कैसे बचें एग्जाम फीवर से ~ How to Avoid Exam Fever !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..

kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

** कैसे बचें एग्जाम फीवर से ~ How to Avoid Exam Fever !! **


exam-fever


जैसे-जैसे बोर्ड परीक्षा के दिन नजदीक आते जा रहे हैं छात्रों की परेशानियां भी उसी रफ्तार से बढ़ रही हैं। एक ओर सिलेबस का बोझ तो दूसरी ओर मनोवैज्ञानिक समस्याएँ भी छात्रों को घेरती नजर आ रही हैं। कुछ को तो इनके होने का भ्रम भी रहता है।

परीक्षा नजदीक आते ही वे एग्जामिनेशन फीवर, त्वचा रोग, सिरदर्द की शिकायत, नींद गायब हो जाना, भूख न लगना, स्वभाव से चिड़चिड़ा हो जाना, पेट में कई तरह की समस्याएँ, आत्मविश्वास का डगमगा जाना, कमजोरी की शिकायत, आँखों में परेशानी, ऐसा भ्रम होना कि पिछला जो भी पढ़ा था सब भूल रहा है तथा घबराहट आदि न जाने कितनी छोटी-बड़ी समस्याओं से ग्रस्त हो जाते हैं।

लेकिन इनसे घबराने से काम नहीं चलेगा, पढ़ाई के साथ-साथ इनका सामना भी करना होगा और मन में यह विश्वास रखना होगा कि अगर समस्याएँ हैं तो उनका समाधान भी होगा।

मर्ज पनपे, इससे पहले ही सतर्क हो जाएँ
किसी भी समस्या के पनपने के बाद उससेनिजात पाने का हल ढूंढने से अच्छा है कि ऐसा तरीका चुनें जिससे समस्याएँ पनपने ही न पाएँ। आपके मन-मस्तिष्क में तनाव घर करे, इससे पहले ही आपको इमोशनल इंटेलीजेंस विकसित कर लेनी चाहिए यानी छात्र यह मान कर चलें कि इसके पूर्व जिन परीक्षाओं में वे बैठे हैं, यह भी उन्हीं से मिलती-जुलती परीक्षा है और इन्हें भी वे आसानी से पास कर लेंगे, बल्कि ज्यादा मेहनत की है तो नंबर भी अच्छे आएँगे।

यह सोच ही तनाव को आपके पास फटकने नहीं देगी। इसके साथ ही जो भी दिन आपके हाथ में हैं, उसी के हिसाब से प्लानर बनाएँ। अक्सर बच्चे शिकायत करते हैं कि जो भी पढ़ा था, सब धीरे-धीरे भूल रहा है। इससे बचने का सबसे अच्छा उपाय है कि पिछले छह दिन में जो भी पढ़ा, सातवें दिन उसका रिवीजन कर लें।

योग अथवा ध्यान का सहारा लें, इससे याददाश्त में वृद्धि होगी। ज्यादा देर तक बैठने से कमर दर्द या गर्दन दर्द की शिकायत हो रही है तो कमरे में टहल लें। आत्मविश्वास को बनाए रखने के लिए व्यायाम का भी सहारा लिया जा सकता है। पाचन क्रिया सही रहे, इसके लिए भोजन पर ध्यान दें तथा संयमित व्यवहार बनाए रखने के लिए पूरी नींद जरूर लें।

अभिभावक भी रहें अलर्ट
बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों को भी विजुअलाइजिंग टेक्नीक का सहारा लेना चाहिए। छात्र आंख बंद कर यह विजुअलाइज करें कि वे परीक्षा भवन में हैं तथा प्रश्न-पत्रों को सही तरीके से हल कर रहे हैं। सीबीएसई सहित कई प्रमुख बोर्डों ने अपने यहां काउंसलरों का पैनल नियुक्त कर रखा है, जिसकी निशुल्क सेवाएँ ली जा सकती हैं।

सीबीएसई अपनी टेलीकाउंसलिंग सेवा शुरू कर चुकी है। इस समय छात्रों को आत्मीय सहारे की भी जरूरत रहती है। वह चाहता है कि उसके माता-पिता उसके इर्द-गिर्द रहें, ताकि वह खुद को अकेला न समझे। अभिभावक उनको भरोसा दिलाएँ कि वे हर परिस्थिति में उनके साथ हैं, भले ही परीक्षा में उनका रिजल्ट जैसा भी रहे। उनके इस भरोसे से बच्चे से परीक्षा रूपी भूत का दबाव छंट जाता है और वे जयादा बेहतर तरीके से तैयारी कर पाते हैं।

Note::-


यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

ME-KMSME

(((((::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..)))))

कैसा हो ड्रेस-अप ~ इंटरव्यू के लिए ~ How we dress – up to ~ Interview !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..

kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

** कैसा हो ड्रेस-अप ~ इंटरव्यू के लिए ~ How we dress – up to ~ Interview!! **


professional-girl

आप बुद्धिमान हैं और अपने क्षेत्र की सभी जानकारी रखते हैं। आपकी मार्कशीट के अंक बताते हैं कि आप सर्वश्रेष्ठ हैं, पर आप इंटरव्यू के दौरान जींस की पेंट और टीशर्ट में पहुंच जाते हैं।

क्या आपका सिलेक्शन होगा? हो भी सकता है, पर नहीं होने की संभावना ज्यादा है। कहते हैं न फर्स्ट इम्प्रेशन इस द लास्ट इम्प्रेशन। हो सकता आप में से कई इस बात को नहीं मानते हो पर यह बात सही है।

हमारे पास किसी भी व्यक्ति के बारे में अंदाजा लगाने के लिए ही सही, उसका पहनावा ही आधार रहता है और यही बात इंटरव्यू के दौरान भी लागू होती है। आप किस तरह का ड्रेस पहनकर इंटरव्यू बोर्ड के सामने जाते हैं इससे काफी फर्क पड़ता है।

आइए, जानते हैं कि गर्ल्स और बॉयज के लिए इंटरव्यू के दौरान किस तरह की सावधानी रखी जानी चाहिए।

लड़कों के लिए

गहरे रंग का बिजनेस सूट पहन सकते हैं और अगर पहली बार इंटरव्यू के लिए जा रहे हैं तब शर्ट भी चल सकता है, पर शर्ट का रंग बहुत ज्यादा गहरा नहीं होना चाहिए।

शर्ट लंबी बांह का हो

टाई जरूर पहनें

मोजे का रंग गहरा हो और जूते भी प्रोफेशनल वातावरण में पहनने योग्य हो।

हेयर स्टाइल भी सामान्य हो

ऑफ्टर शेव लोशन की कम मात्रा लगाएं।

हाथ में बायोडाटा और सर्टिफिकेट रखने के लिए छोटी ब्रीफकेस या अच्छा-सा फोल्डर हो।

लड़कियों के लिए


C.V-Girl1

सूट या साड़ी जो भी पहनना हो वह बहुत ज्यादा गहरे रंग का या वर्क किया हुआ न हो।

हाई हिल्स न पहनें

ज्वेलरी का बहुत ज्यादा प्रयोग न करें

मेकअप आपके चेहरे की खूबसूरती को उभारने वाला हो और हल्का ही हो।

परफ्यूम या डियो का प्रयोग बहुत ज्यादा मात्रा में न करें।

मेनिक्यूर्ड नेल्स हो

हाथ में चमड़े या अन्य मटेरियल का फोल्डर हो जिसमें आप बायोडाटा व सर्टिफिकेट रख सकें।

Note::-


यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

ME-KMSME

(((((::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..)))))

