Contradictions can be a boon !!

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प्रतिकूलताएँ भी वरदान बन सकती हैं
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प्रकृति हमारी जननी है, जो हमें सदैव ऐसी परिस्थिती प्रदान करती है, जिसमें हम सभी का विकास होता है। जीवन में धूप-छाँव की स्थिती हमेशा रहती है। सुख-दुख एवं रात-दिन का चक्र अपनी गति से चलता रहता है। ये आवश्यक नही है कि, हर पल हमारी सोच के अनुरूप ही हो। प्रतिकूलताएँ तो जीवन प्रवाह का एक सहज स्वाभाविक क्रम है। सम्पूर्ण विकास के लिए दोनो का महत्व है। दिन का महत्व रात्री के समय ही समझ में आता है।
मनोवैज्ञानिक जेम्स का कथन है कि, ये संभव नही है कि सदैव अनुकूलता बनी रहे प्रतिकूलता न आए।

कई बार जीवन में ऐसी परिस्थिती आती है, जब लगता है कि सफलता की गाङी सही ट्रैक (रास्ते) पर चल रही है, परन्तु स्पीड ब्रेकर (गति अवरोधक) रूपी प्रतिकूलताएं लक्ष्य की गति को धीमा कर देती हैं। कभी तो ऐसी स्थिती भी बन जाती है कि सफलता की गाङी का पहिया रुक जाता है। अचानक आए अवरोध से परेशान होना एक मानवीय आदत है जिसका असर किसी पर भी हो सकता है। परन्तु जो व्यक्ति मानसिक सन्तुलन के साथ अपनी गाङी को पुनः गति देता है, वही सफलता की सीढी चढता है।

डॉ. ए.पी.जे.अब्दुल्ल कलाम साहब का मानना है कि,
“Waves are my inspiration, not because they rise and fall,
But whenever they fall, they rise again.”

विपरीत परिस्थिती में निराशा का भाव पनपना एक साधरण सी बात है, किन्तु निराशा के घने कुहांसे से वही बाहर निकल पाता है जो अदम्य साहस के साथ अविचल संकल्प शक्ति का धनि होता है। ऐसे लोग पर्वत के समान प्रतिकूलताओं को भी अपने आशावादी विचारों से अनुकूलता में बदल देते हैं।

रविन्द्र नाथ टैगोर ने कहा है कि, “हम ये प्रर्थना न करें कि हमारे ऊपर खतरे न आएं, बल्कि ये प्रार्थना करें कि हम उनका सामना करने में निडर रहें”

विपरीत परिस्थितियों में भी अपार संभावनाएं छुपी रहती है। अल्फ्रेड एडलर के अनुसार, “मानवीय व्यक्तित्व के विकास में कठिनाइंयों एवं प्रतिकूलताओं का होना आवश्यक है। ‘लाइफ शुड मीन टू यु’ पुस्तक में उन्होने लिखा है कि, यदि हम ऐसे व्यक्ति अथवा मानव समाज की कल्पना करें कि वे इस स्थिती में पहुँच गये हैं, जहाँ कोई कठिनाई न हो तो ऐसे वातावरण में मानव विकास रुक जायेगा।“

अनुकूल परिस्थिती में सफलता मिलना कोई आश्चर्य की बात नही है। परन्तु विपरीत परिस्थिती में सफलता अर्जित करना, किचङ में कमल के समानहै। जो अभावों में भी हँसते हुए आशावादी सोच के साथ लक्ष्य तक बढते हैं, उनका रास्ता प्रतिकूलताओं की प्रचंड आधियाँ भी नही रोक पाती। अनुकूलताएं और प्रतिकूलताएँ तो एक दूसरे की पर्याय हैं। इसमें स्वंय को कूल (शान्त) रखते हुए आगे बढना ही जीवन का सबसे बङा सच है।

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Anita SharmaAnita Sharma

Post inspired by रौशन सवेरा. I am grateful to Mrs. Anita Sharma ji & रौशन सवेरा (http://roshansavera.blogspot.in/) Thanks a lot !!

