मानव जीवन विचारों का प्रतिबिम्ब।

Kmsraj51 की कलम से…..
Kmsraj51-CYMT-JUNE-15

ϒ मानव जीवन विचारों का प्रतिबिम्ब। ϒ

संसार एक शीशा है। इस पर हमारे विचारों की जैसी छाया पड़ेगी वैसा ही प्रतिबिम्ब दिखाई देगा। विचारों के आधार पर ही संसार सुखमय अनुभव होता है। पुरोगामी उत्कृष्ट उत्तम विचार जीवन को ऊपर उठाते हैं, उन्नति, सफलता, महानता का पथ प्रशस्त करते हैं तो हीन, निम्नगामी, कुत्सित विचार जीवन को गिराते हैं।

विचारों में अपार शक्ति है। जो सदैव कर्म की प्रेरणा देती है। वह अच्छे कार्यों में लग जाय तो अच्छे और बुरे मार्ग की ओर प्रवृत्त हो जाय तो बुरे परिणाम प्राप्त होते हैं। विचारों में एक प्रकार की चेतना शक्ति होती है। किसी भी प्रकार के विचारों में एक स्थान पर केन्द्रित होते रहने पर उनकी सूक्ष्म चेतन शक्ति घनीभूत होती जाती है। प्रत्येक विचार आत्मा और बुद्धि के संसर्ग से पैदा होता है। बुद्धि उसका आकार- प्रकार निर्धारित करती है तो आत्मा उसमें चेतना फूँकती है।। इस तरह विचार अपने आप में एक सजीव किन्तु सूक्ष्म तत्त्व है। मनुष्य के विचार एक तरह की सजीव तरंगें हैं जो जीवन संसार और यहाँ के पदार्थों को प्रेरणा देती रहती है। इन सजीव विचारों का जब केन्द्रीयकरण हो जाता है तो एक प्रचण्ड शक्ति का उद्भव होता है। स्वामी विवेकानन्द ने विचारों की इस शक्ति का उल्लेख करते हुए बताया है- ‘‘कोई व्यक्ति भले ही किसी गुफा में जाकर विचार करे और विचार करते- करते ही वह मर भी जाय तो वे विचार कुछ समय उपरान्त गुफा की दीवारों का विच्छेद कर बाहर निकल पड़ेंगे और सर्वत्र फैल जायेंगे। वे विचार तब सबको प्रभावित करेंगे।’’ मनुष्य जैसे विचार करता है, उनकी सूक्ष्म तरंगें विश्वाकाश में फैल जाती हैं। सम स्वभाव के पदार्थ एक- दूसरे की ओर आकर्षित होते हैं, इस नियम के अनुसार उन विचारों के अनुकूल दूसरे विचार आकर्षित होते हैं और व्यक्ति को वैसे ही प्रेरणा देते हैं। एक ही तरह के विचार घनीभूत होते रहने पर प्रचण्ड शक्ति धारण कर लेते हैं और मनुष्य के जीवन में जादू की तरह प्रकाश डालते हैं।

🍁  पं श्रीराम शर्मा आचार्य 🍁

पढ़ेंविमल गांधी जी कि शिक्षाप्रद कविताओं का विशाल संग्रह।

Please Share your comment`s.

आप सभी का प्रिय दोस्त,

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

सकारात्मक सोच + निरंतर कार्य = सफलता।

स्वयं पर और स्व-कर्माे पर विश्वास माना सफलता का आधार(नींव) मज़बूत।

 ~KMSRAJ51

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

 ~KMSRAJ51

“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की व्यर्थ के लीये समय ही ना बचे” -Kmsraj51

 ~KMSRAJ51

CYMT-KMS-KMSRAJ51

इन तीन का ध्यान रखिए।

Kmsraj51 की कलम से…..
Kmsraj51-CYMT-JUNE-15

ϒ इन तीन का ध्यान रखिए। ϒ

उत्पादन की जड़ इन तीनों को सदैव अपने अधिकार में रखिये-

अपना क्रोध, अपनी जिह्वा और अपनी वासना। ये तीनों ही भयंकर उत्पादक की जड़ हैं।

🍁  क्रोध के आवेश में मनुष्य कत्ल करने तक नहीं रुकता। ऊटपटाँग बक जाता है और बाद में हाथ मल मल कर पछताता है।

