Soul Sustenance & Message for the day 17-12-2013 !!

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** Soul Sustenance & Message for the day 17-12-2013 **

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Soul Sustenance 17-12-2013
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Living Life On The Surface

In an ideal situation, the thoughts that run in my mind, should be exactly those that I would like and I want. We do exert this control, that we possess, over our thoughts, but it is not complete and it is only sometimes. The more we become completely engrossed in our daily routine, the more our thoughts tend to become reactions to what goes on outside us. That’s when they go out of control and our lives move in an unfocused way. As a result things don’t work out as we might have desired. Then we develop a habit of blaming other people and circumstances, or we justify our pain by telling ourselves we are not very worthy or powerful enough. Often, these two inner strategies go together. The trouble is, both are cover ups, preventing us from going for a long-term solution.

In this way, we tend to live our lives on a very superficial level, without taking the time to find the solution to what is going on wrong inside. Deeper difficulties remain hidden inside. I move from one scene of life to another – eating, watching television, studying in college, getting married, changing jobs, buying a new car or house, etc. without ever stopping. All these are part of living, but if I make them my whole and sole, my foundation, it’s as if I skate across the surface of life without being in touch with the core. As time progresses, an inner shallowness develops. Then the feeling keeps growing inside that ‘there must be more to life than this’. I then, find that my relationships are not working out as I would have hoped and they are lacking in depth.

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Message for the day 17-12-2013
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Easy nature makes tasks easy.

Expression: The ones with an easy nature constantly think of solutions instead of problems. So such individuals are free from the burden of problems and are constantly contributing to make things easy for themselves and others too. The right environment to bring out the best result is naturally created by them.

Experience: When I have an easy nature, I am able to put a full stop in a second with great ease. I am not caught with the waste questions and exclamations. So I am able to enjoy everything that comes my way and move forward constantly with lightness.

In Spiritual Service,
Brahma Kumaris
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Kmsraj51 – सकारात्मक विचारों का समूह

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** ~ Krishna Mohan Singh(kmsraj51) ~ Great Thoughts of KMSRAJ51 ~ **


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** कृष्ण मोहन सिंह 51 या (kmsraj51) ~ सकारात्मक विचारों का समूह ….. **


** मेरे कुछ व्यक्तिगत सकारात्मक विचारों का समूह …..

** अपनी सोच को हमेशा सकारात्मक रखना …..

** हमेशा मन को शांत रखना …..

** दिमाग को हमेशा अनुसंधान में लगाये रखना …..

** हमेशा (सदैव) अन्य लोगों से अपनी सोच को अलग रखना …..

** हमेशा अपनी मन की कमजोरी को दूर रखना …..

** हमेशा आंतरिक आत्मा की (आत्मा के अंदर की आवाज) आवाज सुनो …..

** हमेशा ईस सूत्र का उपयोग करें …..

….. कोशिश + कोशिश + कोशिश + कोशिश + कोशिश = सफलता

** आपके जीवन में हमेशा खुशी मिलेगी …..

** आपका कृष्ण मोहन सिंह 51 या (kmsraj51) ….. मैं एक शुद्ध आत्मा हूँ!! …..

** ओम शांति!! ~ ओम साईराम!! ~ ओम शांति!! ~ ओम साईराम!! ~ओम शांति!! ~ ओम साईराम!!


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About The Author: KMSRAJ51
Krishna Mohan Singh (kmsraj51) is the CEO and Founder of https://kmsraj51.wordpress.com/ . With a long time passion for Entrepreneurship, Self development & Success, KMSRAJ51 started his website with the intention of educating and inspiring likeminded people all over the world to always strive for success no matter what their circumstances. Kmsraj51 passion for what he does shows through the continual growth of https://kmsraj51.wordpress.com/ online community. Follow kmsraj51 on Twitter or keep upto date with him on Facebook: https://www.facebook.com/kmsraj51 & also Google+ kmsraj51 (Krishna Mohan Singh).

