Q. A. W. – KMSRAJ51 – Ep.- 3rd / 16-April-2017

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ Q. A. W. ~ KMSRAJ51 ϒ

ओम गंग गणपतये नमः 

श्री गणेश मंत्र ~

ऊँ वक्रतुण्ड़ महाकाय सूर्य कोटि समप्रभं।
निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा।।

Q. 1 .⇒  जीवन में कभी – कभी ऐसी परिस्थिति आ जाती हैं जब समझ में नहीं आता की क्या करें ?
                                                                  या
            जीवन में कई बार ऐसी परिस्थिति आ जाती हैं जब समझ में ही नहीं आता कि क्या करूं या क्या ना करूं, ऐसे समय में अपने Mind काे कैसे Setup करें ?
                                                                                                         -श्वेता तिवारी, ग्वालियर (मध्य प्रदेश)

                                                                                                         -मधुलिका शर्मा, हरिद्वार, (उत्तराखंड)

A. 1 .⇒  सभी मनुष्यों के जीवन में एक नहीं, कई बार ऐसी परिस्थिति आती हैं जब समझ में ही नहीं आता की क्या उचित है, और क्या अनुचित हैं, अर्थांत – क्या करना सही है, या क्या करना गलत है या या यू कहें कि right or wrong में भेद नहीं कर पाते।

जब भी जीवन में ऐसी परिस्थिति आये – अपने Mind को कुछ इस तरह से खुराक दें …..

  • मानव शरीर काे चलाने वाली शक्ति काे Soul (आत्मा, प्राण, जी, जीव, रूहकहते हैं। आत्मा कि तीन मुख्य शक्तियां हैं … मन, बुद्धी व संस्कार। मन सोचने व बुद्धी निर्णय करने का कार्य करती है, और बुद्धी जाे निर्णय करती है शरीर कि कर्मेंद्रिया उसी अनुसार कार्य करती हैं, और शरीर कि कर्मेंद्रियाें के द्वारा जाे कार्य हाेता हैं वही संस्कार के रुप में Soul के अंदर रिकॉर्ड हाेता रहता हैं।
  • किसी भी इंसान का माइंड(Mind) काेई भी बात ज्यादातर चित्र(Image) Form में सोचता हैं, इसलिए अपने लक्ष्य का चित्र व महत्वपूर्ण कार्य का जर्नल(नाेटबुक या डायरी) Hard और Soft दोनों प्रारूप में रखें तथा Daily Base पर अपने अवचेतन मन काे याद दिलाये सुबह उठते ही व रात्रि में साेने से पहले।
  • चाहे बहुत ज्यादा महापापी आत्मा हाे या बहुत ज्यादा पुण्य आत्मा हाे, जब भी काेई कर्म करने का विचार मन में आता है – हर मनुष्य कि आत्मा अंदर से आवाज़ देती है कि यह करना सही है या यह करना गलत हैं, और कुछ माइक्रो सेकंड्स के अंतराल में ही द्वितीय आवाज़ भी आ जाती हैं।
  • जब भी जीवन में “ऐसी परिस्थिति आये, जब समझ में ही नहीं आये कि क्या करूं या क्या ना करूं” ताे आत्मा के अंदर से आने वाली पहली आवाज़ का अनुसरण करें, अर्थांत – आत्मा कि पहली आवाज़ काे सुने और उसी के अनुसार ही कार्य करें … आपकाे जीवन में सदैव ही सफलता मिलेंगी।
  • ज्यादातर मनुष्य आत्मा के अंदर से आने वाली द्वितीय आवाज़ का अनुसरण करते हैं, इसी कारण “क्या करूं या क्या ना करूं” कि समझ भी खाे देते हैं। जिस वजह से सदैव असफल हाेते हैं।
  • आत्मा के अंदर से आने वाली इसी पहली आवाज़ काे कई लाेग “दिल का आवाज़” भी कहते हैं। या बहुत सारे लाेग इसे अंदर की पहली आवाज़, अंदर की आवाज़ भी कहते हैं।
  • अपने मन को सदैव ही सकारात्मक विचारों का खुराक दें, अपने आप को हमेशा अच्छे कार्यों में व्यस्त रखें। जिससे फालतू के कार्यों में आपके समय की बर्बादी नहीं हाेगी।

