पक्का करने का पुरूषार्थ करो। बुद्धि से एक बाप के सिवाए और सब कुछ भूल जाये। कोई भी देहधारी सम्बन्ध याद न आये तब कर्मातीत बनेंगे। अपने को आत्मा भाई-भाई समझना – यही पुरूषार्थ की मंज़िल है। भाई-भाई सम¬झने से देह की दृष्टि, विकारी ख्यालात ख़त्म हो जायेंगे।

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) सत¬युग में फर्स्ट¬क्लास सुन्दर शरीर प्राप्त करने के लिए अभी आत्मा को पावन बनाना है, कट उतार देनी है। आर्टीफि¬शल फैशन नहीं करना है।
2) एवर पवित्र बनने के लिए प्रैक्टिस करनी है कि एक बाप के सिवाए कुछ भी याद न आये। यह देह भी भूली हुई हो। भाई-भाई की दृष्टि नैचु¬रल पक्की हो।

वरदान:- अपने राज्य अधिकारी वा पूज्य स्वरूप की स्मृति से दाता बन देने वाले सर्व खजानों से सम्पन्न भव
सदा इसी स्मृति में रहो कि मैं पूज्य आत्मा औरों को देने वाली दाता हूँ, लेवता नहीं, देवता हूँ। जैसे बाप ने आप सबको आपेही दिया है ऐसे आप भी मास्टर दाता बन देते चलो, मांगो नहीं। अपने राज्य अधि¬कारी वा पूज्य स्वरूप की स्मृति में रहो। आज तक आपके जड़ चित्रों से जाकर मांगनी करते हैं, कहते हैं हमको बचाओ। तो आप बचाने वाले हो, बचाओ-बचाओ कहने वाले नहीं। परन्तु दाता बनने के लिए याद से, सेवा से, शुभ भावना, शुभ कामना से सर्व खजानों में सम्पन्न बनो।

स्लोगन:- चलन और चेहरे की प्रस¬न्नता ही रूहानी पर्स¬नै¬लिटी की निशानी है।


Hinglish Murli

Murli Saar : – Meethe Bacche – Baap Hai Sarva Sambandho Ke Pyaar Ki Sakrine, Ek Mithe Mashuk Ko Yaad Karo Toh Buddhi Sab Taraf Se Hat Jayegi”

Prashna : – Karmatit Banne Ka Sahaj Pursharth Va Yukti Kaun – Si Hai ?

Uttar : – Bhai – Bhai Ki Dhrishti Ko Pakka Karne Ka Pursharth Karo. Buddhi Se Ek Baap Ke Sivay Aur Sab Kuch Bhul Jaye. Koi Bhi Deh Dhari Sambandh Yaad Na Aaye Tab Karmatit Banenge. Apne Ko Atma Bhai – Bhai Samjhna – Yahi Pursharth Ki Manzil Hai. Bhai – Bhai Samajhne Se Deh Ki Dhrishti, Vikari Khayalat Khtsm Ho Jayenge.

Dharan Ke Liye Mukhya Saar : –

1 ) Satyug Mei Firstclass Sundar Sharir Prapt Karne Ke Liye Abhi Atma Ko Paavan Banana Hai, Kat Utaar Deni Hai. Artificial Faishan Nahi Karna Hai.

2 ) Ever Pavitra Banne Ke Liye Practise Karni Hai Ki Ek Baap Ke Sivay Kuch Bhi Yaad Na Aaye. Yah Deh Bhi Bhuli Hui Ho. Bhai – Bhai Ki Dhrishti Natural Pakki Ho.

Vardan : – Apne Rajya Adhikari Va Pujya Swarup Ki Smruti Se Data Ban Dene Wale Sarva Khazano Se Sampann Bhav

Sada Issi Smruti Mei Raho Ki Mei Pujya Atma Aoro Ko Dene Vaali Data Hu, Levta Nahi, Devta Hu. Jaise Baap Ne Aap Sabko Aapehi Dia Hai Aise Aap Bhi Master Data Ban Dete Chalo, Mango Nahi. Apne Rajya Adhikari Va Pujya Swarup Ki Smruti Mei Raho. Aaj Tak Aapke Jad Chitro Se Jaakar Maagni Karte Hai, Kahte Hai Humko Bachao. Toh Aap Bachane Wale Ho, Bachao – Bachao Kahne Wale Nahi. Parantu Data Banne Ke Liye Yaad Se, Seva Se, Shubh Bhaavna, Shubh Kamna Se Sarva Khazano Mei Sampann Banno.

Slogan : – Chalan Aur Chehre Ki Prasanata Hi Ruhani Personality Ki Nishani Hai.