~ Steve Jobs Success Mantra !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..

kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

** सफलता के मंत्र ~ स्टीव जॉब्स !!~ Steve Jobs Success Mantra!! **

steve-jobs

Steve-Jobs-dates


स्टीव जॉब्स की जिंदगी ने दुनिया भर में करोड़ों लोगों को प्रभावित किया है। उनके बातचीत करने का ढंग हो या प्रस्तुतिकरण की बात हो या फिर किसी भी उत्पाद को देखने और मार्केट करने का ढंग हो, सबकुछ बिलकुल अलग सोच लिए होता था। इसी अलग सोच ने उन्हें स्टीव जॉब्स बनाया। आइए जानते हैं कि स्टीव जॉब्स की सफलता के मूलमंत्र क्या थे।

वही काम करें जिससे आपको प्यार हो : स्टीव के अनुसार आप अगर अपने काम से प्यार करते हैं तब अच्छा है। दुनिया भर में कई लोग ऐसे हैं जो ऐसा काम कर रहे हैं जो उन्हें दिल से पसंद नहीं। अगर दुनिया भर में ऐसा हो जाए कि जिसे जो काम पसंद है वही करे तब दुनिया ही बदल जाएगी।

दुनिया को बताओ कि आप कौन हो : स्टीव के अनुसार दुनिया को पता चलना चाहिए कि आप कौन हैं और दुनिया को बदलने का माद्दा आपमें नहीं होगा तब तक दुनिया आपको नहीं पहचानेगी।

सभी क्षेत्रों में संबंध जोड़ें : जॉब्स ने अपने जीवनकाल में विभिन्न विषयों का अध्ययन किया। उन्होंने कैलिग्राफी भी सीखी और विभिन्न प्रकार के डिजाइन्स का अध्ययन किया। इतना ही नहीं उन्होंने हॉस्पिटेलिटी के क्षेत्र में भी हाथ आजमाए और उसका ज्ञान लिया। यह ज्ञान उन्हें बाद में काम भी आया।

मना करना सीखें : स्टीव ने अपनी जिंदगी में मना करना खूब सीखा था और इसका फायदा भी उन्हें मिला था। जब वे 1997 में वापस एप्पल में आए थे तब कंपनी के पास 350 उत्पाद थे। मात्र दो वर्षों में उन्होंने उत्पादों की संख्या कम करके 10 कर दी। 10 उत्पादों पर ध्यान केंद्रित किया और सफलता भी पाई।

ग्राहकों को अलग तरह का अनुभव दो : स्टीव मानते थे कि जब तक आप अपने ग्राहकों को अलग तरह का अनुभव नहीं देंगे, वे आपके उत्पादों की तरफ आकर्षित बिलकुल भी नहीं होंगे। यही कारण था कि उन्होंने एप्पल स्टोर्स को कुछ अलग तरह का बनाया। जहा पर ग्राहकों के लिए अलग तरह का अनुभव था और एप्पल कंपनी के प्रति लोगों का भावनात्मक लगाव हो गया था।

अपनी बात रखने में पीछे न रहें : स्टीव के अनुसार अगर आपके पास अच्छे आइडियाज है और आप इसे सभी के सामने रख नहीं पाए तब ऐसे आइडियाज का क्या काम। स्टीव अपनी बात प्रेजेंटेशन के दौरान रखते थे और केवल अपनी बात नहीं रखते थे बल्कि प्रेजेंटेशन के माध्यम से वे कई तरह की बातें बताते थे जिससे प्रेरणा भी मिलती थी।

सपने बेचें…उत्पाद नहीं : स्टीव हर दम यही कहते थे की अपने ग्राहकों को उत्पाद नहीं सपने बेचो। उनके अनुसार आपके ग्राहकों को आपके उत्पाद के बारे में कोई मतलब नहीं है, उन्हें उनकी आशाओं और आकांक्षाओं से मतलब है और अगर आपने उनके सपनों को उत्पाद से जोड़ा तभी आपको सफलता मिलेगी।

Note::-


यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

20 Magnificent Quotes By The World’s Most Successful Billionaires !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..

ME-KMSME


kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

** अरबपतियों के प्रेरक कथन **

Bill-Gates

Andrew-Carnegie

Donald-Trump-Quotes

Henry-Ford

Oprah-Winfrey

Mark-Zuckerberg-quote

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

** अरबपतियों के प्रेरक कथन – Successful Quotes By The World’s Most Successful Billionaires **

Quote 1: It’s fine to celebrate success but it is more important to heed the lessons of failure.

In Hindi : सफलता की ख़ुशी मानना अच्छा है पर उससे ज़रूरी है अपनी असफलता से सीख लेना .
Bill Gates , Business Magnate, Investor & Philanthropist

Quote 2: Part of being a winner is knowing when enough is enough. Sometimes you have to give up the fight and walk away, and move on to something that’s more productive.

In Hindi: विजेता बनने का एक हिस्सा ये जानना है कि कब हद पार हो चुकी है . कभी -कभी आपको लड़ाई छोड़ कर जाना पड़ता है , और कुछ और करना होता है जो अधिक प्रोडक्टिव हो .
Donald Trump ,American Business Magnate, Investor & TV Personality

Quote 3: No action is too small when it comes to changing the world… I’m inspired every time I meet an entrepreneur who is succeeding against all odds

In Hindi: जब दुनिया बदलने की बात हो तो कोई भी काम छोटा नहीं है …मैन जब भी किसी ऐसे उद्द्यमी से मिलता हूँ जो सभी बाधाओं के खिलाफ सफल हो रहा हो तो मुझे प्रेरणा मिलती है .
Cyril Ramaphosa ,South African Politician & Businessman

Quote 4: Formula for success: rise early, work hard, strike oil.

In Hindi: सफलता का फार्मूला : जल्दी उठो , कड़ी मेहनत करो , लकी रहो .
J. Paul Getty ,Founder of Getty Oil Company

Quote 5: Vision is perhaps our greatest strength… it has kept us alive to the power and continuity of thought through the centuries, it makes us peer into the future and lends shape to the unknown.