🍁  जीभ के स्वाद के लालच में भक्ष्य अभक्ष्य का विवेक नष्ट हो जाता है। अनेक व्यक्ति चटपटे मसालों, चाट पकौड़ी और मिठाइयाँ खा खाकर अपनी पाचन शक्ति सदा के लिये नष्ट कर डालते हैं।

🍁  सबसे बड़े मूर्ख वे हैं जो अनियंत्रित वासना के शिकार हैं। विषय-वासना के वश में मनुष्य का नैतिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक पतन तो होता ही है, साथ ही गृहस्थ सुख, स्वास्थ्य और वीर्य नष्ट होता है। समाज ऐसे भोग विलासी पुरुष को घृणा की दृष्टि से अवलोकता है। गुरुजन उसका तिरस्कार करते हैं। ऐसे पापी मदहोश को स्वास्थ्य लक्ष्मी और आरोग्य सदा के लिये त्याग देते हैं। इन तीनों ही शत्रुओं पर पूरा पूरा नियंत्रण रखिये।

©पं॰ श्रीराम शर्मा आचार्य जी।

पढ़ेंविमल गांधी जी कि शिक्षाप्रद कविताओं का विशाल संग्रह।

Please Share your comment`s.

आप सभी का प्रिय दोस्त,

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

सकारात्मक सोच + निरंतर कार्य = सफलता।

स्वयं पर और स्व-कर्माे पर विश्वास माना सफलता का आधार(नींव) मज़बूत।

 ~KMSRAJ51

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

 ~KMSRAJ51

“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की व्यर्थ के लीये समय ही ना बचे” -Kmsraj51

 ~KMSRAJ51

CYMT-KMS-KMSRAJ51

Turning Qualities Into Powers

Kmsraj51 की कलम से…..

Kmsraj51-CYMT-JUNE-15

 Turning Qualities Into Powers Part 1 

An important aspect of God or the Supreme Being, remembered throughout history in all cultures and traditions, has been the concept of God being an Almighty Authority. The interpretation of this concept has been varied, however:

Some have conceived a God who is fearsome and revengeful and one who punishes. That is very different from the experience of God, in meditation, as a gentle, benevolent (generous), merciful parent; as a teacher of absolute spiritual wisdom or knowledge, but a wisdom that has total humility, and is free from the demands of ego.

Yet, it is also the experience of the soul that God is the Almighty Authority, the source of all power and strength. When I meditate and connect with the Supreme, I experience a state of truth in which the combination of all the original qualities of the soul — peace, love, purity, wisdom and happiness — fills me with a positive power — a power that overcomes negativity in myself and others, so that those I am connected with become better able to experience their own truth. This power also extends to my physical surroundings, transforming the atmosphere around me.

Message 

It is on the basis of actions that praise is received.

Expression: The one who only talks but is not able to put his talk into practice does not become worthy of praise. On the other hand, the one who is able to bring his good thoughts and words into action becomes worthy of praise. Such a person’s actions become inspirational for others and encourage them to follow him.

Experience: When I am able to act according to my thoughts and words, I am able to take inspiration to do more. For every positive action that I do, I experience support and good wishes from others which encourage me constantly. My account of positivity is always full and it takes me further to a cycle of positivity making it a habit. So I find that I don’t have to work hard for performing positive actions.

 Turning Qualities Into Powers Part 2 

There are interesting spiritual parallels to the way the physical sciences differentiate energy and power. In physical terms, energy is defined as the capacity of doing work. Power is defined as the rate of doing work.

Similarly, we can look upon spiritual energy as our capacity for experiencing the original qualities of the soul. We all have this capacity, but to different degrees. Spiritual power is then seen as the extent to which we put these qualities to work in difficult situations and in our relationships. Spiritual power helps us remain in a state of truth, in the face of the various tests that come. Also, our actions and relationships give us an opportunity to utilize the power we have accumulated.

The qualities of God experienced in meditation are also the original qualities of the soul, but the link with God is essential for us to enhance these qualities inside us. In fact God, too, needs the connection with us, despite having these qualities to the highest degree, in order to exercise his power to restore truth to the world.

