अधूरी भक्ति।

Kmsraj51 की कलम से…..
Kmsraj51-CYMT-JUNE-15

ϒ अधूरी भक्ति। ϒ

Incomplete Bhakti-kmsraj51

मृत्यु के उपरांत एक साधु तथा डाकू साथ-साथ यमराज की सभा में पहुँचे। यमराज ने अपने बही-खातों की जाँच-पड़ताल करके उनसे कहा-यदि तुम दोनों को अपने लिए कुछ कहना हो तो कह सकते हो।

“डाकू विनम्र स्वर में बोला-महाराज मैंने जीवन में बहुत पाप किए हैं। जो भी दंड विधान आपके यहाँ मेरे लिए हो वह करें। मैं प्रस्तुत हूँ।” फिर साधु बोले-आप तो जानते ही हैं, मैंने जीवनभर भक्ति की है। कृपया मेरे सुख साधनों का प्रबंध शीघ्र करवाएँ।

“यमराज ने दोनों की इच्छा सुनकर डाकू से कहा-तुम्हें यह दंड दिया जाता है कि तुम आज से इस साधु की सेवा किया करो।” डाकू ने सिर झुकाकर आज्ञा शिरोधार्य की, परंतु साधु ने आपत्ति की-महाराज इस दुष्ट के स्पर्श से मैं भ्रष्ट हो जाऊँगा। मेरी भक्ति तथा तपस्या खंडित हो जाएगी।

अब यमराज के आदेश के स्वर में आक्रोश बोले-निरपराध भोले व्यक्तियों का वध करने वाला तो इतना विनम्र हो गया कि तुम्हारी सेवा करने को तत्पर है और तुम हो कि वर्षों की तपस्या के पश्चात् भी यह न जान सके कि सबमें एक ही आत्म-तत्त्व समाया हुआ है। जाओ तुम्हारी भक्ति अभी अधूरी है, अतः आज से तुम इसकी सेवा किया करो।’

सीख: अहंकार काे त्याग कर, विनम्रता के गुण काे धारण करना ही सच्ची भक्ति हैं।

Please Share your comment`s.

आप सभी का प्रिय दोस्त,

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

सकारात्मक सोच + निरंतर कार्य = सफलता।

स्वयं पर और स्व-कर्माे पर विश्वास माना सफलता का आधार(नींव) मज़बूत।

 ~KMSRAJ51

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

 ~KMSRAJ51

“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की व्यर्थ के लीये समय ही ना बचे” -Kmsraj51

 ~KMSRAJ51

CYMT-KMS-KMSRAJ51

रिश्ताे में प्यार।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

रिश्ताे में प्यार। 

दोस्तों कहते हैं रिश्ताे में प्यार हाेना चाहिए। तभी रिश्ते बरकरार (बने) रहते हैं। अच्छी बाते हमे याद रखना चाहिए, और बुरे विचार मन में नहीं आने देना चाहिए। रिश्ताे में प्यार हाेना बहुत जरूरी हैं। बिना प्यार के रिश्ताे में दरार (मनमुटाव) ही आती हैं।

 रिश्ताे में कैसा हाेना चाहिए प्यार। एक छोटी कहानी के माध्यम से समझते हैं।

दो भाई समुद्र के किनारे टहल रहे थे,
दोनों के
बीच किसी बात को लेकर बहस
हो गई…!!

बड़े भाई
ने छोटे भाई को थप्पड़ मार दिया…!!

छोटे भाई ने
कुछ नहीं कहा…!!
सिर्फ रेत पे
लिखा-
“आज मेरे बड़े भाई ने मुझे मारा”

अगले दिन दोनों फिर
समुद्र किनारे घूमने के लिए
निकले छोटा भाई
समुद्र में नहाने लगा…!!

अचानक
वो डूबने लगा बड़े
भाई ने उसे बचाया…!!
छोटे भाई ने पत्थर पे
लिखा-
” आज मेरे भाई ने मुझे बचाया “

बड़े भाई
ने पूछा जब मैने तुम्हे मारा तब
तुमने रेत पे लिखा और
जब तुमको बचाया तो पत्थर पे
लिखा ऐसा क्यों…??

विवेकशील छोटे
भाई ने जवाब
दिया –
”जब हमे कोई दुःख दे तो रेत पे लिखना चाहिए”
ताकि
वे जल्दी मिट जाये…!!

परन्तु
जब कोई हमारे लिए अच्छा करता है
तो
हमें पत्थर पर
लिखना चाहिए…??
जहा मिट ना पाएं…!!’

भाव ये हैं की हमे अपने साथ हुई बुरी घटना को भूल जाना चाहिए…!!
जबकि अच्छी घटना को सदैव याद रखना चाहिए…!!

Please Share your comment`s.

आपका सबका प्रिय दोस्त,

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

Swami Vivekananda-kmsraj51

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

-KMSRAJ51

किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए हिम्मत और उमंग-उत्साह बहुत जरूरी है।

जहाँ उमंग-उत्साह नहीं होता वहाँ थकावट होती है और थका हुआ कभी सफल नहीं होता।

 ~KMSRAJ51

 

_______Copyright © 2015 kmsraj51.com All Rights Reserved.________

प्रेरक प्रसंग- दूध का दूध….. – गुरु नानकदेव जी।

Kmsraj51 की कलम से…..

