प्रेरक प्रसंग- दूध का दूध….. – गुरु नानकदेव जी।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

प्रेरक प्रसंग-  दूध का दूध…..गुरु नानकदेव जी।

एक बार गुरु नानकदेव जी सैदपुर शहर गए। सारे शहर में ये बात फ़ैल गयी कि एक परम दिव्य महापुरुष पधारे हैं।

शहर का मुखिया ‘मलिक भागो’ अत्याचार और बेईमानी से धनी बना था। वो गरीब किसानों से ना सिर्फ बहुत ज़्यादा लगान वसूलता था बल्कि कई बार उनकी फसल भी हड़प लेता था जिससे कई गरीब किसान भूखे रह जाते थे।

जब मलिक भागो को गुरूजी के आने का पता चला, तो वो उन्हें अपने महल में ठहराना चाहता था। परन्तु, गुरुजी ने एक गरीब बड़ई ‘भाई लालो’ के छोटे से घर को ठहरने के लिए चुना। भाई लालो बहुत खुश हुआ और वो बड़े आदर-सत्कार से गुरूजी की सेवा करने लगा। गुरूजी बड़े प्रेम से उसकी रूखी-सूखी रोटी खाते थे।

जब मलिक भागो को ये पता चला तो उसने एक बड़ा आयोजन किया और इलाके के सभी जानेमाने लोगों के साथ गुरूजी को भी उसमें निमंत्रित किया। पर गुरूजी ने उसका निमंत्रण ठुकरा दिया। ये सुनकर, मलिक को बहुत गुस्सा आया और उसने गुरूजी को अपने यहाँ लाने का हुकुम दिया। मलिक के आदमी, गुरूजी को उसके महल ले कर आये तो मलिक बोला, ” गुरूजी, मैंने आपके ठहरने का बहुत बढ़िया प्रबन्ध किया था और कई सारे स्वादिष्ट व्यंजन भी बनवाये थे, फिर भी आप उस गरीब भाई लालो की सूखी रोटी खा रहे हो, क्यों ? ”

गुरूजी ने उत्तर दिया, “मैं तुम्हारा भोजन नही खा सकता क्योंकि तुमने अन्यायपूर्ण भ्रष्ट तरीके से गरीबों का खून चूस कर ये रोटी कमाई है जबकि लालो की सूखी रोटी उसकी अपनी सच्ची मेहनत की कमाई की है। ”

गुरूजी की ये बात सुनकर, मलिक भागो आगबबूला हो गया और गुरूजी से इसका सबूत देने को कहा।

गुरूजी ने लालो के घर से रोटी का एक टुकड़ा मंगवाया और फिर शहर के लोगों के भारी जमावड़े के सामने, गुरूजी ने एक हाथ में भाई लालो की सूखी रोटी और दूसरे हाथ में मलिक भागो की चुपड़ी रोटी उठाई। गुरूजी ने दोनों रोटियों को ज़ोर से हाथोँ में दबाया तो ये क्या ? ……लालो की रोटी से दूध और मलिक भागो की रोटी से खून, टप – टप, टपकने लगा।

भरी सभा में, मलिक भागो अपने दुष्कर्मों का प्रत्यक्ष सबूत देख, पूरी तरह से हिल गया और गुरूजी के चरणो में गिर गया। गुरूजी ने उसे भ्रष्टाचार से कमाई हुई सारी धन-दौलत गरीबों में बाँटने को कहा और आगे से ईमानदार बनने को कहा। मलिक भागो ने वैसा ही किया और इस प्रकार, गुरूजी के आशीर्वाद से, मलिक भागो का एक प्रकार से पुनर्जन्म हुआ और वो ईमानदार बन गया।

ये सच्ची घटना आज भी पूरी तरह से प्रासांगिक है। आज हमारे देश में, नेता – बाबू – पुलिस – माफिया – ढोंगी बाबा – पूंजीपति साँठ-गाँठ कर, अनपढ़ गरीब जनता का खून चूस रहे हैं। अमीर और अमीर बनते जा रहे हैं जबकि उनके हाथों लुटे-पिटे भोले-भाले अनपढ़ गरीब लोग नर्क ज़िन्दगी भोग रहे है और कई किसान आत्महत्या कर रहे हैं।

सोचो, खाली हाथ आये थे और खाली हाथ ही जाना है, तो फिर ये लोभ-लालच किस काम का ?