Thank`s & Regard`s

Krishna Mohan Singh (कृष्ण मोहन सिंह)
Spiritual Author Cum Spiritual Guru
Always Positive Thinker Cum Motivator
Sr.Administrator (IT-Software, Hardware & Networking)
ID: kmsraj51@yahoo.in

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(((((~)))))<<<>>>(((((~))))) ओम शांति!! ~ ओम साईराम!! (((((~)))))<<<>>>(((((~)))))

853 साल बाद कल बनेगा ये अद्भुत संयोग, नहीं देख पाएंगे फिर कभी ~ Tomorrow will be an amazing coincidence that 853 years later, will not see ever again !!

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** 853 साल बाद कल बनेगा ये अद्भुत संयोग, नहीं देख पाएंगे फिर कभी!! **

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साल 2013 अपनी समाप्ति की ओर है। साल के अंतिम महीने दिसंबर में आंकड़ों का एक अद्भुत योग बन रहा है। यह योग कल यानी 11 दिसंबर, बुधवार को बनेगा। ऐसा योग हजारों सालों में एक बार ही बनता है। यानी जो लोग ये योग दिसंबर में देख पाएंगे वह दोबारा यह योग कभी नहीं देख पाएंगे। इस बार आंकड़ों का यह संयोग 823 साल बाद बनने जा रहा है।

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आंकड़ों का यह संयोग बनेगा 11 दिसंबर को। जब सुबह व रात को घड़ी में 8 बजकर 9 मिनट व 10 सेंकेंड होंगे तो उस वक्त तारीख 11 होगी, महीना 12वां होगा और साल 13। यानी इस समय 8, 9, 10, 11, 12, 13 अंक का अभूतपूर्व संयोग बनेगा। इतना ही नहीं, दिसंबर में पांच रविवार, पांच सोमवार व पांच मंगलवार भी होंगे। इस संयोग को मनी बैग्स भी कहा जाता है। आंकड़ों का यह संयोग दिलचस्प होगा।

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यह संयोग अपने आप में ऐतिहासिक है। इस संयोग का महत्व समझने वाले इस पल को यादगार बनाने व यादें संजोने का भरसक प्रयत्न करेंगे। यह बात अलग है कि सब अपने-अपने तरीके से इस पल को संजोएंगे। कोई इस लग्न में शादी करना चाहेगा। हालांकि ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इस दिन विवाह के लिए कोई शुभ मूहूर्त नहीं है। यूं तो हर कोई इस अनूठे संयोग को यादगार बनाने की कोशिश करता है लेकिन कुछ संयोग निश्चित हैं। इस संयोग में जो जन्म लेने वाले बच्चों की जन्मतिथि भी इस अद्भुत संयोग में दर्ज हो जाएगी।

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पहली व अंतिम बार आएगा
अंकों का यह खेल इस शताब्दी में पहली और आखिरी बार आएगा। दिनांक 11 अर्थात अंक 2 चंद्रमा ग्रह का अंक है, इसे अति शुभ माना जाता है। शगुन देते समय भी 11 या 101 को प्रमुखता दी जाती है ताकि कार्य शुभ हो व प्रायोजन सफल हो। महीना 12 अर्थात अंक 3 जो गुरु ग्रह का अंक है। वर्ष 2013 अंक 6 को दर्शाता है जो शुक्रग्रह का अंक है।

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संघर्ष का परिचायक
एक महीने में तीन वारों का पांच बार आना संघर्ष का परिचायक है। ऐसी स्थिति में किसी केंद्रीय नेता का अपमानित होना, दल-बदल की स्थिति से सरकार पर संकट आना, सीमावर्ती देशों से द्वंद्व की स्थिति बनना आम बात है। हालांकि, यह स्थिति शीतकालीन फसलों के लिए लाभदायक रहती है।

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जन्मदिन होगा यादगार
आंकड़ों के इस संयोग का ज्योतिषीय दृष्टिकोण से तो इतना महत्व नहीं है। क्योंकि इस दिन शादियों का भी कोई मूहूर्त नहीं है लेकिन यह एक यादगार पल है। इसे हर कोई अपने-अपने ढंग से दर्ज कराना चाहेगा। इस मौके पर जन्म लेने वाले बच्चों की जन्मतिथि भी अपने आप में ऐतिहासिक होगी।

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ठंड में कैसे निखारे सुंदरता ~ How to Improve Your beauty in the cold !!