In Hindi: शायद विजन ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है …इसने हमें सदियों से विचारों की शक्ति और निरंतरता के माध्यम से ज़िंदा रखा है , ये हमें भविष्य में झाँकने और अज्ञात को आकार देने में सहायक होता है .
Li Ka-Shing , Hong Kong Business Magnate & Philanthropist

Quote 6: As I grow older, I pay less attention to what men say. I just watch what they do.

In Hindi: मैं जैसे -जैसे बूढ़ा हो रहा हूँ , मैं इस बात पर कम ध्यान देता हूँ कि आदमी क्या कह रहा है . मैं बस देखता हूँ कि वो क्या कर रहा है .
Andrew Carnegie ,Steel Magnate

Quote 7: What other people label or might try to call failure, I have learned is just God’s way of pointing you in a new direction.

In Hindi: जिसे और लोग विफलता का नाम देने या कहने की कोशिश करते हैं , मैंने सीखा है कि वो बस भगवान् का आपको नयी दिशा में भेजने का तरीका है .
Oprah Winfrey ,Talk Show Host, Producer & Philanthropist

Quote 8: Don’t think you are unstoppable or foolproof. Don’t think that the only way your business will work is through perfection. Don’t aim for perfection. Aim for success.

In Hindi: ये मत सोचो कि तुम्हे रोका नहीं जा सकता या तुमसे गलती नहीं हो सकती . ये मत सोचो कि तुम्हारा बिजनेस सिर्फ परफेक्शन के साथ काम करेगा . परफेक्शन को लक्ष्य मत बनाओ . सफलता को लक्ष्य बनाओ .
Eike Batista, Brazilian Business Magnate

Quote 9: For me, businesses are like buses. You stand on a corner and you don’t like where the first bus is going? Wait ten minutes and take another. Don’t like that one? They’ll just keep coming. There’s no end to buses or businesses.

In Hindi: मेरे लिए व्यवसाय बसों की तरह है . आप एक कोने में खड़े होते हैं और पहली बस जहाँ जा रही है वो आपको पसंद नहीं ? दस मिनट प्रतीक्षा कीजिये और दूसरी ले लीजिये . ये भी पसंद नहीं ? वे आती रहेंगी . बसों और व्यवसायों का कोई अंत नहीं है .
Sheldon Adelson, American Business Magnate

Quote 10: Have fun. The game is a lot more enjoyable when you’re trying to do more than just make money.

In Hindi: मजे लीजिये . खेल में तब कहीं ज्यादा मजेदार हो जाता है जब आप सिर्फ पैसे कमाने से बढ़कर काम करते हैं .
Tony Hsieh ,Founder of Zappos

Quote 11: If you think you can do a thing or think you can’t do a thing, you’re right.

In Hindi: यदि आप सोचते हैं कि आप कोई काम कर सकते हैं या ये सोचते हैं कि आप कोई काम नहीं कर सकते हैं , आप सही हैं .
Henry Ford, Founder of Ford Motors

Quote 12: If you never want to be criticized, for goodness’ sake don’t do anything new.

In Hindi: यदि आप चाहते हैं कि कभी आपकी निंदा ना की जाये तो भगवान् के लिए कुछ नया मत कीजिये .
Jeff Bezos, Founder of Amazon

Quote 13:The biggest risk is not taking any risk… In a world that changing really quickly, the only strategy that is guaranteed to fail is not taking risks.

In Hindi: सबसे बड़ा रिस्क कोई रिस्क ना लेना है …इस दुनिया में जो सचमुच इतनी तेजी से बदल रही है , केवल एक रणनीति जिसका फेल होना तय है वो है रिस्क ना लेना .
Mark Zuckerberg, Founder & CEO of Facebook

Quote 14: Loyalty is not won by being first. It is won by being best.”

In Hindi: वफादारी सबसे पहला होने से नहीं जीती जाते . ये सबसे अच्छा होने से जीती जाती है .
Stefan Persson, Founder of H&M

Quote 15: Rule No.1: Never lose money. Rule No.2: Never forget rule No.1.

In Hindi : नियम नम्बर १: कभी पैसा मत गंवाइये . नियम नम्बर २: कभी नियम नम्बर १ मत भूलिए.
Warren Buffett , Business Magnate, Investor & Philanthropist

Quote 16: I think that our fundamental belief is that for us growth is a way of life and we have to grow at all times.”

In Hindi: मैं मानता हूँ कि हमारी मूल सोच है कि हमारे लिए विकास जीने का एक तरीका है और हमें हर समय विकास करना है .
Mukesh Ambani, Indian Business Magnate

Quote 17: A friendship founded on business is better than a business founded on friendship.

In Hindi: व्यवसाय पर आधारित मित्रता , मित्रता पर आधारित व्यवसाय से बेहतर है .
John D. Rockefeller , Founder of the Standard Oil Company & Philanthropist

Quote 18: Hard work certainly goes a long way. These days a lot of people work hard, so you have to make sure you work even harder and really dedicate yourself to what you are doing and setting out to achieve.

In Hindi: कड़ी मेहनत निश्चित रूप से आपको बहुत आगे तक ले जाती है . आज-कल बहुत से लोग कड़ी मेहनत करते हैं, इसलिए आपको सुनिश्चित करना होगा कि आप और भी परिश्रम से काम करें और सचमुच खुद को उस काम के प्रति समर्पित कर दें जो आप कर रहे हैं और जिसे आप पाना चाहते हैं.
Lakshmi Mittal,Indian Steel Magnate

Quote 19: If people are not laughing at your goals, your goals are too small.

In Hindi: यदि लोग आपके लक्ष्य पर हंस नहीं रहे हैं तो आपके लक्ष्य बहुत छोटे हैं.
Azim Premji ,Indian Businessman & Philanthropist

Quote 20 : You can’t just ask customers what they want and then try to give that to them. By the time you get it built, they’ll want something new.”

In Hindi : आप कस्टमर से यह नहीं पूछ सकते कि वो क्या चाहते हैं और फिर उन्हें वो बना के दें.आप जब तक उसे बनायेंगे तब तक वो कुछ नया चाहने लगेंगे.
Steve Jobs , Founder of Apple

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

Post Inspired from: http://www.achhikhabar.com/


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

Note::-


यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

(((((::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..)))))

Purity is the foundation of true peace and happiness !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..


kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms


Purity is the foundation of true peace & happiness,
It is your most valuable Property in your life,
Preserve it at any cast. !!

पवित्रता सच शांति और खुशी का आधार है.

यह आपके जीवन में सबसे मूल्यवान संपत्ति है.