There are eight key spiritual powers (power to tolerate, accommodate, face, pack up, discriminate (or discern), judge (or decide), withdraw and co-operate) in terms of their application in everyday life – all of which we have discussed and shared with our readers previously.

Message 

To check regularly means to bring about a change.

Expression: When there is any negative action performed, there is an immediate feeling of guilt and a desire not to perform it again. But the checking also needs to be at a level where it never repeats again. Maintaining a chart of one’s own weakness means checking regularly. Such checking brings about a permanent change.

Experience: When I am able to maintain a chart where I could monitor my own progress, I am able to remain committed to my transformation. Adverse situations or people will never deter me, but I am able to bring about the desired change. I am able to continue the process of transformation even when what I seek to change is not harmful in the present phase of my life. Thus regular checking will prevent carelessness from creeping in.

Watch Peace of Mind TV on following DTH
TATA(Sky # 192 | Airtel Digital TV # 686 | Videocon d2h # 497 | Reliance BigTV # 171 |

online www.pmtv.in

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

-KMSRAJ51

CYMT-KMS-KMSRAJ51

____Copyright © 2013 – 2015 Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

चलाे जीवन में चलना सीखें।

Kmsraj51 की कलम से…..
Kmsraj51-CYMT-JUNE-15

ϒ चलाे जीवन में चलना सीखें। ϒ

चलाे जीवन में चलना सीखें।
जीवन में आगे बढ़ना सीखें॥

हर हाल में मुस्कुरायें हम।
दिल से खुश रहना सीखें॥

चट्टान के जैसे बनाये अपना हाैसला।
डर काे निकाले बाहर, ना डरे किसी से॥

चाहे आये आँधी और तेज तूफ़ान।
खुद की अंदर की शक्ति काे पहचाने॥

खुद पर यक़ीन करना सीखें।
पहचान लिया अगर शक्ति काे विश्वास किया खुद पर॥

आत्मविश्वास बढ़ेगा, ना डर लगेगा किसी से।
ख़ुशहाल हाे जायेगी जिंदगी, सँवर जायेगी जिंदगी॥

©- विमल गांधी 
Vimal Gandhi-kmsraj51

विमल गांधी जी।

हम दिल से आभारी हैं विमल गांधी जी के प्रेरणादायक हिन्दी कविता साझा करने के लिए।

पढ़ेंविमल गांधी जी कि शिक्षाप्रद कविताओं का विशाल संग्रह।

Please Share your comment`s.

आप सभी का प्रिय दोस्त,

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

सकारात्मक सोच + निरंतर कार्य = सफलता।

स्वयं पर और स्व-कर्माे पर विश्वास माना सफलता का आधार(नींव) मज़बूत।

 ~KMSRAJ51

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

 ~KMSRAJ51

“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की व्यर्थ के लीये समय ही ना बचे” -Kmsraj51

 ~KMSRAJ51

CYMT-KMS-KMSRAJ51

Rising Above Limits And Mental Barriers

Kmsraj51 की कलम से…..

Kmsraj51-CYMT-JUNE-15

 Rising Above Limits And Mental Barriers – Part 1 

Rising above mental limitations, which are obstacles in our life journey and slow our progress towards our life goals, is an important spiritual skill that we need to be trained in. A limitation or a barrier is a self created thought which reduces our power of determination and power to succeed in any life sphere. Suppose I have a broken relationship with a loved one, like a parent or a sibling (brother or sister) or a life partner and that causes a belief to set inside my mind that I have been unsuccessful in handling a relationship well. The belief can result in a negative perception that all relationships are sorrow giving and that perception then starts flowing in our actions and people whom we are close to do not receive the positive energy from us which they should, the energy which will make that particular relationship work.

Also, sometimes we do not know why a particular person is distancing himself from us when our words and actions towards the person are what they are expecting? In these cases, our mind has been imprisoned by an incorrect belief like the one shared above and that has affected our perception of the other person negatively. The energy of that perception constantly travels to the other person and hits him or her which causes the other person to respond to us in a manner which is different from what we would like them to. So, the mental limitis in the background in these cases. It is a self-limiting thought or series of thoughts which we constantly create either consciously or sub-consciously. Suppose, I have fared badly in a school exam in one year. As a result, I have formed a series of mental barriers in our mind like – I am not so sharp or competitive or I am a nervous exam giver or I am not so intelligent or I cannot succeed. Such barriers are strong mental forces which are like hammers hitting on our mind and personality and causing a negative impact on future events of the same nature, in this case the giving of another school exam.