“प्रकृति का एक बहुत ही कारगर नियम है, यदि मिट्टी में काेई बीज न बाेया जाये ताे प्रकृति उस मिट्टी काे घास-फूस से भर देती है।”

  • बिल्कुल यही नियम इंसान के दिमाग पर भी लागू होता हैं। अगर इंसान का दिमाग व मन अच्छे विचाराें से नहीं भरा जाये ताे उसमें नकारात्मक विचार स्वचालित रूप से अपना जगह बना लेते है और इंसान चिंताग्रस्त हाे जाता है, तथा उसे समझ में ही नहीं आता कि क्या करूं या क्या ना करूं। एक कहावत भी है –

“खाली मन शैतान का घर हाेता है।”

  • अच्छे works में जब अपने आपकाे busy रखेगें ताे, फालतू विचार साेचने का time ही नहीं हाेगा। “जहा तक हाे सके सदैव ही अपने मन काे अच्छे विचाराें से भरें।”
  • अपना संग सकारात्मक लोगों के साथ रखें। ऐसे लोगों से दोस्ती रखें जो सदैव ही सकारात्मक सोचते है। नकारात्मक सोच रखने वालों से जितना हो सके दूरी बनाकर रखें।

Q. 2 .⇒  ८०/२० (80/20) का नियम क्या हैं ?( What are the rules of 80/20? )
                                                     या
                                ८०/२० (80/20) के नियम को अपने जीवन में कैसे लागू करें ?
                                             ( How to apply the rule of 80/20 in your life? )
                                                    स्मृती सिंह, सूरत (गुजरात), भूमिका भट्टाचार्य, कोलकाता (पश्चिम बंगाल),
                                                                        ♦ लवली मिश्रा, पटना (बिहार),  राहुल गर्ग, चंडीगढ़,

