Team of Kmsraj51.Com

Kmsraj51 की कलम से…..

KMSRAJ51-CYMT

© Kmsraj51 की टीम। ®

Management Team of KMSRAJ51.COM

Mr. Krishna Mohan Singh(KMS)

Krishna Mohan Singh-KMS-KMSRAJ51

Head Editor, Founder & CEO

 

Mr. Hitesh Singh (HS)

Hite-kmsraj51-Co-Founder

Quality Head, Editor & Co. Founder

विशेष आभार ⇒ श्री श्री रवि शंकर जी का।

KMSRAJ51 By-Sri Sri

सहयाेगी Author Team of KMSRAJ51.COM

सहयाेगी लेखिका – विमल गांधी जी, अनीता शर्मा जी, जया शर्मा किशोरी जी, संयोगिता जी।

सहयाेगी लेखक – गोपाल मिश्रा जी, प्रशांत वर्मा जी, संदीप वर्मा जी, सुमित वत्स जी, राहुल जय प्रकाश जी, राहुल शर्मा जी।

और उन सभी काे भी विशेष आभार जिनका गुप्त रूप में अनवरत सहयाेग मिलता रहता हैं।

http://kmsraj51.com/ 

KMSRAJ51.COM 1st Motivational Indian Website

Read by 146+ Country Readers…..

Thanks to all of my dear readers…..

⇒⇒⇒⇒⇒⇒⇒⇒⇒⇒⇒

हमारे शानदार १४६+ देश के पाठकों और सहयाेगियाें काे  http://kmsraj51.com/  ♥ परिवार की तरफ से शुक्रिया।


 

पढ़ेंविमल गांधी जी कि शिक्षाप्रद कविताओं का विशाल संग्रह।

Please Share your comment`s.

आप सभी का प्रिय दोस्त,

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

 ~KMSRAJ51

“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की व्यर्थ के लीये समय ही ना बचे” -Kmsraj51

 ~KMSRAJ51

 

 

 

 

 

Advertisements

जीवन में जाे गुज़र गया साे गुज़र गया।

Kmsraj51 की कलम से…..

KMSRAJ51-CYMT

ϒ जीवन में जाे गुज़र गया साे गुज़र गया। ϒ

जीवन में जाे गुज़र गया साे गुज़र गया।
मलाल उसके लिये भला क्या करना॥

उसे याद कर के दिल क्या दुंखाना।
जाे बीत गया साे बीत गया॥

फूलाे में एक गुलाब था, वाे एक सुंदर ख्वाब था
लेकिन जाे गुज़र गया साे गुज़र गया॥

उसके लिये आँसू क्या बहाना।
दिल काे क्याें जलाना॥

अब ताे सुरज भी पहाड़ीयों के पीछे छीप गया।
ना क़सूर मेरा ना तेरा फिर भी॥

ना किया गिला ना शिकवा किसी से।
फिर भी राह अपनी – अपनी चल दिये॥

ना बेवफ़ाई तुम ने की ना बेवफ़ाई हम ने की।
फिर भी दूर हाे गये॥

उसे याद कर – कर के दिल अपना क्या दुँखाना।
जाे गुज़र गया साे गुज़र गया, मलाल उसके लिये क्या करना॥

क्या करना उसे याद कर – कर के जीवन।
अपना ख़राब करना, और हमेशा दुँखी रहना॥

©- विमल गांधी ∇
Vimal Gandhi-kmsraj51

विमल गांधी जी।

हम दिल से आभारी हैं विमल गांधी जी के प्रेरणादायक हिन्दी कविता साझा करने के लिए।

पढ़ेंविमल गांधी जी कि शिक्षाप्रद कविताओं का विशाल संग्रह।

Please Share your comment`s.

आप सभी का प्रिय दोस्त,

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

 ~KMSRAJ51

“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की व्यर्थ के लीये समय ही ना बचे” -Kmsraj51

 ~KMSRAJ51

 

 

 

 

मस्तिष्क में रिक्त जगह।

Kmsraj51 की कलम से…..

KMSRAJ51-CYMT

ϒ मस्तिष्क में रिक्त जगह।~सुमित वत्स। ϒ

एक प्रोफ़ेसर कक्षा में आये और उन्होंने छात्रों से कहा कि वे आज जीवन का एक महत्वपूर्ण पाठ पढाने वाले हैं …..