Θ Message Θ

To have power means to enjoy the variety of life.

Expression: When there is the inner strength there is enthusiasm to give the best and also to learn and improve with every obstacle. To work with inner power is to be like a skilled player whose focus is on enjoying the match too rather than just on winning.

Experience: When I have learned the art of focusing on my strengths, I am able to enjoy the variety scenes that life brings for me. I would enjoy dealing with all these different scenes in a natural and easy way, and also be naturally victorious. And so I have the benefit of double enjoyment.

 Rising Above Limits And Mental Barriers – Part 2 

A significant reduction in our success rate in coming out of difficult situations is brought about by confusion or a lack of positive conviction. This lack of positivity is caused by different types of positionings of the mind which are harmful to our power of determination or faith. You know the story about the elephant whose one leg used to be tied using a small rope since the time he was young and he used to experience a lack of freedom in moving around wherever he wished. At that age, the small rope was enough to tie the elephant. As the elephant grew bigger, he possessed the physical strength to break the rope and wander around freely but instead of making use of his strength to break the rope, he did not do so and remained confined to the same small region where he used to be tied because his mind was conditioned that he cannot break the rope, which is an example of a mental limitation. In a similar manner, the inner region of our mind is the place where we as children got used to being tied with the different types of ropes of a lack of optimism or positivity – I cannot do well or I am not good enough or I am not as successful as others or I am low on self-confidence or I am an under-achiever. These ropes in many people are so strong that even when situations of success have arrived in their life in different forms as they have grown up and they have achieved reasonably in different spheres of life and they can easily break these different ropes, they still remain low on optimism. This lack of optimism restricts their freedom to succeed and ability to achieve bigger and upto the potential they possess and as expected by their friends and people whom they are close to.

The reason why our hidden potential remains untapped in most cases is a weak consciousness and this weakness is caused by emotional limitations in the form of weak thoughts and feelings over the years. These thoughts and feelings have been expressed sometimes without us realizing how each thought and feeling is having a powerful negative effect on the situations around us and coming back to us negatively in the long term. Limits are self-created and not imposed by society or circumstances on us as some of us might think and seem to experience from our life journey. We often say I feel I am weak because the following person has dominated me all my life. The dominating person is not the cause of our low self esteem but it’s what shape we have given to all his words and actions in our minds since we have been with him, is the cause of us seeing ourselves in a poor light and feeling under-confident.

Θ Message Θ

To see only problems is to become the one who only takes service.

Expression: When there is the practice of seeing only problems in all situations there is the inability to find solutions and act effectively. All the resources that could be used for the benefit of the self and others remain hidden. Such a person becomes dependent on others for finding solutions and a source of pity.

Experience: When I am caught up with problems and not able to see anything else, I am unable to experience progress. I find myself moving backward losing a lot of things I have. I would not be able to retain my self-confidence and would become dependent on others.

 Rising Above Limits And Mental Barriers – Part 3 

When a mental limit has been set in our minds, the first thing one needs to do is look inwards and check it. The next step is to change it with the help of mental strength and spiritual power, without which the limit continues to dominate our personalities. This process is commonly called at the Brahma Kumaris as – check and change. So, the weak personality characteristic in the form of a mental barrier which is influencing our thought patterns is first checked and then erased (removed) or transformed (changed) into a powerful nature characteristic which then is able to dominate the limit set and bring it down. Also, standing back from the weak thought patterns, observing them and steering or changing their direction from a negative frame of mind to a positive one is another method of working on winning or lifting the barrier. A person who is constantly thinking about failure needs to check that personality characteristic and the number of thoughts that he creates in one particular day which are focused on the possibility of failure in his life. He then needs to change them to affirmations or positive thoughts of success accompanied by visualizing the success repeatedly in a complete day with no room for the weak thoughts and images of possible failure to enter his mind.

