Kmsraj51 – सकारात्मक विचारों का समूह

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..

kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

** ~ Krishna Mohan Singh(kmsraj51) ~ Great Thoughts of KMSRAJ51 ~ **


kms-1151

** कृष्ण मोहन सिंह 51 या (kmsraj51) ~ सकारात्मक विचारों का समूह ….. **


** मेरे कुछ व्यक्तिगत सकारात्मक विचारों का समूह …..

** अपनी सोच को हमेशा सकारात्मक रखना …..

** हमेशा मन को शांत रखना …..

** दिमाग को हमेशा अनुसंधान में लगाये रखना …..

** हमेशा (सदैव) अन्य लोगों से अपनी सोच को अलग रखना …..

** हमेशा अपनी मन की कमजोरी को दूर रखना …..

** हमेशा आंतरिक आत्मा की (आत्मा के अंदर की आवाज) आवाज सुनो …..

** हमेशा ईस सूत्र का उपयोग करें …..

….. कोशिश + कोशिश + कोशिश + कोशिश + कोशिश = सफलता

** आपके जीवन में हमेशा खुशी मिलेगी …..

** आपका कृष्ण मोहन सिंह 51 या (kmsraj51) ….. मैं एक शुद्ध आत्मा हूँ!! …..

** ओम शांति!! ~ ओम साईराम!! ~ ओम शांति!! ~ ओम साईराम!! ~ओम शांति!! ~ ओम साईराम!!


DSCN1178


passport size kms


KING-KMSRAJ51----YUGPURUSH

2

1

DSCN0964

3

DSCN0898

Photo0223

13

Image1744

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..
kms-1151

About The Author: KMSRAJ51
Krishna Mohan Singh (kmsraj51) is the CEO and Founder of https://kmsraj51.wordpress.com/ . With a long time passion for Entrepreneurship, Self development & Success, KMSRAJ51 started his website with the intention of educating and inspiring likeminded people all over the world to always strive for success no matter what their circumstances. Kmsraj51 passion for what he does shows through the continual growth of https://kmsraj51.wordpress.com/ online community. Follow kmsraj51 on Twitter or keep upto date with him on Facebook: https://www.facebook.com/kmsraj51 & also Google+ kmsraj51 (Krishna Mohan Singh).

Thank`s & Regard`s

Krishna Mohan Singh (कृष्ण मोहन सिंह)
Spiritual Author Cum Spiritual Guru
Always Positive Thinker Cum Motivator
Sr.Administrator (IT-Software, Hardware & Networking)
ID: kmsraj51@yahoo.in

Note::-
यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

(((((~)))))<<<>>>(((((~))))) ओम शांति!! ~ ओम साईराम!! (((((~)))))<<<>>>(((((~)))))

Advertisements

ठंड में कैसे निखारे सुंदरता ~ How to Improve Your beauty in the cold !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..


kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

ठंड के सुहाने दिन अगर ढेर सारे रंगों को पहनने की छूट देते हैं तो मेकअप के लिए कई सारे ऑप्शंस इस मौसम में अपनाए जा सकते हैं। डार्क कलर की लिपस्टिक से लेकर गहरे आईशैडो तक को इस मौसम में बेझिझक इस्तेमाल किया जा सकता है। ये तो हुई सामान्य मेकअप से जुड़ी बातें। चलिए जानते हैं इस साल के लिए विशेषज्ञ क्या विंटर ब्यूटी टिप्स देते हैं।

– सबसे पहले मेकअप के बेस के लिए एक अच्छी फेस क्रीम का उपयोग अवश्य करें। यह आपके मेकअप को लंबे समय तक टिकने में मदद करेगी, लेकिन ऐसी क्रीम के प्रयोग से बचें, जो नमी छोड़ने लगती हैं वरना आपके मेकअप को खराब होने से कोई नहीं बचा सकेगा। अगर मॉइश्चराइजर का प्रयोग कर रही हैं तो ऐसा प्रोडक्ट चुनें, जो लाइट कंसिस्टेंसी (तरल) का हो, ताकि आपकी स्किन उसे पूरी तरह सोख सके।