A. 2 .⇒  इस नियम (80/20) के अनुसार …..

  • आपकी 20 प्रतिशत गतिविधियाँ 80 प्रतिशत Results देगी। (Your 20 percent of activities will give 80 percent results.)
  • आपके 20 प्रतिशत ग्राहक 80 प्रतिशत विक्री करवायेंगे। (20% of your customers will be selling 80%.)
  • आपके २० प्रतिशत प्रोडक्ट्स ८० प्रतिशत मुनाफा दिलवायेंगे। (20% of your products will get 80% profit.)
  • आपके 20 प्रतिशत कार्य 80 प्रतिशत मूल्य बढ़ायेगें आदि। (Your 20 percent work will increase 80 percent of the price etc.)
  • इसका मतलब ये है कि अगर आपकी सूची में कुल 10 कार्य हैं; ताे उनमे से Only 2 (दाे) कार्य बाकी सबसे पांच से दस गुना ज्यादा मूल्यवान होगा। (This means that if you have 10 tasks in your list; Only two of them will be worth five to ten times more valuable.)
  • वैसे यह नियम(८०/२०) तो इस संसार के आदि से ही हैं। (This rule (80/20) is from the beginning of this world.)
  • लेकिन वर्तमान समय में इस नियम (80/20) काे कलमबध्य किया “इतालवी अर्थशास्त्री विल्फ्रे़डाे पैरेटाे” ने 1895 में इस नियम के बारे में विस्तार से लिखा था। इसीलिए इस नियम काे “पैरेटाे नियम” या “पैरेटाे सिद्धांत” भी कहते हैं। (But in the present time, this rule (80/20) was compiled by the “Italian economist Vilfredo Pareto” wrote in 1895 detailed about this rule. That’s why this rule is also called “Pareto rules” or “Pareto theory”.)
  • यह 80/20 का नियम “समय और जीवन प्रबंधन” के लिए बहुत ही बड़ा सहायक नियम हैं। (This rule of 80/20 is very helpful rules for “time and life management”.)
  • पैरेटाे ने गाैर किया कि उनके समाज में लाेग स्वाभाविक रूप से दाे धड़ाें में विभाजित हैं। (Pareto insisted that people in their society are naturally divided into right-wing groups.)एक धड़ा था, “महत्वपूर्ण अल्पमत” (vital few), जाे पैसे और प्रभाव के संदर्भ में शीर्षस्थ 20 प्रतिशत में आते थे। (There was a clause, “significant minority” (vital few) used to come in the top 20 percent in terms of money and effect.)…. दूसरा था – “तुच्छ बहुमत” जाे निचले 80 प्रतिशत में आते थे। बाद में उन्हें पता चला कि यही नियम लगभग सारी आर्थिक गतिविधियाें की बुनियाद भी है।कार्याें कि संख्या के बजाय, कार्याें के महत्त्व काे समझे – यहा मैं एक दिलचस्प Research (खाेज या अनुसंधान) के बारे में बताना चाहता हूँ। दस कार्याें में से हर एक काे पुरा करने में लगभग समान समय लगता हैं। आपके कार्य करने कि आदताें की वजह से केवल एक-दाे कार्य बाकी किसी भी कार्य की तुलना में पाँच से दस गुना ज्यादा मूल्य का याेगदान देंगे।अपने महत्वपूर्ण १० कार्यों की एक लिस्ट तैयार करें। – ज्यादातर दस कार्यों की लिस्ट में से आप देखेंगे की एक कार्य बाकी नाै कार्यों से ज्यादा मूल्यवान हाेता हैं। बस जरुरत यही है कि इसी एक मूल्यवान कार्य काे सबसे पहले कर लेना चाहिए। क्या आप अंदाजा लगा सकते है कि आम आदमी ज्यादातर किस कार्य में सबसे ज्यादा टालमटाेल करता है ? दुःखद सच्चाई यह हैं कि ज्यादातर लाेग उन शीर्षस्थ १० से २०% कार्यों में टालमटाेल करते है, जाे सबसे मूल्यवान और महत्त्वपूर्ण हाेते हैं-“महत्त्वपूर्ण अल्पमत”।
    इसके बजाय वे न्यूनतम महत्त्व के ८०% कार्यों (“तुच्छ बहुमत”) – में व्यस्त रहते है, जाे परिणामाें में बहुत कम याेगदान देते हैं।उपलब्धियों पर नहीं गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करें – (Focus on activities not on achievements ) – आप ऐसे लाेगाें काे अक्सर देखते है, जाे दिन भर व्यस्त नज़र आते हैं, लेकिन इसके बावजूद बहुत कम हासिल कर पाते हैं – कारण स्पष्ट है। वे ऐसे कार्य करने में व्यस्त रहते है, जिनका मूल्य कम हाेता हैं। इस दाैरान वे उन एक-दाे कार्याें में टालमटाेल करते है, जिन्हें अगर जल्द से जल्द और अच्छी तरह पुरा कर लिया जाए – ताे इससे उनकी कंपनियों और कैरियर में सच्चा बड़ा फर्क पड़ेगा।दिन के सबसे मूल्यवान कार्य अक्सर सबसे मुश्किल और जटिल हाेते हैं। लेकिन इन्हें कुशलता से पूरा करने के पुरस्कार और फायदे भी जबरदस्त हाेेते है। इसलिए आपकाे यह संकल्प लेना चाहिए कि निचले ८०% कार्य तब तक नहीं करेंगे, जब तक कि २०% कार्य बचे हाे।

    कार्य शुरू करने से पहले हमेशा खुद से पुछें “यह मेरे शीर्षस्थ २०% कार्याें में आता है या फिर निचले ८०% कार्याें में ? याद रखें – “छोटे कार्यों को सबसे पहले करने के प्रलोभन से बचें”।

    आप बार-बार जाे भी करने का विकल्प चुनते हैं, वह अंत में एक आदत बन जाता है, जिसे छाेड़ना मुश्किल हाेता है। अगर आप अपना दिन महत्वहीन कार्याें से शुरू करने का विकल्प चुनते है – ताे जल्दी ही आपकाे हमेशा महत्वहीन कार्याें से दिन शुरू करने की आदत पड़ जाएगी। यह ऐसी आदत नहीं है – जिसे डालना या कायम रखना चाहिए।