There are 3 types of people – the first type are neither able to check and as a result they are not able to change. The second type are sensitive enough to check but they do not have the power to transform or change the direction of the thought patterns either due to lack of the power of determination or they are determined but lack the mental strength to do that. The third type can check and change both and overcome the limit and mental barrier with their mental strength. We have talked about various methods of increasing mental strength in our previous messages. Some of them are – creating positive and powerful thoughts related to the virtues of peace, love, joy, bliss, purity, power and truth or thinking deeply or churning spiritual knowledge listened to or read in the morning or meditation which is a connection between the soul and the Supreme Being or God at the Brahma Kumaris.

Θ Message Θ

To have a balance between being a master and a child is to ensure success.

Expression: To be in the consciousness of being a master means to have confidence in whatever has to be done and in the ideas that have to be put forth. Along with this if there is the consciousness of being a child, there is learning and improvement, because criticism is taken in the right spirit.

Experience: When I am able to be open to criticism as a child, I am able to learn from it. I am able to gain further mastery without being troubled by ego. My learning would never be blocked by what other people think or feel. Instead I am able to experience constant progress and sure success.

Watch Peace of Mind TV on following DTH
TATA(Sky # 192 | Airtel Digital TV # 686 | Videocon d2h # 497 | Reliance BigTV # 171 |

online www.pmtv.in

Please Share your comment`s.

© आप सभी का प्रिय दोस्त ®

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

– कुछ उपयोगी पोस्ट सफल जीवन से संबंधित –

* विचारों की शक्ति-(The Power of Thoughts)

KMSRAJ51 के महान विचार हिंदी में।

* खुश रहने के तरीके हिन्दी में।

* अपनी खुद की किस्मत बनाओ।

* सकारात्‍मक सोच है जीवन का सक्‍सेस मंत्र 

* चांदी की छड़ी।

kmsraj51- C Y M T

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought tolife by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaensolar radiation, and encourage good solar radiation to becomethemselves.

 ~KMSRAJ51 (“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

-KMSRAJ51

CYMT-KMS-KMSRAJ51

____Copyright © 2013 – 2015 Kmsraj51.com All Rights Reserved.____

भटकता इंसान।

Kmsraj51 की कलम से…..
Kmsraj51-CYMT-JUNE-15

ϒ भटकता इंसान। ϒ

Wandering-humen-kmsraj51

भटकता इंसान।

एक किसान के घर एक दिन उसका कोई परिचित मिलने आया। उस समय वह घर पर नहीं था। उसकी पत्नी ने कहा-‘वह खेत पर गए हैं। मैं बच्चे को बुलाने के लिए भेजती हूं। तब तक आप इंतजार करें।’ कुछ ही देर में किसान खेत से अपने घर आ पहुंचा। उसके साथ-साथ उसका पालतू कुत्ता भी आया। कुत्ता जोरों से हांफ रहा था। उसकी यह हालत देख, मिलने आए व्यक्ति ने किसान से पूछा-‘क्या तुम्हारा खेत बहुत दूर है?’ किसान ने कहा-‘नहीं, पास ही है। लेकिन आप ऐसा क्यों पूछ रहे हैं?’ उस व्यक्ति ने कहा-‘मुझे यह देखकर आश्चर्य हो रहा है कि तुम और तुम्हारा कुत्ता दोनों साथ-साथ आए, लेकिन तुम्हारे चेहरे पर रंच मात्र थकान नहीं जबकि कुत्ता बुरी तरह से हांफ रहा है।’ किसान ने कहा-‘मैं और कुत्ता एक ही रास्ते से घर आए हैं। मेरा खेत भी कोई खास दूर नहीं है। मैं थका नहीं हूं। मेरा कुत्ता थक गया है। इसका कारण यह है कि मैं सीधे रास्ते से चलकर घर आया हूं, मगर कुत्ता अपनी आदत से मजबूर है। वह आसपास दूसरे कुत्ते देखकर उनको भगाने के लिए उसके पीछे दौड़ता था और भौंकता हुआ वापस मेरे पास आ जाता था।