– झटपट तैयार होने और फ्रेश लुक के लिए आजमाया जाने वाला प्रचलित न्यूड मेकअप इस सर्दी में भी हॉट ट्रेंड बना रहेगा। इसके लिए सबसे ज्यादा ध्यान आपको फाउंडेशन के कोट पर देना है। यह कोट स्किन टोन को सूट भी करे और बहुत लाउड न हो, इसका ध्यान रखिए। नैचुरल आईशैडो और मस्करा जरूर अप्लाई करें। साथ ही हल्का-सा ब्लश और नैचुरल लिप ग्लॉस या लिप कलर आपके लुक को कम्प्लीट कर देंगे। आईलाइनर, मस्करा तथा लिपलाइनर आदि वॉटरप्रूफ ही चुनें। साधारण पावडर अप्लाई करने से बचें। इसी तरह क्रीम ब्लश के प्रयोग से भी बचें।

– ठंड के हिसाब से सिलीकॉन बेस्ड फाउंडेशन सबसे बढ़िया विकल्प होगा। बदलते मौसम के लिहाज से पावडर मेकअप फाउंडेशन भी चुना जा सकता है। तेज ठंड में लिक्विड फाउंडेशन न लगाएं।

hel

– न्यूड शेड से बिलकुल जुदा ‘वैम्पी लिप्स’ भी खासे प्रचलन में हैं, खासतौर पर शादी या पार्टी के लिहाज से। इसके तहत आप सुर्ख लाल से लेकर ऑरेंज, बरगंडी, पर्पल, मैजेंटा या डार्क ब्राउन कलर भी लिप्स पर अप्लाई कर सकती हैं, लेकिन ‘वैम्पी लिप्स’ रखते समय बाकी के मेकअप को बैलेंस रखें, हैवी न होने दें।

– एक अच्छी खबर उन लोगों के लिए जो आईब्रो को संवारने से बचना चाहते हैं। आजकल मोटी और लड़कों की तरह थोड़ी फैली आईब्रो फैशन में है। अगर आपकी आईब्रो पतली हैं तो आप काजल पेंसिल का सहारा भी ले सकती हैं। साथ ही स्मोकी आइज़ भी आज का हॉट ट्रेंड हैं।

इसके लिए आईशैडो का सही शेड चुनें, जो आपकी स्किन टोन से सूट करता हो और आई मेकअप को हाईलाइट करे। आईलाइनर की रेखा को आप थोड़ा बोल्ड रख सकती हैं। यह आजकल चलन में है। साथ ही आंखों के कोनों तक फैला आईलाइनर भी चलेगा। हां, अगर आप ज्यादा देर तक टिके रहने वाला लाइनर चाहती हैं तो जैल या सिलिकॉन बेस्ड लाइनर का प्रयोग करें।

Note::-


यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!


cropped-kms_0-1052.jpg

(((((::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..)))))


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

Message for the day 12-11-2013 !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..


kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

The one who has the power to face is free from tensions.

Projection: To be good with those who are good is quite natural, but to be good with those who are bad is known as having the power to face. This naturally comes when there is the power to transform even that which in negative into something positive. When there is the power to face, there is no retaliation, no conflict. There is love given to all around.


cropped-kms_0-1052.jpg

Solution: When I am able to transform and look at each and everything in a positive way, I will not have any difficulty with any situation. I will naturally be able to face all situations in a light and easy way. When I am able to be free from tension in this way, I am also able to give my best and thus become an inspiration for those around me.

Note::-


यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!


ME-KMSME

(((((::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..)))))