यह किसी भी कलाकार की रक्षा करता है!!

https://kmsraj51.wordpress.com/

Note::-


यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

(((((::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) ….. https://kmsraj51.wordpress.com/ )))))


n-8

Is a symbol of humanity, the spirit of cooperation !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..


kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

** मानवता का प्रतीक है, सहयोग की भावना **

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, जिसकी उन्नति सहयोग की बुनियाद पर निर्भर है। जिस प्रकार ईंट से ईंट जोङकर विशाल भवन बनता है, पानी की एक-एक बूंद से सागर बनता है। उसी प्रकार अनेक व्यक्तियों के परस्पर सहयोग से ही मनुष्य का विकास संभव है। समाज और राष्ट्र की समृद्धि परस्पर सहयोग पर ही निर्भर है।

पूर्ण विकास सहयोग से ही होता है। कोई भी व्यक्ति सर्वज्ञ नही होता। कलाकार के सामने डॉक्टर अयोग्य है, तो डॉक्टर के सामने इंजीनियर, तो कहीं साहित्यकार के सामने व्यपारी। कहने का आशय ये है कि, सभी अपनी-अपनी विधाओं में पूर्ण हैं किन्तु संतुलित विकास के लिए एक दुसरे का सहयोग अति आवश्यक है। सहयोग की आदतें मनुष्य में मैत्री भावना का विकास करती हैं। गौतम, महावीर, ईसा हों या कृष्ण, कबीर, राम, रहीम सभी महापुरुषों में मैत्री की भावना समान है।

धरती पर जैविक संरचना कुछ इस प्रकार है कि समाज से परे अकेले व्यक्ति का विकास संभव नही है। प्राणी में शरीर के सभी अंग मिलकर कर कार्य करते हैं तभी व्यक्ति अनेक कार्य करने में सक्षम होता है। इतिहास गवाह है कि रावण, कंस, दुर्योधन हो या हिटलर, मुसोलिन, चँगेज खाँ तथा नादिरशाह जैसे शक्तिसंपन्न कुशल नितिज्ञ थे किन्तु सभी ने सामाजिक भावना का निरादर किया जिसका परिणाम है उनका अस्तित्व ही समाप्त हो गया।

सृजन का आइना है परस्पर सहयोग। जिस तरह आम के वृक्ष का विशाल अस्तित्व, मधुर फल, शीतल छाया दूसरें लोगों के सहयोग का ही परिणाम है। उसी प्रकार व्यक्ति का संपूर्ण व्यक्तित्व समाज के प्रयत्नों का ही फल है।
मदर टेरेसा का कहना था कि, “आप सौ लोगों की सहायता नही कर सकते तो सिर्फ एक की ही सहायता कर दें।“

सच ही तो है मित्रों, एक और एक ग्यारह होता है, बूंद-बूंद से ही घङा भरता है। व्यक्ति और समाज का कल्याण इसी पर निर्भर है कि लोग व्यक्तिवाद की मानसिकता को छोङकर सहयोग के महत्व को समझते हुए उसे जीवन का अहम हिस्सा बना ले। सहयोग की भावना की एक शुरुवात से ही “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना सजीव होती है।

Note::-


यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Chankya Anmol Voice !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..

kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

** सभी शब्द के दो अर्थ होते है!! **

Chankya - KMS

Note::-

यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

(((((::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..)))))

Chankya Niti – मूल चाणक्य नीति!!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..


kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

** मूल चाणक्य नीति/चाणक्य सूत्र **


आचार्य चाणक्य एक ऐसी महान विभूति थे, जिन्होंने अपनी विद्वत्ता और क्षमताओं के बल पर भारतीय इतिहास की धारा को बदल दिया। मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चाणक्य कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के रूप में भी विश्वविख्यात हुए।

इतनी सदियाँ गुजरने के बाद आज भी यदि चाणक्य के द्वारा बताए गए सिद्धांत और नीतियाँ प्रासंगिक हैं तो मात्र इसलिए क्योंकि उन्होंने अपने गहन अध्ययन, चिंतन और जीवानानुभवों से अर्जित अमूल्य ज्ञान को, पूरी तरह नि:स्वार्थ होकर मानवीय कल्याण के उद्देश्य से अभिव्यक्त किया।

वर्तमान दौर की सामाजिक संरचना, भूमंडलीकृत अर्थव्यवस्था और शासन-प्रशासन को सुचारू ढंग से बताई गई नीतियाँ और सूत्र अत्यधिक कारगर सिद्ध हो सकते हैं। चाणक्य नीति के द्वितीय अध्याय से यहाँ प्रस्तुत हैं कुछ अंश –


1. जिस प्रकार सभी पर्वतों पर मणि नहीं मिलती, सभी हाथियों के मस्तक में मोती उत्पन्न नहीं होता, सभी वनों में चंदन का वृक्ष नहीं होता, उसी प्रकार सज्जन पुरुष सभी जगहों पर नहीं मिलते हैं।

2. झूठ बोलना, उतावलापन दिखाना, दुस्साहस करना, छल-कपट करना, मूर्खतापूर्ण कार्य करना, लोभ करना, अपवित्रता और निर्दयता – ये सभी स्त्रियों के स्वाभाविक दोष हैं। चाणक्य उपर्युक्त दोषों को स्त्रियों का स्वाभाविक गुण मानते हैं। हालाँकि वर्तमान दौर की शिक्षित स्त्रियों में इन दोषों का होना सही नहीं कहा जा सकता है।

3. भोजन के लिए अच्छे पदार्थों का उपलब्ध होना, उन्हें पचाने की शक्ति का होना, सुंदर स्त्री के साथ संसर्ग के लिए कामशक्ति का होना, प्रचुर धन के साथ-साथ धन देने की इच्छा होना। ये सभी सुख मनुष्य को बहुत कठिनता से प्राप्त होते हैं।

4. चाणक्य कहते हैं कि जिस व्यक्ति का पुत्र उसके नियंत्रण में रहता है, जिसकी पत्नी आज्ञा के अनुसार आचरण करती है और जो व्यक्ति अपने कमाए धन से पूरी तरह संतुष्ट रहता है। ऐसे मनुष्य के लिए यह संसार ही स्वर्ग के समान है।

5. चाणक्य का मानना है कि वही गृहस्थी सुखी है, जिसकी संतान उनकी आज्ञा का पालन करती है। पिता का भी कर्तव्य है कि वह पुत्रों का पालन-पोषण अच्छी तरह से करे। इसी प्रकार ऐसे व्यक्ति को मित्र नहीं कहा जा सकता है, जिस पर विश्वास नहीं किया जा सके और ऐसी पत्नी व्यर्थ है जिससे किसी प्रकार का सुख प्राप्त न हो।

6. जो मित्र आपके सामने चिकनी-चुपड़ी बातें करता हो और पीठ पीछे आपके कार्य को बिगाड़ देता हो, उसे त्याग देने में ही भलाई है। चाणक्य कहते हैं कि वह उस बर्तन के समान है, जिसके ऊपर के हिस्से में दूध लगा है परंतु अंदर विष भरा हुआ होता है।