फिर जैसे ही उसे और कोई कुत्ता नजर आता, वह उसके पीछे दौड़ने लगता। अपनी आदत के अनुसार उसका यह क्रम रास्ते भर जारी रहा।
इसलिए वह थक गया है।’ देखा जाए तो यही स्थिति आज के इंसान की भी है। जीवन के लक्ष्य तक पहुंचना यूं तो कठिन नहीं है, लेकिन लोभ, मोह अहंकार और ईर्ष्या जीव को उसके जीवन की सीधी और सरल राह से भटका रही है। अपनी क्षमता के अनुसार जिसके पास जितना है, उससे वह संतुष्ट नहीं। आज लखपति, कल करोड़पति, फिर अरबपति बनने की चाह में उलझकर इंसान दौड़ रहा है। अनेक लोग ऐसे हैं जिनके पास सब कुछ है।


भरा-पूरा परिवार, कोठी, बंगला, एक से एक बढ़िया कारें, क्या कुछ नहीं है। फिर भी उनमें बहुत से दुखी रहते हैं। बड़ा आदमी बनना, धनवान
बनना बुरी बात नहीं, बनना चाहिए। यह हसरत सबकी रहती है। उसके लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होगी तो थकान नहीं होगी। लेकिन दूसरों के सामने खुद को बड़ा दिखाने की चाह के चलते आदमी राह से भटक रहा है और यह भटकाव ही इंसान को थका रहा है।

पढ़ेंविमल गांधी जी कि शिक्षाप्रद कविताओं का विशाल संग्रह।

Please Share your comment`s.

आप सभी का प्रिय दोस्त,

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

सकारात्मक सोच + निरंतर कार्य = सफलता।

स्वयं पर और स्व-कर्माे पर विश्वास माना सफलता का आधार(नींव) मज़बूत।

 ~KMSRAJ51

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

 ~KMSRAJ51

“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की व्यर्थ के लीये समय ही ना बचे” -Kmsraj51

 ~KMSRAJ51

CYMT-KMS-KMSRAJ51

KMSRAJ51 के अनमाेल वचन।

Kmsraj51 की कलम से…..

KMSRAJ51-CYMT

ϒ KMSRAJ51 के अनमाेल वचन। ϒ

अशांत मन उचित निर्णय लेने की क्षमता काे खत्म(खाे) कर देता हैं।

 ~Kmsraj51

 सकारात्मक सोच + निरंतर कार्य = सफलता।

~Kmsraj51

“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की व्यर्थ के लीये समय ही ना बचे” -Kmsraj51 

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।” -Kmsraj51

⇒ स्वयं पर और स्व-कर्माे पर विश्वास माना सफलता का आधार(नींव) मज़बूत।

 ~Kmsraj51

⇒ जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी सकारात्मक ज्ञान रुपी भोजन जरूरी हैं।

~Kmsraj51

⇒ जीने के अंदाज काे बदलने आये हम,

काैन कहता खुशियाँ थाेडी़ हैं, ज्यादा है गम…..

⇒ एक पिता परमात्मा(Supreme Soul) से अपने सर्व संबंध बनाये।

 ध्यान(Meditation) माना आत्मा द्वारा परमात्मा(ईश्वर) काे याद किया जाना।

 ~Kmsraj51

⇒ समय न गवाये वरना पछताने के अलावा कुछ न बचेगा जीवन में।

 ~Kmsraj51

आप अपने अतीत काे नही बदल सकते, लेकिन अपने वर्तमान और भविष्य काे बदलना आपके अपने हाथ में हैं। इसलिए जाे बीत गया उसे याद कर, अपने वर्तमान और भविष्य काे समाप्त ना करें। 

 ~Kmsraj51

⇒ आज के समय में 97% मनुष्य यही साेचते है, कि मेरे किस्मत में जाे हाेगा वही मिलेगा और ऐसा साेचकर वह बैठ जाते हैं। आचार्य चाणक्य जी ने कितनी अच्छी बात कही हैं। “क्या पता किस्मत में ही लिखा हाे की काेशिश करने से ही मिलेगा। “

 ~Kmsraj51

⇒ हमेशा अपनी सोच काे अन्य लोगों(दुसराें) से अलग रखाें तभी आपकी अपनी कुछ अलग पहचान बन पायेगी।