भटके तो अटके ~ So get lost, stuck !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..


kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

** भटके तो अटके ~ So get lost, stuck !! **

टाइम टेबल बनाकर पढ़ने के लिए किताबें लेकर बैठ जाना ही काफी नहीं होता है। इससे ज्यादा जरूरी है कि कम या ज्यादा जितनी देर भी आपने पढ़ाई की है उस दौरान के विषयों को आत्मसात कितना पर पाए हैं। अमूमन ऐसे छात्र, जो नियमित पढ़ाई में विश्वास नहीं रखते और सिर्फ परीक्षा सिर पर आने की स्थिति में ही पुस्तकों की धूल झाड़ते नजर आते हैं, को इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है।

कहने को तो 18 घंटे की पढ़ाई होती है पर असल में ध्यान नहीं लगा पाने के कारण अधिकांश बातें याद नहीं रह पाती हैं। चूंकि संपूर्ण कंसंट्रेशन के साथ पढ़ाई करने की आदत नहीं होती है इसीलिए दिमाग और मन भटकाव की स्थिति में रहते हुए चंचल व्यवहार करता है।

पुस्तक सामने होने के बावजूद यार दोस्तों, हंसी मजाक अन्यथा अन्य बातें रह रह कर मन में आती हैं और जाहिर है, इससे ध्यान उलझ जाता है। प्रस्तुत लेख में कुछ इस तरह की परेशानियों के निदान के संबंध में आसान से टिप्स देने का प्रयास किया जा रहा है।

1. पढ़ाई के प्रारंभिक दिनों में जानबूझकर आसान टॉपिक्स का चयन करना चाहिए। इससे विषय समझने में ज्यादा मुश्किल नहीं होगी और साथ ही साथ दिमाग भी पढ़ाई के प्रति अभ्यस्त होता जाएगा।

2. नए और कठिन विषयों की शुरुआत से पहले अपने सहपाठियों अथवा अध्यापकों की मदद से अपने मन में उक्त विषय के प्रति दिलचस्पी जगाने का प्रयत्न करें। इससे विषय का परिचय मिलता है और स्वयं पढ़ाई करने में समझना आसान हो जाता है।

3. लिखकर विभिन्न विषयों को समझने का क्रम आमतौर से ध्यान भटकने से रोकने में काफी सहायक माना जाता है।

4. ध्यान बाँटने वाले तमाम कारक जैसे मोबाइल फोन, कंप्यूटर, इंटरनेट, वीडियो गेम्स टेलीविजन आदि से जितनी दूरी बना सकें, उतनी ही आसानी होगी ध्यान केंद्रित करने में।

5. हमेशा ताजगी भरे दिमाग और पर्याप्त आराम के बाद ही पढ़ाई के लिए बैठना उपयुक्त होता है। इससे थकान नहीं होती और मुश्किल टॉपिक्स भी सरलता से समझ आने लगते हैं।

6. ध्यान केंद्रित करने के लिए चाय या कॉफी अथवा किसी नए प्रकार के सहारे से नुकसान ज्यादा और फायदा कहीं कम होता है।

7. सही जगह का ही अध्ययन के लिए चुनाव करना चाहिए। घर का कोई भी ऐसा शांत कोना जहां शोरगुल कम से कम हो तथा टीवी- रेडियो “म्यूजिक की आवाज से बचा जा सके। इस तरह के अध्ययन के लिए उपयुक्तकहा जा सकता है।

8. स्टडी टेबल पर आते समय ढेर सारे काम या पढ़ाई का बोझ डालना उचित नहीं है। इससे पढ़ाई में कम और इस मानसिक बोझ पर ध्यान ज्यादा लगा रहता है।

9. ब्रह्ममुहूर्त या तड़के सुबह का समय (4 बजे प्रातः) अध्ययन करने की दृष्टि से सर्वाधिक उपयुक्त कहा जा सकता है। रात भर की नींद के बाद तन-मन और दिमाग में ताजगी होती है और साथ में इस वक्त बिलकुल शांति होती है।

10. संपूर्ण दिन एक ही विषय की पढ़ाई करते रहने से दिमागी थकान होनी स्वाभाविक है। इसीलिए तीन विषयों की पढ़ाई समय बांट कर करना अधिक प्रभावी होगा।

11. किसी विषय के प्रति दिमाग में फोबिया नहीं पालें और थोड़ा-थोडा पढ़ने से कुछ समय बाद यही विषय सबसे आसान प्रतीत होने लगेगा।

Note::-


यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!