    किसी महत्त्वपूर्ण कार्य काे शुरू करना उसका सबसे मुश्किल हिस्सा हाेता है। एक बार जब आप काेई सचमुच मूल्यवान कार्य शुरू कर देते है, – ताे स्वभाविक रूप से अापकाे आगे कार्य करते रहने कि प्रेरणा मिलेगी। आपके दिमाग का एक हिस्सा उन महत्त्वपूर्ण कार्याें में व्यस्त रहना चाहता हैं, जिनसे सचमुच फ़र्क पड़ता है। अपने दिमाग के इस हिस्से को लगातार पाेषण देते रहें।

    ॰ मैं सदैव ही एक बात कहता हुँ कि – “अगर अपने लक्ष्य काे प्राप्त करना चाहते है ताे स्वयं काे प्रेरित करें”।~Kmsraj51

    किसी महत्त्वपूर्ण कार्य काे शुरू और पुरा करने के बारे में सोचने भर से ही आप प्रेरित हाे जाते हैं। इससे आपकाे टालमटाेल छाेड़ने में मदद मिलती है। सच ताे यह है कि किसी महत्त्वपूर्ण कार्य काे पुरा करने के लिए भी अक्सर उतने ही समय की जरुरत हाेती है, जितनी कि महत्वहीन कार्य काे करने के लिए फर्क यह है कि महत्त्वपूर्ण कार्य पूरा करने के बाद आपकाे गर्व और संतुष्टि का ज़बरदस्त एहसास हाेता है। बहरहाल जब आप उतना ही समय और ऊर्जा खर्च करके काेई मूल्यहीन या महत्वहीन कार्य पूरा करते हैं – ताे आपकाे बहुत कम संतुष्टि मिलती है या ज़रा भी नहीं मिलती।

  1. Time Management (समय प्रबंधन) वास्तव में जीवन का प्रबंधन हैं, स्वयं का प्रबंधन हैं। यह दरअसल घटनाओं के क्रम को नियंत्रित करना हैं। समय प्रबंधन का अर्थ है – इस बात पर नियंत्रण करना कि आप अगला कार्य काैन सा करेंगे, और आप सदैव अपना अगला कार्य चुनने के लिए स्वतंत्र होते हैं। महत्वपूर्ण और महत्वहीन के बीच विकल्प चुनने कि आपकी काबिलियत जिंदगी और काम धंधे में     आपकी सफलता तय करने वाली अहम् कुंजी हैं।

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जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

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– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

* अपनी आदतों को कैसे बदलें।

निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51

 

 

 

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KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

Kmsraj51 की कलम से…..

Kmsraj51-CYMT08

कृष्ण मोहन सिंह 51 या (kmsraj51) ~ सकारात्मक विचारों का समूह …..

:- गहराई से सोचना प्रत्येक शब्द 

मेरे(kmsraj51) कुछ व्यक्तिगत सकारात्मक विचारों का समूह …..

अपनी सोच को हमेशा सकारात्मक रखना …..

हमेशा मन को शांत रखना …..

दिमाग को हमेशा अनुसंधान में लगाये रखना …..

हमेशा (सदैव) अन्य लोगों से अपनी सोच को अलग रखना …..

हमेशा अपनी मन की कमजोरी को दूर रखना …..

हमेशा आंतरिक आत्मा की (आत्मा के अंदर की आवाज) आवाज सुनो …..

हमेशा ईस सूत्र का उपयोग करें …..

….. कोशिश + कोशिश + कोशिश + कोशिश + कोशिश = सफलता

आपके जीवन में हमेशा खुशी मिलेगी …..

आपका कृष्ण मोहन सिंह 51 या (kmsraj51) ….. मैं एक शुद्ध आत्मा हूँ!! …..

** ओम शांति!! ~ ओम साईराम!! ~ ओम शांति!! ~ ओम साईराम!! ~ओम शांति!! ~ ओम साईराम!!

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

-KMSRAJ51

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कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

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“अगर जीवन में सफल हाेना हैं, ताे कभी भी काेई भी कार्य करें ताे पुरें मन से करे।

जीवन में सफलता आपकाे देर से ही सही लेकिन सफलता आपकाे जरुर मिलेगी॥”

 ~KMSRAJ51

“अगर जीवन में सफल हाेना हैं. ताे जहाँ १० शब्दाें से काेई बात बन जाये वहा पर,

१०० शब्द बाेलकर अपनी मानसिक और वाणी की ऊर्जा को नष्ट नहीं करना चाहिए॥”

 ~KMSRAJ51

 

 

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Soul Sustenance & Message for the day 11-04-2014

kmsraj51 की कलम से …..