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ठंड के सुहाने दिन अगर ढेर सारे रंगों को पहनने की छूट देते हैं तो मेकअप के लिए कई सारे ऑप्शंस इस मौसम में अपनाए जा सकते हैं। डार्क कलर की लिपस्टिक से लेकर गहरे आईशैडो तक को इस मौसम में बेझिझक इस्तेमाल किया जा सकता है। ये तो हुई सामान्य मेकअप से जुड़ी बातें। चलिए जानते हैं इस साल के लिए विशेषज्ञ क्या विंटर ब्यूटी टिप्स देते हैं।

– सबसे पहले मेकअप के बेस के लिए एक अच्छी फेस क्रीम का उपयोग अवश्य करें। यह आपके मेकअप को लंबे समय तक टिकने में मदद करेगी, लेकिन ऐसी क्रीम के प्रयोग से बचें, जो नमी छोड़ने लगती हैं वरना आपके मेकअप को खराब होने से कोई नहीं बचा सकेगा। अगर मॉइश्चराइजर का प्रयोग कर रही हैं तो ऐसा प्रोडक्ट चुनें, जो लाइट कंसिस्टेंसी (तरल) का हो, ताकि आपकी स्किन उसे पूरी तरह सोख सके।

– झटपट तैयार होने और फ्रेश लुक के लिए आजमाया जाने वाला प्रचलित न्यूड मेकअप इस सर्दी में भी हॉट ट्रेंड बना रहेगा। इसके लिए सबसे ज्यादा ध्यान आपको फाउंडेशन के कोट पर देना है। यह कोट स्किन टोन को सूट भी करे और बहुत लाउड न हो, इसका ध्यान रखिए। नैचुरल आईशैडो और मस्करा जरूर अप्लाई करें। साथ ही हल्का-सा ब्लश और नैचुरल लिप ग्लॉस या लिप कलर आपके लुक को कम्प्लीट कर देंगे। आईलाइनर, मस्करा तथा लिपलाइनर आदि वॉटरप्रूफ ही चुनें। साधारण पावडर अप्लाई करने से बचें। इसी तरह क्रीम ब्लश के प्रयोग से भी बचें।

– ठंड के हिसाब से सिलीकॉन बेस्ड फाउंडेशन सबसे बढ़िया विकल्प होगा। बदलते मौसम के लिहाज से पावडर मेकअप फाउंडेशन भी चुना जा सकता है। तेज ठंड में लिक्विड फाउंडेशन न लगाएं।

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– न्यूड शेड से बिलकुल जुदा ‘वैम्पी लिप्स’ भी खासे प्रचलन में हैं, खासतौर पर शादी या पार्टी के लिहाज से। इसके तहत आप सुर्ख लाल से लेकर ऑरेंज, बरगंडी, पर्पल, मैजेंटा या डार्क ब्राउन कलर भी लिप्स पर अप्लाई कर सकती हैं, लेकिन ‘वैम्पी लिप्स’ रखते समय बाकी के मेकअप को बैलेंस रखें, हैवी न होने दें।

– एक अच्छी खबर उन लोगों के लिए जो आईब्रो को संवारने से बचना चाहते हैं। आजकल मोटी और लड़कों की तरह थोड़ी फैली आईब्रो फैशन में है। अगर आपकी आईब्रो पतली हैं तो आप काजल पेंसिल का सहारा भी ले सकती हैं। साथ ही स्मोकी आइज़ भी आज का हॉट ट्रेंड हैं।