ME-KMSME

(((((::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..)))))

कैसे बचें एग्जाम फीवर से ~ How to Avoid Exam Fever !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..

kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

** कैसे बचें एग्जाम फीवर से ~ How to Avoid Exam Fever !! **


exam-fever


जैसे-जैसे बोर्ड परीक्षा के दिन नजदीक आते जा रहे हैं छात्रों की परेशानियां भी उसी रफ्तार से बढ़ रही हैं। एक ओर सिलेबस का बोझ तो दूसरी ओर मनोवैज्ञानिक समस्याएँ भी छात्रों को घेरती नजर आ रही हैं। कुछ को तो इनके होने का भ्रम भी रहता है।

परीक्षा नजदीक आते ही वे एग्जामिनेशन फीवर, त्वचा रोग, सिरदर्द की शिकायत, नींद गायब हो जाना, भूख न लगना, स्वभाव से चिड़चिड़ा हो जाना, पेट में कई तरह की समस्याएँ, आत्मविश्वास का डगमगा जाना, कमजोरी की शिकायत, आँखों में परेशानी, ऐसा भ्रम होना कि पिछला जो भी पढ़ा था सब भूल रहा है तथा घबराहट आदि न जाने कितनी छोटी-बड़ी समस्याओं से ग्रस्त हो जाते हैं।

लेकिन इनसे घबराने से काम नहीं चलेगा, पढ़ाई के साथ-साथ इनका सामना भी करना होगा और मन में यह विश्वास रखना होगा कि अगर समस्याएँ हैं तो उनका समाधान भी होगा।

मर्ज पनपे, इससे पहले ही सतर्क हो जाएँ
किसी भी समस्या के पनपने के बाद उससेनिजात पाने का हल ढूंढने से अच्छा है कि ऐसा तरीका चुनें जिससे समस्याएँ पनपने ही न पाएँ। आपके मन-मस्तिष्क में तनाव घर करे, इससे पहले ही आपको इमोशनल इंटेलीजेंस विकसित कर लेनी चाहिए यानी छात्र यह मान कर चलें कि इसके पूर्व जिन परीक्षाओं में वे बैठे हैं, यह भी उन्हीं से मिलती-जुलती परीक्षा है और इन्हें भी वे आसानी से पास कर लेंगे, बल्कि ज्यादा मेहनत की है तो नंबर भी अच्छे आएँगे।

यह सोच ही तनाव को आपके पास फटकने नहीं देगी। इसके साथ ही जो भी दिन आपके हाथ में हैं, उसी के हिसाब से प्लानर बनाएँ। अक्सर बच्चे शिकायत करते हैं कि जो भी पढ़ा था, सब धीरे-धीरे भूल रहा है। इससे बचने का सबसे अच्छा उपाय है कि पिछले छह दिन में जो भी पढ़ा, सातवें दिन उसका रिवीजन कर लें।

योग अथवा ध्यान का सहारा लें, इससे याददाश्त में वृद्धि होगी। ज्यादा देर तक बैठने से कमर दर्द या गर्दन दर्द की शिकायत हो रही है तो कमरे में टहल लें। आत्मविश्वास को बनाए रखने के लिए व्यायाम का भी सहारा लिया जा सकता है। पाचन क्रिया सही रहे, इसके लिए भोजन पर ध्यान दें तथा संयमित व्यवहार बनाए रखने के लिए पूरी नींद जरूर लें।

अभिभावक भी रहें अलर्ट
बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों को भी विजुअलाइजिंग टेक्नीक का सहारा लेना चाहिए। छात्र आंख बंद कर यह विजुअलाइज करें कि वे परीक्षा भवन में हैं तथा प्रश्न-पत्रों को सही तरीके से हल कर रहे हैं। सीबीएसई सहित कई प्रमुख बोर्डों ने अपने यहां काउंसलरों का पैनल नियुक्त कर रखा है, जिसकी निशुल्क सेवाएँ ली जा सकती हैं।