यदि आज भी, भ्रष्ट तरीकों से धन-कुबेर बने अमीर लोग आत्मचिंतन कर, इंसानियत, सच्चाई और ईमानदारी की राह पर चले, तो ना केवल देश के करोड़ों लोग सुखी हो जाएंगे बल्कि अमीरों को भी “देशभक्ति की संतुष्टि” और “मन की शान्ति” मिलेगी।

आपका सबका प्रिय दोस्त,

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

http://wp.me/p3gkW6-1dk

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

http://wp.me/p3gkW6-mn

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

http://wp.me/p3gkW6-1dD

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

http://wp.me/p3gkW6-Ig

* चांदी की छड़ी।

http://wp.me/p3gkW6-1ep

 

 

_______Copyright © 2014 kmsraj51.com All Rights Reserved.________

सूरदास – श्री राम कथा हिंदी में।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

ϒ श्री राम कथा। ϒ

सूरदास जी का यह पद बहुत ही सुंदर है, जिसमे माता यशोदा अपने लाल को श्री राम कथा सुना रही हैं।

सुनि सुत, एक कथा कहौं प्यारी।
कमल-नैन मन आनँद उपज्यौ, चतुर-सिरोमनि देत हुँकारी॥

दसरथ नृपति हती रघुबंसी, ताकैं प्रगट भए सुत चारी।
तिन मैं मुख्य राम जो कहियत, जनक-सुता ताकी बर नारी॥

तात-बचन लगि राज तज्यौ तिन, अनुज-घरनि सँग गए बनचारी।
धावत कनक-मृगा के पाछैं, राजिव-लोचन परम उदारी॥

रावन हरन सिया कौ कीन्हौ, सुनि नँद-नंदन नींद निवारी।
चाप-चाप करि उठे सूर-प्रभु. लछिमन देहु, जननि भ्रम भारी॥

भावार्थ :-
माता यशोदा ने कहा – ‘लाल सुनो! एक प्रिय कथा कहती हूँ।’
यह सुनकर कमललोचन श्याम के मन में प्रसन्नता हुई, वे चतुर-शिरोमणि हुँकारी देने लगे।

माता यशोदा ने कहा – ‘महाराज दशरथ नाम के एक रघुवंशी राजा थे, उनके चार पुत्र हुए। उन (पुत्रों) में जो सबसे बड़े थे, उनको राम कहा जाता है; उनकी श्रेष्ठ पत्नी थी राजा जनक की पुत्री सीता। पिता की आज्ञा का पालन करने के लिये उन्होंने राज्य त्याग दिया और छोटे भाई तथा स्त्री के साथ वनवासी होकर चले गये। वहाँ वन में एक दिन जब कमललोचन परम उदार श्रीराम सोने के मृग के पीछे उसको पकड़ने के लिये दौड़ रहे थे, तब रावण ने श्री जानकी का हरण कर लिया।”

सूरदास जी कहते हैं कि इतना सुनते ही नन्दनन्दन ने निद्रा को त्याग दी और वे प्रभु बोल उठे -“लक्ष्मण! धनुष दो, धनुष!’
इससे माता को बड़ी शंका हुई कि मेरे पुत्र को यह क्या हो गया।
जय श्री राम कृष्ण हरि।

©- जया शर्मा किशोरी। 

We are grateful to जया शर्मा किशोरी जी for sharing this inspirational श्री राम कथा in Hindi for Kmsraj51 readers.

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान और ध्यान रुपी भोजन जरूरी हैं। ~ कृष्ण मोहन सिंह(KMS)

 ~Kmsraj51

———– © Best of Luck ® ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

* अपनी आदतों को कैसे बदलें।

निश्चित सफलता के २१ सूत्र।

क्या करें – क्या ना करें।

∗ जीवन परिवर्तक 51 सकारात्मक Quotes of KMSRAJ51

* विचारों का स्तर श्रेष्ठ व पवित्र हो।

* अच्छी आदतें कैसे डालें।

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

~KMSRAJ51