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Soul Sustenance 11-04-2014
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Universal Concepts About The Supreme Being or God – Part 2

Just as a candle flame emerges from a point source and assumes an oval form, mystics and saints throughout the passage of time have had visions of God as a point of self-luminous light with an oval aura.

Most religions have images, idols or memorials, having one name or the other to represent God as light or as an oval shape.

Throughout India there are statues of an oval-shaped image. They are called Shivalingas, and are thought to represent the Creator Himself. The names of the temples of Shiva confirm this: Somnath, the Lord of Nectar; Vishwanath, The Lord of the Universe; Mukteshwara, the Lord of Liberation, etc..

In the Old Testament of the Bible, it is mentioned that Moses had a vision of light as a burning bush in the desert. Jesus also referred to God as light. In some Christian ceremonies, during the ceremonies, an ostensorio is held up. The ostensorio is a golden ball with many rays radiating from it. Perhaps this is a symbolic representation of God.

Guru Nanak, the founder of Sikhism called Him Ek Omkar, Nirakar, the one non-physical (bodiless) being or soul.

According to Islamic legend, when Adam left paradise he came to a low hill upon which he saw a shining white oval stone. Around this stone he circled seven times praising God. He then built the Kaaba. By the time of Abraham it needed to be rebuilt as a temple to honour the one God. The town of Mecca grew around this spot. This oval stone, later called Sang-e-aswad and now ‘blackened’ by the kisses of millions of sinners, so they say, is the only object of worship in the whole of Islam.

(To be continued tomorrow …)

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Message for the day 11-04-2014
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Where there is faith, there is greatness.

Expression: To have faith means to recognize the positivity in the self, in others and in situations. It also means a deep connection with God. The one who has faith is able to bring out the greatness in everything and everyone. So such a person reveals his greatness wherever he is.

Experience: When I have unbroken faith, I have the understanding that everything that happens is for some good cause. So, I am satisfied with everything that happens in my life. So I am creative in my responses to the environment, which in turn, makes me truly great.

In Spiritual Service,
Brahma Kumaris

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Soul Sustenance & Message for the day 10-04-2014

kmsraj51 की कलम से …..

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Soul Sustenance 10-04-2014
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Universal Concepts About The Supreme Being or God – Part 1

There are some universally accepted characteristics of God:

• He is the creator and the one who sustains and takes care of the entire world population.
• He is the Highest of Highest.
• He is the Supreme Father.
• He is non-physical.
• He is omnipotent (one with unlimited power).
• He is a living being.
• He is all-loving and possesses complete knowledge.
• He is unchangeable.
• He is one and He is light.
• He is perfect in values and morals.
• He is absolutely just.
• He is the Supreme Benefactor (the one who brings benefit to everyone).
• He is the savior of souls.
• He is the purifier.
• He is mysterious in His ways.

Even in those religions that believe in and worship many Gods, there is one God who stands above the others. Then there are other faiths who believe God to be one single Supreme Being. Traditions, sacred texts, monuments, sayings and rituals all over the world, point to the existence of and belief in one knowledgeful, all-powerful and merciful being or soul. That being is universally called out to and recognized as the remover of sorrow, the giver of happiness and the savior of the sinful.

(To be continued tomorrow …)

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Message for the day 10-04-2014
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To be a master means to win over habits

Expression: Normally habits rule over the person and there is the inability to be a master over them. But to be a master is not to get influenced negatively by the habits but to be a stronger influence. The one who is a master never reacts to situations, but is able to respond to situations positively. Such a person is free from negativity in words and actions.

Experience: When there is inner silence I am able to overcome the negative influence of my habits. Inner silence comes with an experience of positivity. With practice I experience detachment from the situations and am able to feel the inner powers which frees me from the negativity of the situation too. So there is victory over the habit.