इसके लिए आईशैडो का सही शेड चुनें, जो आपकी स्किन टोन से सूट करता हो और आई मेकअप को हाईलाइट करे। आईलाइनर की रेखा को आप थोड़ा बोल्ड रख सकती हैं। यह आजकल चलन में है। साथ ही आंखों के कोनों तक फैला आईलाइनर भी चलेगा। हां, अगर आप ज्यादा देर तक टिके रहने वाला लाइनर चाहती हैं तो जैल या सिलिकॉन बेस्ड लाइनर का प्रयोग करें।

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Message for the day 12-11-2013 !!

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The one who has the power to face is free from tensions.

Projection: To be good with those who are good is quite natural, but to be good with those who are bad is known as having the power to face. This naturally comes when there is the power to transform even that which in negative into something positive. When there is the power to face, there is no retaliation, no conflict. There is love given to all around.


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Solution: When I am able to transform and look at each and everything in a positive way, I will not have any difficulty with any situation. I will naturally be able to face all situations in a light and easy way. When I am able to be free from tension in this way, I am also able to give my best and thus become an inspiration for those around me.

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50 Great Quotations In Hindi !!

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** 50 अनमोल वचन हिंदी में | 50 Great Quotations In Hindi **

1. जिसने ज्न्यान को आचरण में उतार लिया , उसने ईश्वर को मूर्तिमान कर लिया – विनोबा भावे

2. अकर्मण्यता का दूसरा नाम मर्त्यु है – मुसोलिनी

3. पालने से लेकर कब्र तक ज्ञान प्राप्त करते रहो – पवित्र कुरान

4. इच्छा ही सब दूखो का मूल है – गौतम बुद्ध

5. मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु उसका अज्न्यान है – चाणक्य

6. आपका आज का पुरुषार्थ आपका कल का भाग्य है – पालशिरू

7. क्रोध एक किस्म का क्षणिक पागलपन है – महात्मा गांधी

8. ठोकर लगती है और दर्द होता है तभी मनुष्य सीख पाटा है – महात्मा गांधी

9. अप्रिय शब्द पशुओ को भी नहीं सुहाते है – गौतम बुद्ध

10. नरम शब्दों से सख्त दिलो को जीता जा सकता है – सुकरात

11. गहरी नदी का जल प्रवाह शांत व गंभीर होता है – शेक्सपीयर

12. समय और समुद्र की लहरे किसी का इंतज़ार नहीं करती – अज्ञात

13. जिस तरह जौहरी ही असली हीरे की पहचान कर सकता है , उसी तरह गुनी ही गुणवान की पहचान कर सकता है – कबीर

14. जो आपको कल कर देना चाहिए था , वही संसार का सबसे का थीं कार्य है – कन्फ्यूशियस

15. ज्ञानी पुरुषो का क्रोध भीतर ही , शान्ति से निवास करता है , बाहर नहीं – खलील जिब्रान

16. कुबेर भी यदि आय से अधिक व्यय करे तो निर्धन हो जाता है – चाणक्य

17. डूब की तरह छोटे बनाकर रहो . जब घास -पात जल जाते है तब भी डूब जस की तस बनी रहती है – गुरु नानक देव

18. ईश्वर के हाथ देने के लिए खुले है . लेने के लिए तुम्हे प्रयत्न करना होगा – गुरु नानक देव

19. जो दूसरो से घृणा करता है वह स्वय पतित होता है – स्वामी विवेकानंद

20. जो जैसा शुभ व अशुभ कार्य करता है , वो वैसा ही फल भोगता है – वेदव्यास

21. मनुष्य की इच्छाओ का पेट आज तक कोइ नहीं भर सका है – वेदव्यास

22. नम्रता और मीठे वचन ही मनुष्य के सच्चे आभूषण होते है – तिरूवल्लुवर

23. खुदा एक दरवाजा बंद करने से पहले दूसरा खोल देता है , उसे प्रयत्न कर देखो – शेख सादी