7. जिस प्रकार पत्नी के वियोग का दुख, अपने भाई-बंधुओं से प्राप्त अपमान का दुख असहनीय होता है, उसी प्रकार कर्ज से दबा व्यक्ति भी हर समय दुखी रहता है। दुष्ट राजा की सेवा में रहने वाला नौकर भी दुखी रहता है। निर्धनता का अभिशाप भी मनुष्य कभी नहीं भुला पाता। इनसे व्यक्ति की आत्मा अंदर ही अंदर जलती रहती है।

8. ब्राह्मणों का बल विद्या है, राजाओं का बल उनकी सेना है, वैश्यों का बल उनका धन है और शूद्रों का बल दूसरों की सेवा करना है। ब्राह्मणों का कर्तव्य है कि वे विद्या ग्रहण करें। राजा का कर्तव्य है कि वे सैनिकों द्वारा अपने बल को बढ़ाते रहें। वैश्यों का कर्तव्य है कि वे व्यापार द्वारा धन बढ़ाएँ, शूद्रों का कर्तव्य श्रेष्ठ लोगों की सेवा करना है।

9. चाणक्य का कहना है कि मूर्खता के समान यौवन भी दुखदायी होता है क्योंकि जवानी में व्यक्ति कामवासना के आवेग में कोई भी मूर्खतापूर्ण कार्य कर सकता है। परंतु इनसे भी अधिक कष्टदायक है दूसरों पर आश्रित रहना।

10. चाणक्य कहते हैं कि बचपन में संतान को जैसी शिक्षा दी जाती है, उनका विकास उसी प्रकार होता है। इसलिए माता-पिता का कर्तव्य है कि वे उन्हें ऐसे मार्ग पर चलाएँ, जिससे उनमें उत्तम चरित्र का विकास हो क्योंकि गुणी व्यक्तियों से ही कुल की शोभा बढ़ती है।

11. वे माता-पिता अपने बच्चों के लिए शत्रु के समान हैं, जिन्होंने बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दी। क्योंकि अनपढ़ बालक का विद्वानों के समूह में उसी प्रकार अपमान होता है जैसे हंसों के झुंड में बगुले की स्थिति होती है। शिक्षा विहीन मनुष्य बिना पूँछ के जानवर जैसा होता है, इसलिए माता-पिता का कर्तव्य है कि वे बच्चों को ऐसी शिक्षा दें जिससे वे समाज को सुशोभित करें।

12. चाणक्य कहते हैं कि अधिक लाड़ प्यार करने से बच्चों में अनेक दोष उत्पन्न हो जाते हैं। इसलिए यदि वे कोई गलत काम करते हैं तो उसे नजरअंदाज करके लाड़-प्यार करना उचित नहीं है। बच्चे को डाँटना भी आवश्यक है।

13. शिक्षा और अध्ययन की महत्ता बताते हुए चाणक्य कहते हैं कि मनुष्य का जन्म बहुत सौभाग्य से मिलता है, इसलिए हमें अपने अधिकाधिक समय का वेदादि शास्त्रों के अध्ययन में तथा दान जैसे अच्छे कार्यों में ही सदुपयोग करना चाहिए।

14. चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति अच्छा मित्र नहीं है उस पर तो विश्वास नहीं करना चाहिए, परंतु इसके साथ ही अच्छे मित्र के संबंद में भी पूरा विश्वास नहीं करना चाहिए, क्योंकि यदि वह नाराज हो गया तो आपके सारे भेद खोल सकता है। अत: सावधानी अत्यंत आवश्यक है।

चाणक्य का मानना है कि व्यक्ति को कभी अपने मन का भेद नहीं खोलना चाहिए। उसे जो भी कार्य करना है, उसे अपने मन में रखे और पूरी तन्मयता के साथ समय आने पर उसे पूरा करना चाहिए।

15. चाणक्य के अनुसार नदी के किनारे स्थित वृक्षों का जीवन अनिश्चित होता है, क्योंकि नदियाँ बाढ़ के समय अपने किनारे के पेड़ों को उजाड़ देती हैं। इसी प्रकार दूसरे के घरों में रहने वाली स्त्री भी किसी समय पतन के मार्ग पर जा सकती है। इसी तरह जिस राजा के पास अच्छी सलाह देने वाले मंत्री नहीं होते, वह भी बहुत समय तक सुरक्षित नहीं रह सकता। इसमें जरा भी संदेह नहीं करना चाहिए।

17. चाणक्य कहते हैं कि जिस तरह वेश्या धन के समाप्त होने पर पुरुष से मुँह मोड़ लेती है। उसी तरह जब राजा शक्तिहीन हो जाता है तो प्रजा उसका साथ छोड़ देती है। इसी प्रकार वृक्षों पर रहने वाले पक्षी भी तभी तक किसी वृक्ष पर बसेरा रखते हैं, जब तक वहाँ से उन्हें फल प्राप्त होते रहते हैं। अतिथि का जब पूरा स्वागत-सत्कार कर दिया जाता है तो वह भी उस घर को छोड़ देता है।

18. बुरे चरित्र वाले, अकारण दूसरों को हानि पहुँचाने वाले तथा अशुद्ध स्थान पर रहने वाले व्यक्ति के साथ जो पुरुष मित्रता करता है, वह शीघ्र ही नष्ट हो जाता है। आचार्य चाणक्य का कहना है मनुष्य को कुसंगति से बचना चाहिए। वे कहते हैं कि मनुष्य की भलाई इसी में है कि वह जितनी जल्दी हो सके, दुष्ट व्यक्ति का साथ छोड़ दे।

19. चाणक्य कहते हैं कि मित्रता, बराबरी वाले व्यक्तियों में ही करना ठीक रहता है। सरकारी नौकरी सर्वोत्तम होती है और अच्छे व्यापार के लिए व्यवहारकुशल होना आवश्यक है। इसी तरह सुंदर व सुशील स्त्री घर में ही शोभा देती है।

Note::-


यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

(((((kmsraj51 की कलम से …..)))))

Aapka kmsraj51 …..

DSCN1006

Important Thoughts For Happiness !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51)…..

kmsraj51 की कलम से …..

kms-8

kms-8

खुशी के लिए जरूरी संकल्प …..