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मत करो हतोत्साहित अपने शब्दों से -A Message To All- !!


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“मत करो हतोत्साहित अपने शब्दों से ……आने वाली नयी पीढ़ी को ,
वो भी करेंगे कुछ ऐसा एक दिन…. जिसे देखेगा ज़माना ….पकड़ती हुई नयी सीढ़ी को ॥”


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6 आसान घरेलू नुस्खों से झटपट दूर होगी बदहजमी !!

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आजकल की दिनचर्या और डाइट के कारण अधिकतर लोगों को बदहजमी और गैस की शिकायत होती है। इससे बचने के लिए खानपान में कुछ बदलाव करना काफी कारगर हो सकता है।

कई बार हम आवश्यकता से अधिक खा लेते हैं। तब बदहजमी या अपच की शिकायत हो जाती है। हां, कभी-कभी पेट भर कर तो नहीं खाते, लेकिन बेमेल खाद्य पदार्थ खाना बदहजमी का कारण बनते हैं।

बदहजमी की वजहें:

ओवरइटिंग, खाने को सही तरीके से नहीं चबाना…

खाना सही तरह से पका न होना…

एक्सरसाइज न करना…

नींद पूरी न होना…

इंडियन सोसायटी ऑफ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी के रिसर्च के मुताबिक 30.4 फीसदी भारतीयों को इंडाइजेशन (बदहजमी) की परेशानी जीवनभर बनी रहती है।

=> अदरक
क्या फायदा : अत्यधिक गैस होने की स्थिति में अदरक के छोटे टुकड़े को धीरेधीरे चबाकर उसका रस चूसें। 15 मिनट में आपको गैस की परेशानी से 40 फीसदी तक राहत मिल जाएगी।
इसमें ऐसा क्या है : जिंजरॉल, जिंगरॉन, शोगाओल्स।

=> मेथी
क्या फायदा : ज्यादा खाने के कारण होने वाली गैस की दिक्कत को तुरंत दूर करने के लिए खाने के बाद मेथी में काला नमक मिलाकर खाएं। गैस की परेशानी तुरंत दूर हो जाएगी।
इसमें ऐसा क्या है : एपिनिन, फैनचोने, लिमोनेन।

अनानास
=> क्या फायदा : अनानास में पाया जाने वाला फाइबर पाचन को बेहतर करने में कारगर होता है। रोजाना एक-दो फांक खाने से पाचन ठीक करने के साथ ही कब्ज भी दूर होगा।
इसमें ऐसा क्या है : बीटा कैरोटीन, फ्रुकटोस, विटामिन सी।

=> अलसी
क्या फायदा : गैस की परेशानी के साथ ही कब्ज की दिक्कत को भी दूर किया जा सकता है। रोजाना एक चम्मच अलसी का पाउडर खाने से कब्ज की परेशानी दूर होगी।
इसमें ऐसा क्या है : ओमेगा-3, सॉल्यूबल फाइबर, लिगनेंस।

=> पुदीना
क्या फायदा : अगर खाना खाने के बाद अचानक पेट भारी हो और अपच की परेशानी होने लगे तो पुदीने के ताजा पत्तों से बनी चाय पीने से आराम मिलता है।
इसमें ऐसा क्या है : टेरपेनॉइड्स, एरियोस्रिटीन, हैसपेरिडिन।

=> ग्रीन जूस
क्या फायदा : हरी सब्जियों के रस का सेवन करने से पेट के रोगों से मुक्ति मिलती है। हर दिन एक गिलास रस पीने से कब्ज, गैस और बदहजमी दूर होती है।
इसमें ऐसा क्या है : मैग्नीशियम, डायटरी फाइबर, प्रोटीन।