24. बुरे आदमी के साथ भी भलाई करनी चाहिए – कुत्ते को रोटी का एक टुकड़ा डालकर उसका मुंह बंद करना ही अच्छा है – शेख सादी

25. अपमानपूर्वक अमरत पीने से तो अच्छा है सम्मानपूर्वक विषपान – रहीम

26. थोड़े से धन से दुष्ट जन उन्मत्त हो जाते है – जैसे छोटी , बरसाती नदी में थोड़ी सी वर्षा से बाढ़ आ जाती है – गोस्वामी तुलसीदास

27. ईश प्राप्ति (शान्ति ) के लिए अंत: कारन शुद्ध होना चाहिए – रविदास

28. जब मई स्वय पर हँसता हूँ तो मेरे मन का बोज़ हल्का हो जाता है – टैगोर

29. जन्म के बाद मर्त्यु , उत्थान के बाद पतन , संयोग के बाद वियोग , संचय के बाद क्षय निश्चित है . ज्ञानी इन बातो का ज्न्यान कर हर्ष और शोक के वशीभूत नहीं होते – महाभारत

30. जननी जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढाकर है – अज्ञात

31. भरे बादल और फले वर्कश नीचे ज़ुकारे है , सज्जन ज्न्यान और धन पाकर विनम्र बनाते है – अज्ञात

32. सोचना, कहना व करना सदा सम्मान हो – अज्ञात

33. न कल की न काल की फिकर करो , सदा हर्षित मुख रहो – अज्ञात

34. स्व परिवर्तन से दूसरो का परिवर्तन करो – अज्ञात

35. ते ते पाँव पसारियो जेती चादर होय – अज्ञात

36. महान पुरुष की पहली पहचान उसकी विनम्रता है – अज्ञात

37. बिना अनुभव कोरा शाब्दिक ज्न्यान अँधा है – अज्ञात

38. क्रोध सदैव मूर्खता से प्रारम्भ होता है और पश्चाताप पर समाप्त – अज्ञात

39. नारी की उन्नति पर ही राष्ट्र की उन्नति निर्धारित है – अज्ञात

40. धरती पर है स्वर्ग कहा – छोटा है परिवार जहा – अज्ञात

41. दूसरो का जो आचरण तुम्हे पसंद नहीं , वैसा आचरण दूसरो के प्रति न करो – अज्ञात

42. नम्रता सारे गुणों का दर्द स्तम्भ है – अज्ञात

43. बुद्धिमान किसी का उपहास नहीं करते है – अज्ञात

44. हर अच्छा काम पहले असंभव नजर आता है – अज्ञात

45. पुस्तक प्रेमी सबसे धनवान व सुखी होता है – अज्ञात

46. सबसे उत्तम बदला क्षमा करना है – अज्ञात

47. आराम हराम है – अज्ञात

48. दो बच्चो से खिलाता उपवन , हंसते -हंसते कटता जीवन – अज्ञात

49. अगर चाहते सुख समर्द्धि , रोको जनसंख्या वर्द्धि – अज्ञात

50. कार्य मनोरथ से नहीं , उद्यम से सिद्ध होते है . जैसे सोते हुए सिंह के मुंह में मुर्गे अपने आप नहीं चले जाते – विष्णु शर्मा!

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भटके तो अटके ~ So get lost, stuck !!