In Spiritual Service,
Brahma Kumaris

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“Soul Sustenance & Message for the day 25-01-2014”

KMSRAJ51 Celebrate ~ Happy Anniversary!! Month
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KMSRAJ51 Celebrate ~ Happy Anniversary!! Month


95 kmsraj51 readers

kmsraj51 की कलम से …..
Indian Flag

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Soul Sustenance 25-03-2014
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Creating a Positive Atmosphere

To create a positive atmosphere at home or at office, while interacting with your family members or colleagues, emerge positive energizing thoughts in your mind like * I am a peaceful soul, child of the Supreme Soul, the ocean of peace, * I am a loveful soul, * I am a blissful soul, * I am a powerful soul, etc. These positive thoughts spread in your home and office in the form of positive vibrations and have a positive influence on your family members and colleagues also. As a result you can maintain your peaceful, positive state even amidst actions and interactions with them. When you are clearly established in this stage of self-respect (positive consciousness), they will be more co-operative in your work and will have greater respect for you. Obstacles from your surroundings will not affect you.

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Message for the day 25-03-2014
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True spirituality is that which makes one practical.

Expression: Usually spirituality is perceived as something that has to be kept separate from the normal daily life. But true spiritual life is that which is very practical. The one who is able to fill himself with spiritual power is able to use this power for being better and better in his practical life.

Experience: When I am able to recognize the inner beauty and am able to give myself time to be in touch with this spiritual aspect, I am able to be powerful and beyond chaos in all situations. I am able to go within to find the immense power and use it in practical situations. So I find myself being successful in practical situations.

In Spiritual Service,
Brahma Kumaris



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कृष्ण मोहन सिंह 51 या (kmsraj51) ~ सकारात्मक विचारों का समूह ~ Great Thoughts of KMSRAJ51 in Hindi !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..

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** ~ Krishna Mohan Singh(kmsraj51) ~ Great Thoughts of KMSRAJ51 ~ **


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** कृष्ण मोहन सिंह 51 या (kmsraj51) ~ सकारात्मक विचारों का समूह ….. **

:: Imp. Note :: ** ~ गहराई से सोचना प्रत्येक शब्द ~ **


** मेरे(kmsraj51) कुछ व्यक्तिगत सकारात्मक विचारों का समूह …..

** अपनी सोच को हमेशा सकारात्मक रखना …..

** हमेशा मन को शांत रखना …..

** दिमाग को हमेशा अनुसंधान में लगाये रखना …..

** हमेशा (सदैव) अन्य लोगों से अपनी सोच को अलग रखना …..

** हमेशा अपनी मन की कमजोरी को दूर रखना …..

** हमेशा आंतरिक आत्मा की (आत्मा के अंदर की आवाज) आवाज सुनो …..

** हमेशा ईस सूत्र का उपयोग करें …..

….. कोशिश + कोशिश + कोशिश + कोशिश + कोशिश = सफलता

** आपके जीवन में हमेशा खुशी मिलेगी …..

** आपका कृष्ण मोहन सिंह 51 या (kmsraj51) ….. मैं एक शुद्ध आत्मा हूँ!! …..

** ओम शांति!! ~ ओम साईराम!! ~ ओम शांति!! ~ ओम साईराम!! ~ओम शांति!! ~ ओम साईराम!!

** ~ kmsraj51 – (my personal picture/photo) ~ **

KMS-2014-51

KMSRAJ51


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** ओम शांति!! ~ ओम साईराम!! ~ ओम शांति!! ~ ओम साईराम!! ~ओम शांति!! ~ ओम साईराम!!

##### ~ ::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) ….. ~ #####

In winter they will work less ordinary face would bring !!

kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

~ ये साधारण काम करेंगे तो चेहरा चमकने लगेगा कम होती सर्दियों में ~


मौसम के बदलाव का सबसे ज्यादा फर्क स्किन पर दिखाई पड़ता है। विशेषकर जब सर्दियों का मौसम शुरू या खत्म होता है। फिलहाल, सर्दियों का मौसम खत्म होने वाला है। ऐसे में बदलते मौसम के प्रभाव के कारण स्किन रफ होने लगती है। इसीलिए इस समय स्किन को ग्लोइंग बनाए रखने के लिए सबसे ज्यादा केयर करनी पड़ती है।

ठीक से केयर न करने पर स्किन रूखी व डल होने लगती है। मौसम के प्रभाव के कारण चेहरे की चमक गायब हो जाती है और चेहरा काला पड़ जाता है। ऐसे में चेहरे की चमक को बरकरार रखने की चिंता सताने लगती है। इसलिए कम होती सर्दियों में बेफिक्र रहना है तो अपनाइए स्किन केयर के ये घरेलू नुस्खे….