उन्होंने अपने साथ लाई एक काँच की बडी बरनी ( जार ) टेबल पर रखा और उसमें, टेबल टेनिस की गेंदें डालने लगे और तब तक डालते रहे जब तक कि उसमें एक भी गेंद समाने की जगह नहीं बची।

उन्होंने छात्रों से पूछा – क्या बरनी पूरी भर गई ? हाँ …
आवाज आई …
फ़िर प्रोफ़ेसर साहब ने छोटे – छोटे कंकर उसमें भरने शुरु किये धीरे – धीरे बरनी को हिलाया तो काफ़ी सारे कंकर उसमें जहाँ जगह खाली थी, समा गये।

फ़िर से प्रोफ़ेसर साहब ने पूछा, क्या अब बरनी भर गई है, छात्रों ने एक बार फ़िर हाँ … कहा
अब प्रोफ़ेसर साहब ने रेत की थैली से हौले – हौले उस बरनी में रेत डालना शुरु किया, वह रेत भी उस जार में जहाँ संभव था बैठ गई, अब छात्र अपनी नादानी पर हँसे।
फ़िर प्रोफ़ेसर साहब ने पूछा, क्यों अब तो यह बरनी पूरी भर गई ना ? हाँ
….. अब तो पूरी भर गई है ….. सभी ने एक स्वर में कहा …..

सर ने टेबल के नीचे से …..
चाय के दो कप निकालकर उसमें की चाय जार में डाली, चाय भी रेत के बीच स्थित…
थोडी सी जगह में सोख ली गई …..

प्रोफ़ेसर साहब ने गंभीर आवाज में समझाना शुरु किया।

इस काँच की बरनी को तुम लोग अपना जीवन समझो ….

टेबल टेनिस की गेंदें सबसे महत्वपूर्ण भाग अर्थात भगवान, परिवार, बच्चे, मित्र, स्वास्थ्य और शौक हैं।

छोटे कंकर मतलब तुम्हारी नौकरी, कार, बडा़ मकान आदि हैं, और …..

रेत का मतलब और भी छोटी – छोटी बेकार सी बातें, मनमुटाव, झगडे़ है …..

अब यदि तुमने काँच की बरनी में सबसे पहले रेत भरी होती तो टेबल टेनिस की गेंदों और कंकरों के लिये जगह ही नहीं बचती, या
कंकर भर दिये होते तो गेंदें नहीं भर पाते, रेत जरूर आ सकती थी।
ठीक यही बात जीवन पर लागू होती है …..

यदि तुम छोटी – छोटी बातों के पीछे पडे़ रहोगे।
और अपनी ऊर्जा उसमें नष्ट करोगे तो तुम्हारे पास मुख्य बातों के लिये अधिक समय
नहीं रहेगा …..

मन के सुख के लिये क्या जरूरी है ये तुम्हें तय करना है। अपने …..
बच्चों के साथ खेलो, बगीचे में पानी डालो, सुबह पत्नी के साथ घूमने निकल जाओ।
घर के बेकार सामान को बाहर निकाल फ़ेंको, मेडिकल चेक – अप करवाओ …..
टेबल टेनिस गेंदों की फ़िक्र पहले करो, वही महत्वपूर्ण है ….. पहले तय करो कि क्या जरूरी है।
….. बाकी सब तो रेत है …..
छात्र बडे़ ध्यान से सुन रहे थे।

अचानक एक ने पूछा, सर लेकिन आपने यह नहीं बताया
कि ” चाय के दो कप ” क्या हैं ?

प्रोफ़ेसर मुस्कुराये, बोले ….. मैं सोच ही रहा था कि अभी तक ये सवाल किसी ने क्यों नहीं किया …..
इसका उत्तर यह है कि, जीवन हमें कितना ही परिपूर्ण और संतुष्ट लगे, लेकिन…..
अपने खास मित्र के साथ दो कप चाय पीने की जगह हमेशा होनी चाहिये।

© सुमित वत्स।

Sumit Vats-kmsraj51

सुमित वत्स।

हम दिल से आभारी हैं सुमित वत्स जी के प्रेरणादायक हिन्दी कहानी साझा करने के लिए।

Please Share your comment`s.