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** भटके तो अटके ~ So get lost, stuck !! **

टाइम टेबल बनाकर पढ़ने के लिए किताबें लेकर बैठ जाना ही काफी नहीं होता है। इससे ज्यादा जरूरी है कि कम या ज्यादा जितनी देर भी आपने पढ़ाई की है उस दौरान के विषयों को आत्मसात कितना पर पाए हैं। अमूमन ऐसे छात्र, जो नियमित पढ़ाई में विश्वास नहीं रखते और सिर्फ परीक्षा सिर पर आने की स्थिति में ही पुस्तकों की धूल झाड़ते नजर आते हैं, को इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है।

कहने को तो 18 घंटे की पढ़ाई होती है पर असल में ध्यान नहीं लगा पाने के कारण अधिकांश बातें याद नहीं रह पाती हैं। चूंकि संपूर्ण कंसंट्रेशन के साथ पढ़ाई करने की आदत नहीं होती है इसीलिए दिमाग और मन भटकाव की स्थिति में रहते हुए चंचल व्यवहार करता है।

पुस्तक सामने होने के बावजूद यार दोस्तों, हंसी मजाक अन्यथा अन्य बातें रह रह कर मन में आती हैं और जाहिर है, इससे ध्यान उलझ जाता है। प्रस्तुत लेख में कुछ इस तरह की परेशानियों के निदान के संबंध में आसान से टिप्स देने का प्रयास किया जा रहा है।

1. पढ़ाई के प्रारंभिक दिनों में जानबूझकर आसान टॉपिक्स का चयन करना चाहिए। इससे विषय समझने में ज्यादा मुश्किल नहीं होगी और साथ ही साथ दिमाग भी पढ़ाई के प्रति अभ्यस्त होता जाएगा।

2. नए और कठिन विषयों की शुरुआत से पहले अपने सहपाठियों अथवा अध्यापकों की मदद से अपने मन में उक्त विषय के प्रति दिलचस्पी जगाने का प्रयत्न करें। इससे विषय का परिचय मिलता है और स्वयं पढ़ाई करने में समझना आसान हो जाता है।

3. लिखकर विभिन्न विषयों को समझने का क्रम आमतौर से ध्यान भटकने से रोकने में काफी सहायक माना जाता है।

4. ध्यान बाँटने वाले तमाम कारक जैसे मोबाइल फोन, कंप्यूटर, इंटरनेट, वीडियो गेम्स टेलीविजन आदि से जितनी दूरी बना सकें, उतनी ही आसानी होगी ध्यान केंद्रित करने में।

5. हमेशा ताजगी भरे दिमाग और पर्याप्त आराम के बाद ही पढ़ाई के लिए बैठना उपयुक्त होता है। इससे थकान नहीं होती और मुश्किल टॉपिक्स भी सरलता से समझ आने लगते हैं।

6. ध्यान केंद्रित करने के लिए चाय या कॉफी अथवा किसी नए प्रकार के सहारे से नुकसान ज्यादा और फायदा कहीं कम होता है।

7. सही जगह का ही अध्ययन के लिए चुनाव करना चाहिए। घर का कोई भी ऐसा शांत कोना जहां शोरगुल कम से कम हो तथा टीवी- रेडियो “म्यूजिक की आवाज से बचा जा सके। इस तरह के अध्ययन के लिए उपयुक्तकहा जा सकता है।

8. स्टडी टेबल पर आते समय ढेर सारे काम या पढ़ाई का बोझ डालना उचित नहीं है। इससे पढ़ाई में कम और इस मानसिक बोझ पर ध्यान ज्यादा लगा रहता है।

9. ब्रह्ममुहूर्त या तड़के सुबह का समय (4 बजे प्रातः) अध्ययन करने की दृष्टि से सर्वाधिक उपयुक्त कहा जा सकता है। रात भर की नींद के बाद तन-मन और दिमाग में ताजगी होती है और साथ में इस वक्त बिलकुल शांति होती है।

10. संपूर्ण दिन एक ही विषय की पढ़ाई करते रहने से दिमागी थकान होनी स्वाभाविक है। इसीलिए तीन विषयों की पढ़ाई समय बांट कर करना अधिक प्रभावी होगा।

11. किसी विषय के प्रति दिमाग में फोबिया नहीं पालें और थोड़ा-थोडा पढ़ने से कुछ समय बाद यही विषय सबसे आसान प्रतीत होने लगेगा।

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