हेलो दोस्तो! नए वर्ष का स्वागत आप इतने उत्साह और शोर-शराबे के साथ हर बार इसलिए करते हैं कि आपके दिल में कुछ पाने की उम्मीद रहती है। वे खुशियां जिनकी अपने कामना और कोशिश की पर वे न मिलीं। नया साल शुरू होते ही वे सभी अधूरे ख्वाब पूरा करने की तमन्ना प्रबल हो जाती है। ऐसा लगता है मानो जीवन ने आपको एक और मौका दिया है खुशियों को अपने पक्ष में करने का।

आप इस नए वर्ष के पहले दिन पीछे मुड़कर देखना चाहते हैं कि आखिर आपसे किस-किस क्षेत्र में चूक हुई है जिसके कारण आप मंजिल से दूर रह गए। अपने स्मृति पटल पर जोर देने पर आपको अहसास होता है कि निहायत मामूली सी कमियों व कोताहियों के कारण आप वह हासिल नहीं कर सके जिसकी आपको चाह थी।

जब आप अपनी डायरी उठाकर देखते हैं तो पाते हैं कि ज्यादातर दुखों व कष्टों का जिम्मेदार कोई और नहीं, आप खुद ही थे। शक व संशय से किसी को तकलीफ या मजा चखाने जैसे विचार और प्रवृत्ति के कारण ही आपका मन ज्यादा विचलित व बेचैन हुआ था। अपनों पर भरोसा न कर किसी दुष्ट के बहकावे में आकर अपना सुख-चैन गंवाने का नतीजा हमेशा बुरा ही निकला। इस कारण न तो आपको शांति मिली और न ही स्वास्थ्य लाभ। आपकी मूल चाहत थी खुशी।

इन सारे विश्लेषणों के बाद आपके संकल्प की सूई अब कहां जाकर रुकनी चाहिए? जी हां, खुशी के लिए संकल्प का पहला सबक यही बनता है कि अपनों पर भरोसा किया जाए। अपने बच्चे, माता-पिता, साथी, दोस्त, रिश्ते, नातेदार पर भरोसा करना सीखें, न कि उन गैर चुगलखोरों की सुनें जो आपका सुकून चुराने में माहिर हैं। किसी अपने से कोई भूल हो गई है तो उसे जीवन भर का सच न मान लें। दोस्तनुमा दुश्मन के बहकावे में आकर अपनों पर निरंतर शक करने से आप उन्हें फिर गलत करने के लिए उकसाते हैं।

कुछ कारगर संकल्प इस प्रकार करें:

– बीते समय की चीर-फाड़ कर समय बर्बाद करने के बजाय भविष्य को सुधारने के बारे में आप विचार करेंगे।

– हर किसी को माफ कर देंगे ।

– बदला लेने के लिए कोई कितना भी उकसाए, ऐसा नहीं करेंगे।

– ज्यादा भावुक हुए बिना ही जिनसे प्यार है उनका साथ देंगे।

– यथार्थ व तर्क को अहमियत देते हुए भी दिल की भी सुनेंगे।

– कोशिश करें कि छोटे-मोटे अरमान पूरे करते चलें ताकि जीने का मजा मिलता रहे।

– ज्योतिष विद्या से मिली सूचनाओं पर केवल अच्छे पहलुओं पर यकीन करें और चिंता वाली बातों को झूठा मानें ताकि गंडे-तावीज के चक्कर में आपकी जेब खाली न हो।

– इंटरनेट, फेसबुक व फोन पर पूरी तरह निर्भर नहीं होकर रूबरू होकर संवाद का मजा लें।

– अपने चाहनेवालों के सीधे संपर्क में रहें ताकि हौसला बना रहे।

– नैतिकता का वही पैमाना अपने लिए भी तय करें जो दूसरों के लिए रखें।

– अपने जलनशील स्वभाव के कारण दूसरों का सुख चैन न लूटें।

– अपने को खाने-पीने से वंचित कर त्याग व बलिदान करने जैसी कसम या संकल्प न लें, यह मूलतः अपनों को प्यार नहीं सजा देने के लिए होता है।

– किसी भी प्रकार की अति से बचने की कोशिश करें।

– बार-बार अपना मन न बदलें, एक विचार पर टिककर रहें ताकि स्थिरता रहे।

मजे की बात यह है कि ज्यादातर संकल्प आप हर बार करते हैं और वे पहले ही दिन से टूटने लगते हैं। नहीं पीने या संतुलित खाने के संकल्प, आप यह कहकर तोड़ देते हैं कि अब आज तो नया वर्ष शुरू हुआ है, आज तो जश्न का दिन है, क्या सोचना। कल से देखा जाएगा और वह कल कभी नहीं आता। इसलिए कोई सख्त इरादा करना फायदेमंद नहीं होता है। केवल मोटी-मोटी बातों की गांठ अपने जीवन में बांध लेने भर से ही जीवन की नैय्या पार लग सकती है। खुद को खुश रखना। खुशी के लिए जरूरी है कि अपनी सेहत पर ध्यान दें। दूसरों का बुरा चाहने वालों की सेहत अमूमन थोड़ी नाजुक रहती है।

किसी भी घटना या बात को बहुत ज्यादा तूल न दें। खुशी हो या गम, संयम रखें और अति उत्तेजित न हों। सामाजिक मामला हो या पारीवारिक बहुत अधिक भावना में बहकर माहौल को खराब न करें। किसी पर हाथ उठाना या अपशब्द बोलना आपको अपरिपक्व साबित करता है। अपनी मस्ती, अपनी खुशी, अपनी सफलता का पैमाना खुद तय करें। जीवन के हर क्षेत्र में आपका लक्ष्य आपका अपना होना चाहिए न कि दूसरे क्या चाहते हैं। लालच से थोड़ा बचकर चलना ही सुकून देता है।

Note::-


यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

(((((::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..)))))

सद्विचार-हिन्दी में !!

::-Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..

सद्विचार-kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

इस संसार में प्यार करने लायक दो वस्तुएँ हैं-एक दुःख और दूसरा श्रम । दुख के बिना हृदय निर्मल नहीं होता और श्रम के बिना मनुष्यत्व का विकास नहीं होता ।

ज्ञान का अर्थ है-जानने की शक्ति । झूठ को सच से पृथक् करने वाली जो विवेक बुद्धि है-उसी का नाम ज्ञान है ।

अध्ययन, विचार, मनन, विश्वास एवं आचरण द्वार जब एक मार्ग को मजबूती से पकड़ लिया जाता है, तो अभीष्ट उद्देश्य को प्राप्त करना बहुत सरल हो जाता है ।

आदर्शों के प्रति श्रद्धा और कर्तव्य के प्रति लगन का जहाँ भी उदय हो रहा है, समझना चाहिए कि वहाँ किसी देवमानव का आविर्भाव हो रहा है ।

कुचक्र, छद्म और आतंक के बलबूते उपार्जित की गई सफलताएँ जादू के तमाशे में हथेली पर सरसों जमाने जैसे चमत्कार दिखाकर तिरोहित हो जाती हैं । बिना जड़ का पेड़ कब तक टिकेगा और किस प्रकार फलेगा-फूलेगा ।

जो दूसरों को धोखा देना चाहता है, वास्तव में वह अपने आपको ही धोखा देता है ।

समर्पण का अर्थ है-पूर्णरूपेण प्रभु को हृदय में स्वीकार करना, उनकी इच्छा, प्रेरणाओं के प्रति सदैव जागरूक रहना और जीवन के प्रत्येक क्षण में उसे परिणत करते रहना ।