CYMT-KMSRAJ51-4

प्रेरक प्रसंग-  दूध का दूध…..गुरु नानकदेव जी।

एक बार गुरु नानकदेव जी सैदपुर शहर गए। सारे शहर में ये बात फ़ैल गयी कि एक परम दिव्य महापुरुष पधारे हैं।

शहर का मुखिया ‘मलिक भागो’ अत्याचार और बेईमानी से धनी बना था। वो गरीब किसानों से ना सिर्फ बहुत ज़्यादा लगान वसूलता था बल्कि कई बार उनकी फसल भी हड़प लेता था जिससे कई गरीब किसान भूखे रह जाते थे।

जब मलिक भागो को गुरूजी के आने का पता चला, तो वो उन्हें अपने महल में ठहराना चाहता था। परन्तु, गुरुजी ने एक गरीब बड़ई ‘भाई लालो’ के छोटे से घर को ठहरने के लिए चुना। भाई लालो बहुत खुश हुआ और वो बड़े आदर-सत्कार से गुरूजी की सेवा करने लगा। गुरूजी बड़े प्रेम से उसकी रूखी-सूखी रोटी खाते थे।

जब मलिक भागो को ये पता चला तो उसने एक बड़ा आयोजन किया और इलाके के सभी जानेमाने लोगों के साथ गुरूजी को भी उसमें निमंत्रित किया। पर गुरूजी ने उसका निमंत्रण ठुकरा दिया। ये सुनकर, मलिक को बहुत गुस्सा आया और उसने गुरूजी को अपने यहाँ लाने का हुकुम दिया। मलिक के आदमी, गुरूजी को उसके महल ले कर आये तो मलिक बोला, ” गुरूजी, मैंने आपके ठहरने का बहुत बढ़िया प्रबन्ध किया था और कई सारे स्वादिष्ट व्यंजन भी बनवाये थे, फिर भी आप उस गरीब भाई लालो की सूखी रोटी खा रहे हो, क्यों ? ”

गुरूजी ने उत्तर दिया, “मैं तुम्हारा भोजन नही खा सकता क्योंकि तुमने अन्यायपूर्ण भ्रष्ट तरीके से गरीबों का खून चूस कर ये रोटी कमाई है जबकि लालो की सूखी रोटी उसकी अपनी सच्ची मेहनत की कमाई की है। ”

गुरूजी की ये बात सुनकर, मलिक भागो आगबबूला हो गया और गुरूजी से इसका सबूत देने को कहा।

गुरूजी ने लालो के घर से रोटी का एक टुकड़ा मंगवाया और फिर शहर के लोगों के भारी जमावड़े के सामने, गुरूजी ने एक हाथ में भाई लालो की सूखी रोटी और दूसरे हाथ में मलिक भागो की चुपड़ी रोटी उठाई। गुरूजी ने दोनों रोटियों को ज़ोर से हाथोँ में दबाया तो ये क्या ? ……लालो की रोटी से दूध और मलिक भागो की रोटी से खून, टप – टप, टपकने लगा।

भरी सभा में, मलिक भागो अपने दुष्कर्मों का प्रत्यक्ष सबूत देख, पूरी तरह से हिल गया और गुरूजी के चरणो में गिर गया। गुरूजी ने उसे भ्रष्टाचार से कमाई हुई सारी धन-दौलत गरीबों में बाँटने को कहा और आगे से ईमानदार बनने को कहा। मलिक भागो ने वैसा ही किया और इस प्रकार, गुरूजी के आशीर्वाद से, मलिक भागो का एक प्रकार से पुनर्जन्म हुआ और वो ईमानदार बन गया।

ये सच्ची घटना आज भी पूरी तरह से प्रासांगिक है। आज हमारे देश में, नेता – बाबू – पुलिस – माफिया – ढोंगी बाबा – पूंजीपति साँठ-गाँठ कर, अनपढ़ गरीब जनता का खून चूस रहे हैं। अमीर और अमीर बनते जा रहे हैं जबकि उनके हाथों लुटे-पिटे भोले-भाले अनपढ़ गरीब लोग नर्क ज़िन्दगी भोग रहे है और कई किसान आत्महत्या कर रहे हैं।

सोचो, खाली हाथ आये थे और खाली हाथ ही जाना है, तो फिर ये लोभ-लालच किस काम का ?

यदि आज भी, भ्रष्ट तरीकों से धन-कुबेर बने अमीर लोग आत्मचिंतन कर, इंसानियत, सच्चाई और ईमानदारी की राह पर चले, तो ना केवल देश के करोड़ों लोग सुखी हो जाएंगे बल्कि अमीरों को भी “देशभक्ति की संतुष्टि” और “मन की शान्ति” मिलेगी।

आपका सबका प्रिय दोस्त,

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

http://wp.me/p3gkW6-1dk

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

http://wp.me/p3gkW6-mn

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

http://wp.me/p3gkW6-1dD

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

http://wp.me/p3gkW6-Ig

* चांदी की छड़ी।

http://wp.me/p3gkW6-1ep

 

 

_______Copyright © 2014 kmsraj51.com All Rights Reserved.________