Real Art

पेट साफ रहे तो त्वचा की समस्याएं नहीं होती हैं। हाजमा ठीक न हो तो चेहरे पर कील-मुंहासे हो सकते हैं। इसीलिए स्किन को स्वस्थ रखने के लिए कब्ज को दूर करना बहुत जरूरी है। पेट साफ करने के लिए प्रतिदिन सुबह-सुबह गुनगुने पानी में शहद की कुछ बूंदें डालकर पिएं। इससे कील-मुंहासे की समस्या समाप्त हो जाएगी।


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बार-बार ठंडे पानी से चेहरा धोते रहें। साबुन या फेसवॉश का प्रयोग कम से कम ही करें। अपना टॉवेल अलग रखें।चेहरे की गंदगी और धूल-मिट्टी साफ करने के लिए टमाटर के टुकड़े चेहरे पर धीरे-धीरे रगड़ें। यदि आपके चेहरे पर दाग-धब्बे पड़ गए हैं तो नींबू के छिलके पर थोड़ी-सी चीनी डालें और फिर छिलके को दाग-धब्बे वाले स्थान पर धीरे-धीरे रगड़ें।


=> स्ट्रॉबेरी में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में रहते हैं। इसके लिए स्ट्राबेरी को अपने चेहरे पर मैश करके लगाएं।

=> केला एक अच्छा मॉइश्चराइजर होता है। यह आपके चेहरे पर ताजगी लाता है। केले में शहद मिलाकर चेहरे पर लगाएं और 10 मिनट बाद धो लें।

=> संतरे के छिलके को सुखा लें और पीसकर पाउडर बनाएं। इस पाउडर में थोड़ा-सा कच्चा दूध मिलाकर चेहरे पर लगाएं। सूखने के बाद ठंडे पानी से धो लें, स्किन स्मूथ हो जाएगी।

=> पके पपीता के गूदे को चेहरे पर मलें। सूखने पर धो लें, चेहरा चमकने लगेगा।

=> आपकी स्किन बहुत ज्यादा ड्राय हो तो एक छोटा चम्मच मलाई लेकर उसमें थोड़ा-सा केसर मिलाएं। मलाई से चेहरे की मालिश करें। सूखने पर चेहरा धो लें। रूखापन दूर हो जाएगा।

=> एक चम्मच शहद में एक चम्मच पानी मिलाकर इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं। कुछ देर बाद चेहरा धो लें, स्किन ग्लो करने लगेगी।

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=> काजू स्किन के लिए बहुत अच्छा होता है। काजू को दूध में भिगोकर उसे पीस लें और चेहरे पर लगाएं। स्किन ड्राय हो तो काजू को रात भर दूध में भिगो दें और सुबह पीसकर इसमें मुल्तानी मिट्टी और शहद की कुछ बूंदें मिलाकर स्क्रब करें।

=> आधा चम्मच संतरे का रस लेकर उसमें 4-5 बूंद नींबू का रस, आधा चम्मच मुल्तानी मिट्टी, आधा चम्मच चंदन पाउडर और कुछ बूंदें गुलाब जल की मिलाकर थोड़ी देर के लिए फ्रिज में रख दें। फिर इसे लगा कर 15-20 मिनट तक रखें। इसके बाद पानी से इसे धो लें।

=> मुल्तानी मिट्टी में दही और पुदीने की पत्तियों का पाउडर मिला कर लगाएं। आधे घंटे तक रहने दें। सूखने पर गुनगुने पानी से चेहरा साफ कर लें। ये नुस्खा तैलीय त्वचा को हेल्दी बनाता है।

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