मनोविकार भले ही छोटे हों या बड़े, यह शत्रु के समान हैं और प्रताड़ना के ही योग्य हैं ।

सबसे महान् धर्म है, अपनी आत्मा के प्रति सच्चा बनना ।

सद्व्यवहार में शक्ति है । जो सोचता है कि मैं दूसरों के काम आ सकने के लिए कुछ करूँ, वही आत्मोन्नति का सच्चा पथिक है ।

जिनका प्रत्येक कर्म भगवान् को, आदर्शों को समर्पित होता है, वही सबसे बड़ा योगी है ।

कोई भी कठिनाई क्यों न हो, अगर हम सचमुच शान्त रहें तो समाधान मिल जाएगा ।

सत्संग और प्रवचनों का-स्वाध्याय और सदुपदेशों का तभी कुछ मूल्य है, जब उनके अनुसार कार्य करने की प्रेरणा मिले । अन्यथा यह सब भी कोरी बुद्धिमत्ता मात्र है ।

सब ने सही जाग्रत् आत्माओं में से जो जीवन्त हों, वे आपत्तिकालीन समय को समझें और व्यामोह के दायरे से निकलकर बाहर आएँ । उन्हीं के बिना प्रगति का रथ रुका पड़ा है ।

साधना एक पराक्रम है, संघर्ष है, जो अपनी ही दुष्प्रवृत्तियों से करना होता है ।

आत्मा को निर्मल बनाकर, इंद्रियों का संयम कर उसे परमात्मा के साथ मिला देने की प्रक्रिया का नाम योग है ।

जैसे कोरे कागज पर ही पत्र लिखे जा सकते हैं, लिखे हुए पर नहीं, उसी प्रकार निर्मल अंतःकरण पर ही योग की शिक्षा और साधना अंकित हो सकती है ।

योग के दृष्टिकोण से तुम जो करते हो वह नहीं, बल्कि तुम कैसे करते हो, वह बहुत अधिक महत्त्वपूर्ण है ।

यह आपत्तिकालीन समय है । आपत्ति धर्म का अर्थ है-सामान्य सुख-सुविधाओं की बात ताक पर रख देना और वह करने में जुट जाना जिसके लिए मनुष्य की गरिमा भरी अंतरात्मा पुकारती है ।

जीवन के प्रकाशवान् क्षण वे हैं, जो सत्कर्म करते हुए बीते ।

प्रखर और सजीव आध्यात्मिकता वह है, जिसमें अपने आपका निर्माण दुनिया वालों की अँधी भेड़चाल के अनुकरण से नहीं, वरन् स्वतंत्र विवेक के आधार पर कर सकना संभव हो सके ।

बलिदान वही कर सकता है, जो शुद्ध है, निर्भय है और योग्य है ।

जिस आदर्श के व्यवहार का प्रभाव न हो, वह फिजूल है और जो व्यवहार आदर्श प्रेरित न हो, वह भयंकर है ।

भगवान जिसे सच्चे मन से प्यार करते हैं, उसे अग्नि परीक्षाओं में होकर गुजारते हैं ।

हम अपनी कमियों को पहचानें और इन्हें हटाने और उनके स्थान पर सत्प्रवृत्तियाँ स्थापित करने का उपाय सोचें, इसी में अपना व मानव मात्र का कल्याण है ।

प्रगति के लिए संघर्ष करो । अनीति को रोकने के लिए संघर्ष करो और इसलिए भी संघर्ष करो कि संघर्ष के कारणों का अन्त हो सके ।

धर्म की रक्षा और अधर्म का उन्मूलन करना ही अवतार और उसके अनुयायियों का कर्त्तव्य है । इसमें चाहे निजी हानि कितनी ही होती हो, कठिनाई कितनी ही उठानी पड़ती हों ।

अवतार व्यक्ति के रूप में नहीं, आदर्शवादी प्रवाह के रूप में होते हैं और हर जीवन्त आत्मा को युगधर्म निबाहने के लिए बाधित करते हैं ।

शरीर और मन की प्रसन्नता के लिए जिसने आत्म-प्रयोजन का बलिदान कर दिया, उससे बढ़कर अभागा एवं दुर्बुद्धि और कौन हो सकता है?

जीवन के आनन्द गौरव के साथ, सम्मान के साथ और स्वाभिमान के साथ जीने में है ।

आचारनिष्ठ उपदेशक ही परिवर्तन लाने में सफल हो सकते हैं । अनधिकारी धर्मोपदेशक खोटे सिक्के की तरह मात्र विक्षोभ और अविश्वास ही भड़काते हैं ।

इन दिनों जाग्रत् आत्मा मूक दर्शक बनकर न रहे । बिना किसी के समर्थन, विरोध की परवाह किए आत्म-प्रेरणा के सहारे स्वयंमेव अपनी दिशाधारा का निर्माण-निर्धारण करें ।

जो भौतिक महत्त्वाकांक्षियों की बेतरह कटौती करते हुए समय की पुकार पूरी करने के लिए बढ़े-चढ़े अनुदान प्रस्तुत करते और जिसमें महान् परम्परा छोड़ जाने की ललक उफनती रहे, यही है-प्रज्ञापुत्र शब्द का अर्थ ।

दैवी शक्तियों के अवतरण के लिए पहली शर्त है- साधक की पात्रता, पवित्रता और प्रामाणिकता ।

आशावादी हर कठिनाई में अवसर देखता है, पर निराशावादी प्रत्येक अवसर में कठिनाइयाँ ही खोजता है ।
चरित्रवान् व्यक्ति ही किसी राष्ट्र की वास्तविक सम्पदा है ।

व्यक्तिगत स्वार्थों का उत्सर्ग सामाजिक प्रगति के लिए करने की परम्परा जब तक प्रचलित न होगी, तब तक कोई राष्ट्र सच्चे अर्थों में सार्मथ्यवान् नहीं बन सकता है ।

युग निर्माण योजना का लक्ष्य है-शुचिता, पवित्रता, सच्चरित्रता, समता, उदारता, सहकारिता उत्पन्न करना ।
भुजाएँ साक्षात् हनुमान हैं और मस्तिष्क गणेश, इनके निरन्तर साथ रहते हुए किसी को दरिद्र रहने की आवश्यकता नहीं ।

विद्या की आकांक्षा यदि सच्ची हो, गहरी हो तो उसके रहते कोई व्यक्ति कदापि मूर्ख, अशिक्षित नहीं रह सकता ।

मनुष्य दुःखी, निराशा, चिंतित, उदिग्न बैठा रहता हो तो समझना चाहिए सही सोचने की विधि से अपरिचित होने का ही यह परिणाम है ।