आध्यात्मिक सेवा में, 
ब्रह्माकुमारी

brahmakumaris-kmsraj51

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pink-sky-kmsraj51-10-Words for a success ful life

Picture Quotes By- “तू न हो निराश कभी मन से” किताब से

Book-Red-kmsraj51

100 शब्द  या  10 शब्द – एक सफल जीवन के लिए –

(100 Word “or” Ten Word For A Successful Life )

“तू न हो निराश कभी मन से” किताब => लेखक कृष्ण मोहन सिंह (kmsraj51)

“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की  व्यथ॔ के लीये समय ही ना बचे” -Kmsraj51 

Soulword_kmsraj51 - Change Y M T

 

“सफल लोग अपने मस्तिष्क को इस तरह का बना लेते हैं कि उन्हें हर चीज सकारात्मक व खूबसूरत लगती है।”
-KMSRAJ51

“हमारी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि हम अपने जीवन का कुछ सेकंड, प्रतिघंटा और प्रतिदिन कैसे बिताते हैं”
-KMSRAJ51

-A Message To All-

मत करो हतोत्साहित अपने शब्दों से ……आने वाली नयी पीढ़ी को ,
वो भी करेंगे कुछ ऐसा एक दिन…. जिसे देखेगा ज़माना ….पकड़ती हुई नयी सीढ़ी को ॥

कुछ भी आप के लिए संभव है ॥

जीवन मंदिर सा पावन हाे, बाताें में सुंदर सावन हाे।

स्वाथ॔ ना भटके पास ज़रा भी, हर दिन मानो वृंदावन हाे॥

~kmsraj51

95+ देश के पाठकों द्वारा पढ़ा जाने वाला हिन्दी वेबसाइट है,, –

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मैं अपने सभी प्रिय पाठकों का आभारी हूं…..  I am grateful to all my dear readers …..

“तू न हो निराश कभी मन से” book

~Change your mind thoughts~

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“ॐ” – OM या AUM – के जाप से होता है शारीरिक लाभ।

Kmsraj51 की कलम से…..

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ϒ “ॐ” के जाप से होता है शारीरिक लाभ। ϒ

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“ॐ” केवल एक पवित्र ध्वनि ही नहीं, अपितु अनंत शक्ति का प्रतीक है। अर्थात् ओउम् तीन अक्षरों से बना है, जो सर्व विदित है । अ उ म् । “अ” का अर्थ है आर्विभाव या उत्पन्न होना, “उ” का तात्पर्य है उठना, उड़ना अर्थात् विकास, “म” का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् “ब्रह्मलीन” हो जाना । सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और पूरी सृष्टि का द्योतक है । ॐ धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष इन चारों पुरुषार्थों का प्रदायक है । मात्र का जप कर कई साधकों ने अपने उद्देश्य की प्राप्ति कर ली। कोशीतकी ऋषि निस्संतान थे, संतान प्राप्तिके लिए उन्होंने सूर्यका ध्यान कर का जाप किया तो उन्हे पुत्र प्राप्ति हो गई । गोपथ ब्राह्मण ग्रन्थ में उल्लेख है कि जो “कुश” के आसन पर पूर्व की ओर मुख कर एक हज़ार बार रूपी मंत्र का जाप करता है, उसके सब कार्य सिद्ध हो जाते हैं।

उच्चारण की विधि : प्रातः उठकर पवित्र होकर ओंकार ध्वनि का उच्चारण करें। ॐ का उच्चारण पद्मासन, अर्धपद्मासन, सुखासन, वज्रासन में बैठकर कर सकते हैं। इसका उच्चारण 5, 7, 10, 21 बार अपने समयानुसार कर सकते हैं। ॐ जोर से बोल सकते हैं, धीरे-धीरे बोल सकते हैं। ॐ जप माला से भी कर सकते हैं।

के उच्चारण से शारीरिक लाभ –

1. अनेक बार ॐ का उच्चारण करने से पूरा शरीर तनाव-रहित हो जाता है।

2. अगर आपको घबराहट या अधीरता होती है तो ॐ के उच्चारण से उत्तम कुछ भी नहीं।

3. यह शरीर के विषैले तत्त्वों को दूर करता है, अर्थात तनाव के कारण पैदा होने वाले द्रव्यों पर नियंत्रण करता है।

4. यह हृदय और ख़ून के प्रवाह को संतुलित रखता है।

5. इससे पाचन शक्ति तेज़ होती है।

6. इससे शरीर में फिर से युवावस्था वाली स्फूर्ति का संचार होता है।

7. थकान से बचाने के लिए इससे उत्तम उपाय कुछ और नहीं।

8. नींद न आने की समस्या इससे कुछ ही समय में दूर हो जाती है।
रात को सोते समय नींद आने तक मन में इसको करने से निश्चित नींद आएगी।

9. कुछ विशेष प्राणायाम के साथ इसे करने से फेफड़ों में मज़बूती आती है।

10. के पहले शब्द का उच्चारण करने से कंपन पैदा होती है।
इन कंपन से रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है और इसकी क्षमता बढ़ जाती है।

11. के दूसरे शब्द का उच्चारण करने से गले में कंपन पैदा होती है जो कि थायरायड ग्रंथी पर प्रभाव डालता है।

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आपका सबका प्रिय दोस्त,

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
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– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

-KMSRAJ51

 

 

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