 ~Kmsraj51

⇒ आप रहाे या ना रहाे, लेकिन ऐसा कर्म कराें जीवनभर की आपके कर्म सदैव आपकाे जिवित रखें।

~Kmsraj51

⇒ जीवन में एक बार की हुई गलती को बार-बार सोचना अर्थात दाग पर दाग लगाना इसलिए बीती को बिन्दी लगाओ, और आगे बढ़ाे।

 ~Kmsraj51

⇒ किस्मत, नसीब़ और लक के भराेसे रहने पर किसी काे सफलता नहीं मिलती, सफलता ताे सच्चे मन से निरन्तर कार्य करने से ही मिलती हैं।

 ~Kmsraj51

⇒ केवल एक ही बुरा कर्म, किसी भी मनुष्य का शानाें, शाैंकत और इज़्ज़त यू मिनटाें में मिट्टी में मिला देता हैं। जैसे रेत से बना घर त्त्वरित गिर जाता हैं।

 ~Kmsraj51

मनु स्मृति के अनुसार इन ५ को कभी अतिथि नहीं बनाना चाहिए, न ही करें नमस्ते।

श्लोक ≈»

पाषण्डिनो विकर्मस्थान्बैडालव्रतिकांछठान्।
हैतुकान्वकवृत्तींश्च वाड्मात्रेणापि नार्चयेत्।।

अर्थात्- 1. पाखंडी, 2. दुष्ट कर्म करने वाला, 3. दूसरों को मूर्ख बनाकर उनका धन लूटने वाला, 4. दूसरों को दुख पहुंचाने वाला व 5. वेदों में श्रद्धा न रखने वाला। इन 5 लोगों को अतिथि नहीं बनाना चाहिए और इनका शिष्टाचार पूर्वक स्वागत भी नहीं करना चाहिए।

 ~Kmsraj51

⇒ बुरी बातें ना खुद सुनो, ना किसी काे सुनाओं।

 ~Kmsraj51

⇒ सच्चा ब्राह्मण वह है जो पूर्ण शुद्धि और विधि पूर्वक हर कार्य करे।

~Kmsraj51

⇒ नाजुक परिस्थितियों के पेपर में पास होना है तो अपनी नेचर को शक्तिशाली बनाओ।

 ~Kmsraj51

 ज्ञान और ध्यान का हाेना जरूरी हैं जीवन में। बिना ज्ञान और ध्यान के दिमाग शांत नहीं हाे सकता, साे जीवन में, ज्ञान और ध्यान का हाेना बहुत जरूरी हैं।

~Kmsraj51

⇒ “आत्मविश्वास किसी भी इंसान के लिए सर्वश्रेष्ठ आत्मिक शक्ति है। अगर वह स्वयं पर विश्वास रखकर कोई कर्म करता है तो कोई भी मुश्किल उसका रास्ता नहीं रोक सकती”।

~Kmsraj51

जीवन मंदिर सा पावन हाे, बाताें में सुंदर सावन हाे।

स्वाथ॔ ना भटके पास ज़रा भी, हर दिन मानो वृंदावन हाे॥

~KMSRAJ51 

⇒ रीयल डायमण्ड बनकर अपने वायब्रेशन की चमक विश्व में फैलाओ।

~Kmsraj51

⇒ चोट लगाने वाले का काम है चोट लगाना और आपका काम है अपने को बचा लेना।

~Kmsraj51

⇒ ज्ञान कभी बुरा नहीं हाेता, इंसान(जीवआत्मा) आैर इंसान के कर्म बुरे हाेते हैं।

~Kmsraj51

⇒ संकल्पों को बचाओ तो समय, बोल सब स्वत: बच जायेंगे।

~Kmsraj51

⇒ समय की कद्र करो, अवसर का लाभ उठाओ और शब्दों को सोच समझ कर खर्च करो।

~Kmsraj51

⇒ दृढ़ता कड़े संस्कारों को भी मोम की तरह पिघला (खत्म कर) देती है।

~Kmsraj51

⇒ त्रिकालदर्शी बनकर हर कर्म करो तो सफलता सहज मिलती रहेगी।

~Kmsraj51

⇒ मनुष्य का सारा कैरेक्टर विकारों ने बिगाड़ा है।

~Kmsraj51

 आत्मा रूपी पुरूष को श्रेष्ठ बनाने वाले ही सच्चे पुरूषार्थी हैं।

~Kmsraj51

⇒ सबसे बड़े ज्ञानी वह हैं जो आत्म-अभिमानी रहते हैं।

~Kmsraj51

जाे आपका आैर आपके समय के वैल्यू काे ना समझे।

उसके लिए कभी भी कार्य (Work) ना कराे॥

~KMSRAJ51

» » » » » » »

In-English…..