धर्म अंतःकरण को प्रभावित और प्रशासित करता है, उसमें उत्कृष्टता अपनाने, आदर्शों को कार्यान्वित करने की उमंग उत्पन्न करता है ।

जीवन साधना का अर्थ है- अपने समय, श्रम और साधनों का कण-कण उपयोगी दिशा में नियोजित किये रहना ।

निकृष्ट चिंतन एवं घृणित कर्तृत्व हमारी गौरव गरिमा पर लगा हुआ कलंक है ।

आत्मा का परिष्कृत रूप ही परमात्मा है ।

हम कोई ऐसा काम न करें, जिसमें अपनी अंतरात्मा ही अपने को धिक्कारे ।

अपनी दुष्टताएँ दूसरों से छिपाकर रखी जा सकती हैं, पर अपने आप से कुछ भी छिपाया नहीं जा सकता ।

किसी महान् उद्देश्य की ओर न चलना उतनी लज्जा की बात नहीं होती, जितनी कि चलने के बाद कठिनाइयों के भय से पीछे हट जाना ।

महानता का गुण न तो किसी के लिए सुरक्षित है और न प्रतिबंधित । जो चाहे अपनी शुभेच्छाओं से उसे प्राप्त कर सकता है ।

सच्ची लगन तथा निर्मल उद्देश्य से किया हुआ प्रयत्न कभी निष्फल नहीं जाता ।

खरे बनिये, खरा काम कीजिए और खरी बात कहिए । इससे आपका हृदय हल्का रहेगा ।

मनुष्य जन्म सरल है, पर मनुष्यता कठिन प्रयत्न करके कमानी पड़ती है ।

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ।

सज्जनों की कोई भी साधना कठिनाइयों में से होकर निकलने पर ही पूर्ण होती है ।

असत् से सत् की ओर, अंधकार से आलोक की और विनाश से विकास की ओर बढ़ने का नाम ही साधना है ।

किसी सदुद्देश्य के लिए जीवन भर कठिनाइयों से जूझते रहना ही महापुरुष होना है ।

अपना मूल्य समझो और विश्वास करो कि तुम संसार के सबसे महत्त्वपूर्ण व्यक्ति हो ।

उत्कृष्ट जीवन का स्वरूप है-दूसरों के प्रति नम्र और अपने प्रति कठोर होना ।

वही जीवति है, जिसका मस्तिष्क ठण्डा, रक्त गरम, हृदय कोमल और पुरुषार्थ प्रखर है ।

चरित्र का अर्थ है- अपने महान् मानवीय उत्तरदायित्वों का महत्त्व समझना और उसका हर कीमत पर निर्वाह करना ।

मनुष्य एक भटका हुआ देवता है । सही दिशा पर चल सके, तो उससे बढ़कर श्रेष्ठ और कोई नहीं ।

अपने अज्ञान को दूर करके मन-मन्दिर में ज्ञान का दीपक जलाना भगवान् की सच्ची पूजा है ।

जो बीत गया सो गया, जो आने वाला है वह अज्ञात है! लेकिन वर्तमान तो हमारे हाथ में है ।

हर वक्त, हर स्थिति में मुस्कराते रहिये, निर्भय रहिये, कर्त्तव्य करते रहिये और प्रसन्न रहिये ।

वह स्थान मंदिर है, जहाँ पुस्तकों के रूप में मूक किन्तु ज्ञान की चेतनायुक्त देवता निवास करते हैं ।

Note::-

यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational Story,Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in .पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

::::::::::::: Krishna Mohan Singh(kmsraj51) :::::::::::::

खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-FMQ-Kmsraj51

Tips How to be Happy in Life in Hindi

ज़िन्दगी खुश रहने का नाम है और खुश रहना इतना मुश्किल भी नहीं. Just try these ways :-

 एकमात्र इंसान जो आपको सच्ची खुशी दे सकता है वो आप खुद है. इसलिए खुशी के लिए दूसरो पर depend रहना छोड़ दीजिए।

 खुशी आपको भूल जाए पर आप खुश रहना कभी मत भूलिए – Always Keep Smiling ।

 Love Unconditionally : बिना शर्तों के प्यार कीजिए।

 जो आपके पास है उसे celebrate कीजिए. जो नहीं है और आप पाना चाहते है उसके बारे में केवल सकारात्मक तरीके से सोचिए. One day you will get those things.

 कभी कभी आपके emotions बाहर आने दीजिए. Human have them for a reason.

 अपने comfort zone से बाहर कदम रखिए. आप सच में खुद को जिंदा महसूस करेंगे ।

 जब आपको किसी से jealousy हो या किसी के लिए नफ़रत महसुस करें तो इसे तुरंत रोक दीजिए. क्योंकि ऐसा करके आप सिर्फ़ खुद को hurt कर रहे है।

 “black & white”, ” right or wrong” , “one way or another” संसार सिर्फ़ यही नहीं है. चीज़ो को ज़्यादा से ज़्यादा point of views से देखने की कोशिश कीजिए।

 अगर आप चाहते है लोग सोचे that you are amazing तो सबसे पहले आप खुद भरोसा कीजिए कि आप amazing है और तब लोग भी करने लगेंगे।

 अच्छा या बुरा जो भी हो रहा है उसे होने दीजिए बस आप निरंतर चलते रहिए क्योंकि अच्छा या बुरा कुछ भी स्थाई नहीं है।

 Gossip, past की problems,घटनाएँ जिन पर आपका नियंत्रण नहीं है, नकारात्मक विचार, इन्हें समय देना समय को व्यर्थ गँवाना है।

 महँगी, आकर्षक, नयी चीज़े आपको ये महसूस करवा सकती है कि आप बेहतर इंसान है पर दुख, भय या जब आपको ज़रूरत है तब ये आपको सुन नहीं सकती, आपका साथ नहीं दे सकती. इसलिए प्राथमिकताओं का निर्धारण सोच समझ कर कीजिए।

 अपनी खुशियों की तुलना दूसरो की खुशियों से करना छोड़िए. जो आपके पास है उसमे खुश रहिए. Because “Relative Happiness” is fake.

 किसी और के चहरे पर मुस्कुराहट लाइए वह दोगुनी होकर आपके चहरे पर खिलेगी।

 

Follow These Ways & Happiness Will Follow You. Thanks

kmsraj51

Copyright © 2014 kmsraj51.com All Rights Reserved.

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

More quotes visit at kmsraj51 copy

अगर सच्चे-मन से जीवन में कुछ करने की ठान लाे, ताे सफलता आपकाे जरुर मिलेगी।

खुद को साबित करने के लिए मौका मिलने के आप हकदार हैं। सफलता की नींव आप खुद हैं। 

दूसरे क्या सोच रहे हैं, इस बारे में अनुमान लगाते रहना नकारात्मक सोच की निशानी है।

-KMSRAJ51

 

 

 

_______Copyright © 2014 kmsraj51.com All Rights Reserved.________