आप सभी का प्रिय दोस्त,

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

 ~KMSRAJ51

“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की व्यर्थ के लीये समय ही ना बचे” -Kmsraj51

 ~KMSRAJ51

 

 

 

 

 

 

इंसानियत।

Kmsraj51 की कलम से…..

KMSRAJ51-CYMT

ϒ इंसानियत। ϒ

हमारे देश में बहुत से धर्म और जातियाें के लाेग रहते है। हिन्दू, मुसलमान, सिख, ईसाई, सब की अलग-अलग भाषा औरअलग-अलग लिबास है। सब के भगवान अलग-अलग है। सब अपने-अपने भगवान की पूजा करते है। कुछ लाेग इस बात काे नज़र मे रखते हुये देश मे दंगा फ़साद करवाने की काेशिश करते है। यह बात बिलकुल गलत है। वाे यह बात भूल जाते है कि सबसे बड़ा धर्म इंसानियत का है। वाे यह बात भी भूल जाते है कि सब धर्माे के ग्रन्थाें में कितनी अच्छी-अच्छी बातें लिखी हुयी है। जैसे गीता, क़ुरान, बाइबल और गुरु ग्रंथ साहिब। किसी में भी लड़ाई-झगड़े के बारे में नही लिखा हुया है। सब ग्रंथाें में आपस में मिल जुल कर रहने की ही बातें लिखी हुयी है, और सब में एक-दूसरे के साथ इंसानियत निभाने के बारे मे ही लिखा है। सब से प्यार कराे एक-दूसरे का दुँख:-सुख: बाँटाे, किसी काे अगर मदद की ज़रूरत है ताे उसकी मदद कराे। मददगार बनाे दुश्मनी मत निभायाे। काेई भी मामला हाे उसे शान्ति से मिल-जुल कर बैठकर हल कराे। हर समस्या का हल झगड़ा ही नही है। लेकिन जाे लाेग आपस में झगड़ा करवाने की काेशिश करते है, उन्हे इस बात से कुछ लेना-देना नही है,उन्हे ताे बस आपस में झगड़ा करवा कर और उसे बढ़ावा देने में ही आनन्द आता है। ऐसे लाेगाे काे भी इस बात काे समझना चाहिये, कि जिंदगी कितनी छाेटी सी है, एक दिन सबकाे रब काे अपना मुँह दिखाना है। इसलिये इस दंगा फ़साद की जगह समाज में मेल-मिलाप प्यार-शान्ति काे बढ़ावा दे। आख़िर यहाँ बेशक बहुत से धर्म और जातियाँ है। लेकिन ऊपर बैठा भगवान ताे एक ही है। आप काेई भी रास्ते से जायाे लेकिन, मंज़िल ताे एक ही है। ऊपर जाने के रास्ते बेशक अलग-अलग है, सबका मालिक एक है। सबसे बड़ा धर्म इंसानियत का है। जाे सब धर्माे से ऊपर है। जिसने इंसानियत का धर्म अपना लिया समझाे उसने भगवान काे पा लिया। हमारे समाज मे बहुत से ऐसे लाेग भी है जिन्हें, एक समय का खाना भी नसीब नही हाेता जिनके पास रहने के लिये घर भी नही है। बेचारे भीख, मांग कर अपना गुज़ारा करते है। “इसलिये जिन लाेगाे काे भगवान ने सब कुछ दिया है उन्हे, इन सबकी मदद करनी चाहिये। सबसे प्यार करना चाहिये,चाहे काेई अमीर हाे या ग़रीब, सबसे इंसानियत निभानी चाहिये। लड़ाई-झगड़े से दूर रहना चाहिये, इंसानियत से बड़ा कुछ नही, इंसानियत ही सब से बड़ा धर्म है।”

∅- विमल गांधी ∇
Vimal Gandhi-kmsraj51

विमल गांधी जी।

हम दिल से आभारी हैं विमल गांधी जी के प्रेरणादायक हिन्दी विचारों काे साझा करने के लिए।

पढ़ेंविमल गांधी जी कि शिक्षाप्रद कविताओं का विशाल संग्रह।

Please Share your comment`s.

आप सभी का प्रिय दोस्त,

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

 ~KMSRAJ51

“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की व्यर्थ के लीये समय ही ना बचे” -Kmsraj51

 ~KMSRAJ51