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वजन घटाने के उपाय।

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वजन घटाने के उपाय।

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वजन घटाने के उपाय।

मोटापा वैसे तो किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन महिलाओं में यह ज्‍यादा देखने को मिलता है। जानकारी के अनुसार मोटापा, न केवल गलत खान-पान की आदत से होता है, बल्कि मासिक धर्म की अनियमितता से भी होता है। आज हम इसी बात पर चर्चा करेगें कि महिलाओं में मोटापा बढ़ने का क्‍या कारण है और इसको किस विधि से कम किया जा सकता है। अगर आप भी महिला हैं, और बढ़ते वजन से परेशान हैं।

किस-किस जगह आता है मोटापा।

जांघे- थाई का स्‍थान सबसे पहले बढ़ता है, क्‍योंकि जो मासिक धर्म में अवरोध होता है खुल कर नहीं आ पाता है, तो जांघे मोटी होने लगती हैं और इतनी मोटी हो जाती हैं कि चलने फिरने में भी परेशानी आने लगती है।

पेट- पेट का बढ़ना आमतौर पर शौच और पीरियड पर ही निर्भर करता है और दर्द भी रहने लगता है। इससे भूख कम हो जाती है और गैस बनने लगती है। साथ ही पेट भारी रहने लगता है।

कमर- लंबे समय तक मोटापा कमर पर ही दिखाई देता है। फिर कमरे जैसा शरीर होने लगता है और बढ़े हुए वजन की वजह से घुटनों पर असर पड़ता है और वह दर्द होने लगता है।

छाती और पीठ- छाती और पीठ पर टाइट कपड़े पहनने से यह बढ़ता है।

मोटापा मिटाने का मूल मंत्र ।

इनपुट कम आउटपुट ज्‍यादा- इनपुट कम करें, आउटपुट बढ़ाएं यानी खाने में ऐसे पदार्थों का इस्‍मेमाल करें, जो आउटपुट बढ़ाते हैं। फल निष्‍कासन को तेज करते हैं जैसे नींबू पानी, गर्म पानी, छाछ, गुनगुना आंवला रस या कोई फल जैसे पपीता, अंगूर, अनार, संतरा, मौसमी आम या सब्‍जियां लौकी, पत्‍तागोभी, फूलगोभी और बैगन का प्रयोग करें।

योग- मोटापे को कम करने के लिए जितना मददगार योग होता है, उतना मददगार घूमना नहीं होता। योग में चक्‍की संचालन, साइकलिंग, धनुरासन और अश्‍वासन मुख्‍य है।

मसाज- मसाज पूरे शरीर के खून को सर्कुलेट करने में मदद करती है। इसके साथ ही मसाज मोटापे को कम करने का भी काम आसान करती है।

सूर्य स्‍नान- इससे जमा हुआ फैट बाहर निकलता है, कैल्शियम डी-1, डी-2, डी-3 की पूर्ती करता है। इसलिए 30 से 50 मिनट सूर्य स्‍नाना करना चाहिये। यह मोटापा कम करता है।

मोटापा बढ़ाने वाला तत्‍व- केला, अरबी, भिंडी, मैदा, मिठाइयां, सॉस, लंबे समय तक बैठना, दिन में सोना और बार बार खाना अधिक मोटापा बढ़ाता है। गरिष्‍ट और भारी भोजन शरीर में लंबे समय तक रुकता है।

क्‍या करें-

1. दिनभर गर्म पानी पीने की उपेक्षा सूर्य की रोशनी में रखा हुआ पानी पीना फायदेमंद है।

2. नीबू को बार-बार गर्म पानी में डाल कर न पिंए, सादे पानी से लें। गर्म पानी से कभी कभी ले सकते हैं पर इससे कमजोरी आने लगती है।

3. चाय के साथ नमकीन, ब्रेड और बिस्‍कुट नहीं लेना चाहिये। सिंपल चाय पिंए और चाय पीने के 10 मिनट बाद पानी पींए, मोटापा कम होगा।

4. पेट में जमने वाली वस्‍तु जैसे चॉक्‍लेट, टॉफी, ब्रेड, बिस्‍कुट आदी से परहेज करें। इन्‍हें बार-बार नहीं खाएं।

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आपका सबका प्रिय दोस्त,

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
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