Purity is the foundation of true peace & happiness,

It is your most valuable Property in your life,

Preserve it at any cast. !!

In-Hindi…..

पवित्रता सच शांति और खुशी का धार है.

यह पके जीवन में सबसे मूल्यवान संपत्ति है.

यह किसी भी कलाकार की रक्षा करता है!!

~KMSRAJ51

“सफलता का सबसे बड़ा सूत्र”(KMSRAJ51)

“स्वयं से वार्तालाप(बातचीत) करके जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन लाया जा सकता है। ऐसा करके आप अपने भीतर छिपी बुराईयाें(Weakness) काे पहचानते है, और स्वयं काे अच्छा बनने के लिए प्रोत्सािहत करते हैं।”

In English

Amazing changes the conversation yourself can be brought to life by. By doing this you Recognize hidden within the buraiyaen solar radiation, and encourage good solar radiation to become themselves.

 ~KMSRAJ51(“तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से)

किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए हिम्मत और उमंग-उत्साह बहुत जरूरी है।

जहाँ उमंग-उत्साह नहीं होता वहाँ थकावट होती है और थका हुआ कभी सफल नहीं होता।

 ~KMSRAJ51

अगर जीवन में सफल हाेना हैं, ताे कभी भी काेई भी कार्य करें ताे पुरें मन से करे।

जीवन में सफलता आपकाे देर से ही सही लेकिन सफलता आपकाे जरुर मिलेगी॥

 ~KMSRAJ51

जिनके संकल्प में दृढ़ता की शक्ति है, उनके लिए हर कार्य सम्भव है।

 ~KMSRAJ51

जीवन में सदैव शांत मन से साेंच समझ़ कर हीं काेई निर्णय लें।

और जाे निर्णय एकबार लें उसका जीवन में दृढ़ता से पालन करें।

 ~KMSRAJ51

अगर आपको लगता है, आप ऐसा कर सकते हैं, आप सही हैं।

तैयारी इतनी खामोशी से करो की सफलता शोर मचा दे |

 ~KMSRAJ51

अगर जीवन में सफल हाेना हैं, ताे जहाँ १० शब्दाें से काेई बात बन जाये वहा पर।

१०० शब्द बाेलकर अपनी मानसिक और वाणी की ऊर्जा को नष्ट नहीं करना चाहिए॥

 ~KMSRAJ51

प्रश्न :- दोस्त क्या है?\मित्र क्या है?

उत्तर :- “एक आत्मा जाे दाे शरीराें में निवास करती है”

 समय रूपी अमूल्य उपहार का एक क्षण भी आलस्य और प्रमाद में नष्ट न करें।

 ~KMSRAJ51

 » » » » » » » » » » » » » » » » 

Quotes Source:- “तू ना हो निराश कभी मन से” किताब से।

CYMT-KMSRAJ51

Please Share your comment`s.

आपका सबका प्रिय दोस्त,

Krishna Mohan Singh(KMS)
Head Editor, Founder & CEO
of,,  http://kmsraj51.com/

———– @ Best of Luck @ ———–

Note::-

यदि आपके पास हिंदी या अंग्रेजी में कोई Article, Inspirational StoryPoetry या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: kmsraj51@hotmail.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!!

Also mail me ID: cymtkmsraj51@hotmail.com (Fast reply)

cymt-kmsraj51

“अगर अपने कार्य से आप स्वयं संतुष्ट हैं, ताे फिर अन्य लोग क्या कहते हैं उसकी परवाह ना करें।”

 ~KMSRAJ51

“अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो, की व्यर्थ के लीये समय ही ना बचे” -Kmsraj51

 ~KMSRAJ51