सीबीएसई अपनी टेलीकाउंसलिंग सेवा शुरू कर चुकी है। इस समय छात्रों को आत्मीय सहारे की भी जरूरत रहती है। वह चाहता है कि उसके माता-पिता उसके इर्द-गिर्द रहें, ताकि वह खुद को अकेला न समझे। अभिभावक उनको भरोसा दिलाएँ कि वे हर परिस्थिति में उनके साथ हैं, भले ही परीक्षा में उनका रिजल्ट जैसा भी रहे। उनके इस भरोसे से बच्चे से परीक्षा रूपी भूत का दबाव छंट जाता है और वे जयादा बेहतर तरीके से तैयारी कर पाते हैं।

Note::-


यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

ME-KMSME

(((((::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..)))))

कैसा हो ड्रेस-अप ~ इंटरव्यू के लिए ~ How we dress – up to ~ Interview !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..

kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

** कैसा हो ड्रेस-अप ~ इंटरव्यू के लिए ~ How we dress – up to ~ Interview!! **


professional-girl

आप बुद्धिमान हैं और अपने क्षेत्र की सभी जानकारी रखते हैं। आपकी मार्कशीट के अंक बताते हैं कि आप सर्वश्रेष्ठ हैं, पर आप इंटरव्यू के दौरान जींस की पेंट और टीशर्ट में पहुंच जाते हैं।

क्या आपका सिलेक्शन होगा? हो भी सकता है, पर नहीं होने की संभावना ज्यादा है। कहते हैं न फर्स्ट इम्प्रेशन इस द लास्ट इम्प्रेशन। हो सकता आप में से कई इस बात को नहीं मानते हो पर यह बात सही है।

हमारे पास किसी भी व्यक्ति के बारे में अंदाजा लगाने के लिए ही सही, उसका पहनावा ही आधार रहता है और यही बात इंटरव्यू के दौरान भी लागू होती है। आप किस तरह का ड्रेस पहनकर इंटरव्यू बोर्ड के सामने जाते हैं इससे काफी फर्क पड़ता है।

आइए, जानते हैं कि गर्ल्स और बॉयज के लिए इंटरव्यू के दौरान किस तरह की सावधानी रखी जानी चाहिए।

लड़कों के लिए

गहरे रंग का बिजनेस सूट पहन सकते हैं और अगर पहली बार इंटरव्यू के लिए जा रहे हैं तब शर्ट भी चल सकता है, पर शर्ट का रंग बहुत ज्यादा गहरा नहीं होना चाहिए।

शर्ट लंबी बांह का हो

टाई जरूर पहनें

मोजे का रंग गहरा हो और जूते भी प्रोफेशनल वातावरण में पहनने योग्य हो।

हेयर स्टाइल भी सामान्य हो

ऑफ्टर शेव लोशन की कम मात्रा लगाएं।

हाथ में बायोडाटा और सर्टिफिकेट रखने के लिए छोटी ब्रीफकेस या अच्छा-सा फोल्डर हो।

लड़कियों के लिए


C.V-Girl1

सूट या साड़ी जो भी पहनना हो वह बहुत ज्यादा गहरे रंग का या वर्क किया हुआ न हो।

हाई हिल्स न पहनें

ज्वेलरी का बहुत ज्यादा प्रयोग न करें

मेकअप आपके चेहरे की खूबसूरती को उभारने वाला हो और हल्का ही हो।

परफ्यूम या डियो का प्रयोग बहुत ज्यादा मात्रा में न करें।

मेनिक्यूर्ड नेल्स हो

हाथ में चमड़े या अन्य मटेरियल का फोल्डर हो जिसमें आप बायोडाटा व सर्टिफिकेट रख सकें।

Note::-


यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

ME-KMSME

(((((::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..)))))

~ Steve Jobs Success Mantra !!

::- Krishna Mohan Singh(kmsraj51) …..

kmsraj51 की कलम से …..
pen-kms

** सफलता के मंत्र ~ स्टीव जॉब्स !!~ Steve Jobs Success Mantra!! **

steve-jobs

Steve-Jobs-dates


स्टीव जॉब्स की जिंदगी ने दुनिया भर में करोड़ों लोगों को प्रभावित किया है। उनके बातचीत करने का ढंग हो या प्रस्तुतिकरण की बात हो या फिर किसी भी उत्पाद को देखने और मार्केट करने का ढंग हो, सबकुछ बिलकुल अलग सोच लिए होता था। इसी अलग सोच ने उन्हें स्टीव जॉब्स बनाया। आइए जानते हैं कि स्टीव जॉब्स की सफलता के मूलमंत्र क्या थे।

वही काम करें जिससे आपको प्यार हो : स्टीव के अनुसार आप अगर अपने काम से प्यार करते हैं तब अच्छा है। दुनिया भर में कई लोग ऐसे हैं जो ऐसा काम कर रहे हैं जो उन्हें दिल से पसंद नहीं। अगर दुनिया भर में ऐसा हो जाए कि जिसे जो काम पसंद है वही करे तब दुनिया ही बदल जाएगी।

दुनिया को बताओ कि आप कौन हो : स्टीव के अनुसार दुनिया को पता चलना चाहिए कि आप कौन हैं और दुनिया को बदलने का माद्दा आपमें नहीं होगा तब तक दुनिया आपको नहीं पहचानेगी।

सभी क्षेत्रों में संबंध जोड़ें : जॉब्स ने अपने जीवनकाल में विभिन्न विषयों का अध्ययन किया। उन्होंने कैलिग्राफी भी सीखी और विभिन्न प्रकार के डिजाइन्स का अध्ययन किया। इतना ही नहीं उन्होंने हॉस्पिटेलिटी के क्षेत्र में भी हाथ आजमाए और उसका ज्ञान लिया। यह ज्ञान उन्हें बाद में काम भी आया।

मना करना सीखें : स्टीव ने अपनी जिंदगी में मना करना खूब सीखा था और इसका फायदा भी उन्हें मिला था। जब वे 1997 में वापस एप्पल में आए थे तब कंपनी के पास 350 उत्पाद थे। मात्र दो वर्षों में उन्होंने उत्पादों की संख्या कम करके 10 कर दी। 10 उत्पादों पर ध्यान केंद्रित किया और सफलता भी पाई।

ग्राहकों को अलग तरह का अनुभव दो : स्टीव मानते थे कि जब तक आप अपने ग्राहकों को अलग तरह का अनुभव नहीं देंगे, वे आपके उत्पादों की तरफ आकर्षित बिलकुल भी नहीं होंगे। यही कारण था कि उन्होंने एप्पल स्टोर्स को कुछ अलग तरह का बनाया। जहा पर ग्राहकों के लिए अलग तरह का अनुभव था और एप्पल कंपनी के प्रति लोगों का भावनात्मक लगाव हो गया था।

अपनी बात रखने में पीछे न रहें : स्टीव के अनुसार अगर आपके पास अच्छे आइडियाज है और आप इसे सभी के सामने रख नहीं पाए तब ऐसे आइडियाज का क्या काम। स्टीव अपनी बात प्रेजेंटेशन के दौरान रखते थे और केवल अपनी बात नहीं रखते थे बल्कि प्रेजेंटेशन के माध्यम से वे कई तरह की बातें बताते थे जिससे प्रेरणा भी मिलती थी।

सपने बेचें…उत्पाद नहीं : स्टीव हर दम यही कहते थे की अपने ग्राहकों को उत्पाद नहीं सपने बेचो। उनके अनुसार आपके ग्राहकों को आपके उत्पाद के बारे में कोई मतलब नहीं है, उन्हें उनकी आशाओं और आकांक्षाओं से मतलब है और अगर आपने उनके सपनों को उत्पाद से जोड़ा तभी आपको सफलता मिलेगी।

Note::-


यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story, Poetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है::- kmsraj51@yahoo.in . पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!